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रायपुर के रुद्रांश चौबे ने हॉर्मुज़ स्ट्रेट में बिताए 90 दिन, ईरान-अमेरिका तनाव के बीच जहाज पर मिसाइल और ड्रोन देखे

रायपुर के रुद्रांश चौबे, एक ट्रेनी नेविगेटिंग ऑफिसर, ने ईरान-अमेरिका तनाव के दौरान हॉर्मुज़ स्ट्रेट में 90 दिन बिताए। इस दौरान उनके जहाज पर मिसाइल और ड्रोन के खतरे का सामना करना पड़ा। 6 महीने का कॉन्ट्रैक्ट पूरा होने पर उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला गया।

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रायपुर के रुद्रांश चौबे, एक ट्रेनी नेविगेटिंग ऑफिसर, ने ईरान-अमेरिका तनाव के दौरान हॉर्मुज़ स्ट्रेट में 90 दिन बिताए।

इस दौरान उनके जहाज पर मिसाइल और ड्रोन के खतरे का सामना करना पड़ा।

6 महीने का कॉन्ट्रैक्ट पूरा होने पर उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला गया।

Rudransh Choubey spent 90 days aboard a cargo ship trapped i · NewsDarpan AI

Rudransh Choubey spent 90 days aboard a cargo ship trapped i · NewsDarpan AI

रायपुर के निवासी रुद्रांश चौबे, जो एक ट्रेनी नेविगेटिंग ऑफिसर हैं, ने ईरान और अमेरिका के बीच तनाव के दौरान हॉर्मुज़ स्ट्रेट में 90 दिन बिताए। उनका जहाज उस क्षेत्र में फंसा था जहां युद्ध चल रहा था। इस दौरान उन्होंने मिसाइल, ड्रोन और लड़ाकू विमानों को अपने जहाज के ऊपर से गुजरते देखा। एक बार ड्रोन का टूटे हुए हिस्से ने उनके जहाज को भी क्षति पहुंचाई। जहाज पर कुल 22 क्रू सदस्य थे, और सभी ने इंजन रूम में छिपकर अपनी सुरक्षा सुनिश्चित की। रुद्रांश ने बताया कि जीपीएस स्पूफिंग जैसी घटनाएं भी हुईं, जिससे स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो गई। 6 महीने का कॉन्ट्रैक्ट पूरा होने पर कंपनी ने एक विशेष बोट भेजकर उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला। दुबई पहुंचने के बाद वह हवाई मार्ग से अपने घर लौटे। परिवार ने उनकी सुरक्षित वापसी पर राहत और गर्व व्यक्त किया। रुद्रांश ने इस अनुभव को जीवनभर याद रखने वाला बताया।

मुख्य बातें

  • रुद्रांश चौबे ने हॉर्मुज़ स्ट्रेट में 90 दिन बिताए, जहां ईरान-अमेरिका तनाव चल रहा था।
  • जहाज पर मिसाइल, ड्रोन और लड़ाकू विमानों के खतरे का सामना करना पड़ा।
  • जीपीएस स्पूफिंग और तकनीकी समस्याओं ने स्थिति को और चुनौतीपूर्ण बनाया।
  • कंपनी ने 6 महीने का कॉन्ट्रैक्ट पूरा होने पर उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला।
  • परिवार ने उनकी सुरक्षित वापसी पर राहत और गर्व व्यक्त किया।