चेन्नई ने मेरे साथ किसी भी शहर से ज्यादा गहरा रिश्ता बनाया: पुलिस चीफ
रिटायर पुलिस ऑफिसर ने बताया कि चेन्नई ने उनके साथ तीन दशक में कितना गहरा रिश्ता बनाया और कोविड में शहर ने कैसे इंसानियत दिखाई।
चेन्नई मुझसे ऐसे जुड़ गई जैसे कोई और जगह नहीं जुड़ी, पुलिस फोर्स के हेड ने कहा
एक सीनियर पुलिस ऑफिसर जो पहली बार 1996 में चेन्नई आए थे, उन्होंने बताया कि इस शहर ने उनके साथ इतना गहरा इमोशनल कनेक्शन बनाया जितना उनकी जिंदगी में किसी और जगह ने नहीं बनाया। उन्होंने करीब तीन दशक की सर्विस के दौरान यहां के लोगों को इस रिश्ते का श्रेय दिया।
इन ऑफिसर ने कमिश्नर ऑफ पुलिस और डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस समेत कई अहम पदों पर काम किया। रिटायरमेंट के बाद उन्होंने अपनी कहानी सुनाई, जिसमें उन्होंने अपने करियर के अलग-अलग पड़ावों में मिले प्यार और भरोसे के बारे में बात की।
जमीनी पुलिसिंग से लेकर टॉप कमांड तक
वो चेन्नई की पुलिस हायरार्की में ऊपर तक पहुंचे। उन्होंने फ्लावर बाजार के डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस, डीसीपी ट्रैफिक, साउथ चेन्नई के एडिशनल कमिश्नर जैसे पदों पर काम किया। इसके बाद शहर के पुलिस चीफ बने और फिर डीजीपी बन गए। उन्हें डीसीपी के शुरुआती साल खास याद हैं, जब वो अपनी टीम के साथ जमीन पर मिलकर काम करते थे।
"उन सालों में बहुत मेहनत लगी, लेकिन लोगों की गर्मजोशी, भरोसे और प्यार ने हर मुश्किल को पूरी तरह पाट दिया," उन्होंने कहा।
पैंडेमिक के दौरान मजबूती ने उनकी सोच बदल दी
ऑफिसर ने कोविड-19 संकट के दौरान चेन्नई के रवैये को एक खास पल बताया, जिसने शहर का असली चरित्र दिखा दिया। दुनियाभर के शहर इस अनोखी हेल्थ इमरजेंसी से जूझ रहे थे, लेकिन चेन्नई के लोगों ने एक साथ मिलकर जो भावना दिखाई, वो अलग ही थी।
उनके मुताबिक, चेन्नई के लोग एक-दूसरे की मदद के लिए आगे आए, जरूरी चीजें बांटीं, जरूरतमंदों का साथ दिया और उस मुश्किल दौर में इंसानियत और हमदर्दी दिखाई।
विविधता और हमदर्दी से बनी है शहर की पहचान
चेन्नई उनके लिए क्या है, इसे समेटते हुए ऑफिसर ने कहा कि यह एक ऐसी जगह है जहां विविधता एकता बन जाती है, मुश्किलें लोगों को करीब ले आती हैं और हमदर्दी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा है। "सालों से यह शहर मेरा हिस्सा बन चुका है: और मैं उस प्यार, भरोसे और यादों के लिए हमेशा शुक्रगुजार रहूंगा जो इसने मुझे दी हैं," उन्होंने कहा।
यह बयान संगीता कांडवेल को सुनाया गया।
स्रोत: The Hindu
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
पुलिस चीफ ने चेन्नई से अपना रिश्ता कैसे बताया?
पुलिस चीफ ने कहा कि चेन्नई ने उनके साथ किसी भी दूसरे शहर से ज्यादा गहरा इमोशनल कनेक्शन बनाया। उन्होंने तीन दशक की सर्विस के दौरान शहर के लोगों का गर्मजोशी, भरोसा और प्यार महसूस किया।
पुलिस चीफ ने अपने करियर में कौन-कौन से अहम पद संभाले?
उन्होंने फ्लावर बाजार के डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस, डीसीपी ट्रैफिक, साउथ चेन्नई के एडिशनल कमिश्नर, फिर चेन्नई के पुलिस चीफ और आखिर में डीजीपी के पद पर काम किया।
कोविड-19 पैंडेमिक के दौरान चेन्नई के लोगों ने क्या सीख दी?
पैंडेमिक के समय चेन्नई के लोगों ने एक-दूसरे की मदद के लिए आगे आए, जरूरी चीजें बांटीं और हमदर्दी का परिचय दिया। इसने पुलिस चीफ की सोच बदल दी और शहर का असली चरित्र दिखा दिया।
पुलिस चीफ के लिए चेन्नई की क्या खास पहचान है?
पुलिस चीफ के अनुसार, चेन्नई एक ऐसी जगह है जहां विविधता एकता बन जाती है, मुश्किलें लोगों को करीब ले आती हैं और हमदर्दी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा है।
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