किसान डिजिटल पहचान पूरी कर राजस्थान उत्तर भारत में पहला राज्य बना
राजस्थान ने केंद्रीय टारगेट पूरा कर 90.19 लाख किसान पहचान कार्ड जारी किए। ऐसा करने वाला यह उत्तर भारत का पहला राज्य बना।
राजस्थान ने 90.19 लाख किसान पहचान कार्ड जारी करने का केंद्रीय कृषि मंत्रालय का टारगेट पूरा कर लिया है। इसके साथ ही यह किसानों की डिजिटल पहचान पूरी करने वाला उत्तरी भारत का पहला राज्य और देश का छठा राज्य बन गया है।
केंद्र की ओर से तय टारगेट पूरा
यह टारगेट केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय ने तय किया था। इसके पूरा होने से पात्र लाभार्थियों की पहचान आसान होने की उम्मीद है।
डिजिटल पहचान सिस्टम का मकसद यह भी है कि किसानों के लिए अलग-अलग सेवाओं को ज्यादा टारगेटेड तरीके से पहुंचाया जा सके।
राज्य के कृषि आयुक्त नरेश कुमार गोयल ने मंगलवार को यहां कहा कि किसानों के लिए सत्यापित डिजिटल पहचान बनने से पहचान कार्ड, भूमि रिकॉर्ड और फसल रजिस्ट्री को आपस में जोड़ने में मदद मिलेगी।
कृषि जनगणना की होल्डिंग्स से ज्यादा कवरेज
किसानों की डिजिटल पहचान का कवरेज 2015-16 की कृषि जनगणना में दर्ज 76.54 लाख ऑपरेशनल होल्डिंग्स की तुलना में लगभग 118% तक पहुंच गया है।
यह कवरेज कृषि और राजस्व विभागों की तालमेल वाली कोशिशों से हासिल किया गया।
श्री गोयल ने कहा कि पहचान कार्ड, भूमि रिकॉर्ड और फसल रजिस्ट्री के आपस में जुड़ने से फसल बीमा, खाद वितरण और एमएसपी पर कृषि उपज की खरीद जैसी सेवाओं की डिलीवरी मजबूत होगी।
सेवाओं के और ज्यादा टारगेटेड होने की उम्मीद
श्री गोयल ने कहा कि आने वाले समय में यह सिस्टम किसानों को कृषि कर्ज, अच्छी क्वालिटी के इनपुट, स्थानीय और जरूरत के हिसाब से कृषि सलाह सेवाओं और मार्केट लिंक तक बेहतर पहुंच देने में मदद करेगा।
यह पहल माइक्रो-इरिगेशन, जल संरक्षण, बीज और कृषि इनपुट को मजबूत करने में भी मदद करेगी।
यह प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में नामांकन को भी और सपोर्ट करेगी।
यह जानकारी 30 सितंबर, 2026 को 01:30 एएम आईएसटी पर प्रकाशित की गई थी।
स्रोत: The Hindu
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
राजस्थान ने किसानों की डिजिटल पहचान में क्या उपलब्धि हासिल की है?
राजस्थान ने 90.19 लाख किसान पहचान कार्ड जारी करने का केंद्रीय कृषि मंत्रालय का टारगेट पूरा कर लिया है। इसके साथ वह उत्तर भारत में किसानों की डिजिटल पहचान पूरी करने वाला पहला राज्य बन गया है।
देश में राजस्थान इस मामले में कौन सा राज्य बना है?
राजस्थान देश का छठा राज्य बना है जिसने किसानों की डिजिटल पहचान पूरी की है।
किसान डिजिटल पहचान से क्या फायदा होगा?
इससे पात्र किसानों की पहचान आसान होगी और पहचान कार्ड, भूमि रिकॉर्ड और फसल रजिस्ट्री को जोड़कर सेवाएं ज्यादा सही तरीके से किसानों तक पहुंचाई जा सकेंगी।
डिजिटल पहचान से किन सेवाओं में मदद मिलने की उम्मीद है?
इससे फसल बीमा, खाद वितरण, एमएसपी पर खरीद, कृषि कर्ज, अच्छी क्वालिटी के इनपुट, कृषि सलाह और मार्केट लिंक जैसी सेवाओं में मदद मिलने की उम्मीद है।
राजस्थान में डिजिटल पहचान का कवरेज कितना पहुंचा है?
कवरेज 2015-16 की कृषि जनगणना में दर्ज 76.54 लाख ऑपरेशनल होल्डिंग्स के मुकाबले करीब 118% तक पहुंच गया है।
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