राप्ती नदी के कटान से करोड़ों का पुल खतरे में, ग्रामीणों का आना-जाना थम सकता है
श्रावस्ती में राप्ती नदी के कटान से करोड़ों की लागत से बना पुल का एप्रोच रोड खतरे में आ गया है।
श्रावस्ती में राप्ती नदी के कटान से करोड़ों की लागत से बना पुल का एप्रोच रोड खतरे में आ गया है। नेपाल में आई तबाही और फ्लैश फ्लड के बीच राप्ती नदी के बढ़ते जलस्तर ने तटीय इलाकों में कटान का बड़ा खतरा पैदा कर दिया है। हालांकि राप्ती बैराज पर पानी का स्तर घटकर खतरे के निशान से नीचे आ गया है, लेकिन कुसुम बैराज की तरफ नदी में बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
सबसे बड़ा संकट गिलौला से भिनगा मार्ग के बीच राप्ती नदी के सिसवारा घाट पर मंडरा रहा है। नाबार्ड योजना के तहत करीब 37.52 करोड़ रुपये की लागत से बने दो लेन के पुल के पहुंच मार्ग पर नदी की तेज धार सीधा हमला कर रही है। अगर यह रास्ता कट गया तो सैकड़ों लोगों का आना-जाना पूरी तरह बंद हो जाएगा।
कटान रोकने के लिए सेतु निगम ईंट-पत्थर, बांस की बल्ली और मिट्टी भरी बोरियों से अस्थाई बंधा बनाने की कोशिश कर रही है। लेकिन नदी का तेज बहाव इन बोरियों को बहाकर ले जा रहा है और स्थानीय स्तर पर किए जा रहे उपाय कारगर साबित नहीं हो पा रहे हैं।
बिगड़ते हालात को देखते हुए ग्रामीणों ने श्रावस्ती की DM अन्नपूर्णा गर्ग से फौरन ठोस कदम उठाने और स्थाई बचाव का काम कराने की गुहार लगाई है। जिला प्रशासन के मुताबिक फिलहाल नदी में अचानक पानी के स्तर में बड़ी बढ़ोतरी की आशंका नहीं है, लेकिन किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए अलर्ट सिस्टम पूरी तरह तैयार रखा गया है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
राप्ती नदी के कटान से कौन सा पुल खतरे में है?
श्रावस्ती के गिलौला से भिनगा मार्ग के बीच सिसवारा घाट पर नाबार्ड योजना के तहत बना दो लेन का पुल खतरे में है। इस पुल को बनाने में 37.52 करोड़ रुपये की लागत आई थी।
नदी के कटान से क्या नुकसान हो सकता है?
अगर यह पुल का रास्ता कट गया तो सैकड़ों लोगों का आना-जाना पूरी तरह रुक जाएगा। इलाके में लोगों की आवाजाही पूरी तरह बंद हो सकती है।
कटान रोकने के लिए क्या उपाय किए जा रहे हैं?
सेतु निगम ईंट-पत्थर, बांस की बल्ली और मिट्टी भरी बोरियों से अस्थाई बंधा बना रही है। लेकिन नदी का तेज बहाव इन बोरियों को बहा ले जा रहा है।
क्या राप्ती नदी का पानी खतरे के निशान से ऊपर है?
राप्ती बैराज पर पानी का स्तर खतरे के निशान से नीचे आ गया है, लेकिन कुसुम बैराज की तरफ नदी में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। जिला प्रशासन के मुताबिक फिलहाल पानी के स्तर में बड़ी बढ़ोतरी की आशंका नहीं है।
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