मुजफ्फरनगर के स्कूल में रिटायर्ड मेजर जनरल ने सिखाई भविष्य की तैयारी
मुजफ्फरनगर के जड़ौदा इलाके में स्थित होली चाइल्ड पब्लिक इंटर कॉलेज में स्टूडेंट्स और टीचर्स के लिए एक खास वर्कशॉप का आयोजन किया गया।
मुजफ्फरनगर के जड़ौदा इलाके में स्थित होली चाइल्ड पब्लिक इंटर कॉलेज में स्टूडेंट्स और टीचर्स के लिए एक खास वर्कशॉप का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में रिटायर्ड मेजर जनरल डॉ. प्रमोद सहगल ने बच्चों को रोजगार के बदलते मौकों और शिक्षकों को आधुनिक पढ़ाने के तरीकों के बारे में अहम जानकारी दी। वर्कशॉप दो सेशन में हुई जिसमें पहले सेशन का विषय था 'भारत में रोजगार के बेहतरीन अवसर' और दूसरे सेशन में 'आज के बदलते माहौल में शिक्षकों से उम्मीदें' पर चर्चा की गई।
स्टूडेंट्स को संबोधित करते हुए मेजर जनरल सहगल ने कहा कि आज के दौर में सिर्फ डिग्री लेना काफी नहीं है। उन्होंने कहा कि बच्चों को कंप्यूटर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, आधुनिक टेक्नोलॉजी, बातचीत करने का हुनर, सॉफ्ट स्किल्स और समस्या हल करने जैसी काबिलियत विकसित करनी होगी। उन्होंने फूड इंडस्ट्री, रक्षा और सुरक्षा, एनर्जी और आधुनिक खेती जैसे अलग-अलग क्षेत्रों में रोजगार और खुद काम शुरू करने के मौकों के बारे में बताया। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि बच्चों को नौकरी पाने के साथ-साथ रिसर्च, नए आइडिया और नए मौके पैदा करने के लिए भी तैयार रहना चाहिए।
टीचर्स को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि एक शिक्षक सिर्फ पढ़ाने वाला नहीं बल्कि बच्चों के लिए रोल मॉडल भी होता है। शिक्षक के कपड़े, बर्ताव, आत्मविश्वास, बॉडी लैंग्वेज और भावनाओं को समझने का बच्चों पर गहरा असर पड़ता है। उन्होंने कहा कि शिक्षा का मकसद सिर्फ अच्छे नंबर दिलाना नहीं है बल्कि बच्चों को अच्छे संस्कार, इंसानी वैल्यू, डिसिप्लिन और ज़िम्मेदारी की भावना के साथ एक बेहतर इंसान और ज़िम्मेदार नागरिक बनाना भी होना चाहिए।
प्रोग्राम के आखिर में स्कूल की तरफ से मुख्य मेहमान और बाकी मेहमानों को शॉल और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। प्रिंसिपल प्रवेन्द्र दहिया ने सभी का शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि ऐसी वर्कशॉप स्टूडेंट्स और टीचर्स को बदलते वक्त की चुनौतियों के लिए तैयार करने में अहम रोल निभाती हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
मुजफ्फरनगर के होली चाइल्ड पब्लिक इंटर कॉलेज में कौन सी वर्कशॉप हुई?
रिटायर्ड मेजर जनरल डॉ. प्रमोद सहगल ने स्टूडेंट्स और टीचर्स के लिए दो सेशन की वर्कशॉप की। पहले सेशन में 'भारत में रोजगार के बेहतरीन अवसर' और दूसरे में 'आज के बदलते माहौल में शिक्षकों से उम्मीदें' पर चर्चा की गई।
मेजर जनरल सहगल के अनुसार बच्चों को भविष्य के लिए कौन सी स्किल्स सीखनी चाहिए?
उन्होंने कहा कि सिर्फ डिग्री काफी नहीं है। बच्चों को कंप्यूटर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, आधुनिक टेक्नोलॉजी, बातचीत करने का हुनर, सॉफ्ट स्किल्स और समस्या हल करने की काबिलियत विकसित करनी होगी।
शिक्षकों की क्या भूमिका होनी चाहिए बच्चों के विकास में?
शिक्षक सिर्फ पढ़ाने वाला नहीं बल्कि बच्चों के लिए रोल मॉडल भी होता है। शिक्षक की ड्रेसिंग, बर्ताव, आत्मविश्वास और भावनाओं को समझना बच्चों पर गहरा असर डालता है।
मेजर जनरल सहगल के हिसाब से शिक्षा का असली मकसद क्या है?
शिक्षा का मकसद सिर्फ अच्छे नंबर देना नहीं है बल्कि बच्चों को अच्छे संस्कार, इंसानी वैल्यूज, डिसिप्लिन और जिम्मेदारी की भावना के साथ एक बेहतर इंसान और जिम्मेदार नागरिक बनाना भी होना चाहिए।
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