फरार घोषित रिटायर्ड आईएएस रमेश थेटे नागपुर से गिरफ्तार
फरार घोषित किए गए मध्य प्रदेश कैडर के रिटायर्ड IAS अधिकारी रमेश एस. थेटे को धोखाधड़ी और चेक बाउंस के मामले में भोपाल की MP नगर पुलिस ने नागपुर से गिरफ्तार किया है।
फरार घोषित किए गए मध्य प्रदेश कैडर के रिटायर्ड IAS अधिकारी रमेश एस. थेटे को धोखाधड़ी और चेक बाउंस के मामले में भोपाल की MP नगर पुलिस ने नागपुर से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने यह कार्रवाई बुधवार को नागपुर के मनीष नगर इलाके में की। इस दौरान स्थानीय बेलतरोड़ी पुलिस ने भी सहयोग किया।
गिरफ्तारी के बाद भोपाल पुलिस रमेश थेटे को भोपाल ला रही है। यहां उनसे पूछताछ की जाएगी। पूछताछ के बाद उन्हें कोर्ट में पेश किया जाएगा। मामले में आगे की कार्रवाई न्यायालय के निर्देशों के अनुसार होगी।
रमेश थेटे की गिरफ्तारी के लिए भोपाल कोर्ट पहले ही स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी कर चुकी थी। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी यानी JMFC कल्पना कोतवाल की अदालत ने 23 मार्च 2026 को उन्हें फरार घोषित करते हुए यह आदेश दिया था।
अदालत ने यह कार्रवाई लगातार सुनवाई में गैरहाजिर रहने और पहले जारी किए गए वारंट की तामील नहीं हो पाने के बाद की थी। न्यायालय के रिकॉर्ड के मुताबिक, रमेश थेटे को सुनवाई के दौरान अदालत में उपस्थित होने के कई मौके दिए गए थे। इसके बावजूद वह कोर्ट में पेश नहीं हुए।
इससे पहले भी उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किए गए थे। हालांकि, उन वारंट की तामील नहीं हो सकी। अदालत के रिकॉर्ड में इस बात का भी उल्लेख है कि रमेश थेटे सुनवाई के दौरान लगातार अनुपस्थित रहे।
23 मार्च 2026 की आदेश-पत्रिका में अदालत ने मौजूदा परिस्थितियों के आधार पर आशंका जताई थी कि आरोपी जानबूझकर गिरफ्तारी वारंट की तामील से बच रहे हैं। परिवादी ने भी अदालत में आवेदन देकर बताया था कि आरोपी लगातार गैरहाजिर हैं और अदालत के निर्देशों के बावजूद पेश नहीं हो रहे हैं।
इसके बाद अदालत ने परिवादी का आवेदन स्वीकार कर लिया। अदालत ने रमेश थेटे के खिलाफ स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी करने का आदेश दिया। उनकी उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाया गया था।
अदालत ने दंड प्रक्रिया संहिता यानी CrPC की धारा 299 के तहत रमेश थेटे को फरार घोषित करने की कार्रवाई की। स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी करने के साथ अदालत ने प्रकरण को अभिलेखागार में सुरक्षित रखने का निर्देश भी दिया था।
रमेश थेटे के खिलाफ भोपाल के हबीबगंज और MP नगर थानों के अलावा लोकायुक्त में भी अलग-अलग मामले दर्ज होने की जानकारी है। इन मामलों में आय से अधिक संपत्ति, बैंक संबंधी धोखाधड़ी और चेक बाउंस से जुड़े मामलों का भी उल्लेख है।
फरवरी 2023 में लोकायुक्त में दर्ज एक FIR में उनकी पत्नी मंदा थेटे को भी आरोपी बनाया गया था। लोकायुक्त से जुड़े इस मामले में भी रमेश थेटे का नाम दर्ज है।
अब नागपुर से गिरफ्तारी के बाद भोपाल पुलिस रमेश थेटे से उनसे संबंधित प्रकरणों में पूछताछ करेगी। पुलिस उनसे धोखाधड़ी और चेक बाउंस मामले से जुड़े पहलुओं पर जानकारी लेगी। इसके बाद उन्हें अदालत में पेश किया जाएगा। आगे की कार्रवाई कोर्ट के निर्देशों के अनुसार की जाएगी।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
रमेश एस. थेटे को कहां से गिरफ्तार किया गया?
भोपाल की MP नगर पुलिस ने उन्हें नागपुर के मनीष नगर इलाके से गिरफ्तार किया।
रमेश थेटे को किस मामले में गिरफ्तार किया गया?
उन्हें धोखाधड़ी और चेक बाउंस के मामले में गिरफ्तार किया गया।
रमेश थेटे को फरार क्यों घोषित किया गया था?
वह लगातार अदालत की सुनवाई में गैरहाजिर रहे और पहले जारी वारंट की तामील नहीं हो सकी थी।
गिरफ्तारी के बाद रमेश थेटे के साथ क्या होगा?
भोपाल पुलिस उन्हें भोपाल लाएगी, जहां पूछताछ के बाद कोर्ट में पेश किया जाएगा।
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