आपदा पूर्वानुमान पर बोले आर.पी. सिसोदिया, जानें क्यों है जरूरी
सटीक आपदा पूर्वानुमान से बचाई जा सकती हैं जानें: आर.पी. सिसोदिया मंगलगिरी: इंडस्ट्रीज और कॉमर्स (हैंडलूम्स और टेक्सटाइल्स) के स्पेशल चीफ सेक्रेटरी आर.पी.
सटीक आपदा पूर्वानुमान से बचाई जा सकती हैं जानें: आर.पी. सिसोदिया
मंगलगिरी: इंडस्ट्रीज और कॉमर्स (हैंडलूम्स और टेक्सटाइल्स) के स्पेशल चीफ सेक्रेटरी आर.पी. सिसोदिया ने कहा है कि सटीक आपदा पूर्वानुमान, प्रभावी आपदा प्रबंधन की नींव है। सोमवार को आंध्र प्रदेश ह्यूमन रिसोर्स डिवेलपमेंट इंस्टीट्यूट (APHRDI) में प्रोबेशनरी डिप्टी कलेक्टर्स को संबोधित करते हुए उन्होंने बताया कि आपात स्थिति में जान बचाने और नुकसान कम करने के लिए यह बेहद जरूरी है।
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तैयारी जितनी जरूरी, उतनी ही प्रतिक्रिया
आपदा तैयारी और प्रतिक्रिया पर लेक्चर के दौरान सिसोदिया ने बताया कि अगर आपदा के समय, तीव्रता और अवधि का सही पूर्वानुमान हो, तो प्रशासन पहले से ही मैनपावर, उपकरण और जरूरी संसाधनों की योजना बना सकता है। उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन सिर्फ आपातकालीन प्रतिक्रिया तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि तैयारी पर भी उतना ही जोर देना चाहिए। उन्होंने कहा कि शुरुआती चेतावनी सिस्टम और प्रभावी संचार से कमजोर समुदायों को सुरक्षित निकाला जा सकता है।
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तकनीक और समन्वय से मिल सकती है सफलता
सिसोदिया ने आपात स्थिति में केंद्र, राज्य सरकारों, जिला प्रशासन और संबंधित विभागों के बीच समन्वय के महत्व पर भी जोर दिया। उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), सैटेलाइट मॉनिटरिंग, एडवांस टेलीकम्युनिकेशन और ड्रोन जैसी आधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल की वकालत की। इनसे आपदा पूर्वानुमान, रियल-टाइम मॉनिटरिंग, नुकसान का आकलन और राहत कार्यों में मदद मिल सकती है।
आंध्र प्रदेश द्वारा चक्रवात, बाढ़ और सूखे जैसी आपदाओं—हाल की विजयवाड़ा बाढ़ और गोदावरी पुष्करम समेत—के प्रबंधन के अनुभवों का जिक्र करते हुए सिसोदिया ने कहा कि सटीक योजना और संसाधनों का सही प्रबंधन प्रभावी आपदा प्रतिक्रिया के अहम पहलू हैं।
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भविष्य के प्रशासकों को प्रशिक्षण
यह लेक्चर APHRDI के 12 हफ्तों के इंडक्शन प्रोग्राम का हिस्सा था, जिसमें आठ प्रोबेशनरी डिप्टी कलेक्टर्स को पब्लिक सर्विस के लिए जरूरी स्किल्स सिखाई जा रही हैं। सिसोदिया के विचारों ने आपदा प्रबंधन रणनीतियों पर अहम मार्गदर्शन दिया और प्राकृतिक आपदाओं के प्रभाव को कम करने के लिए सक्रिय कदम उठाने की जरूरत को दोहराया।
आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल और विभिन्न एजेंसियों के बीच सहयोग को बढ़ावा देकर आंध्र प्रदेश आपदा तैयारी और प्रतिक्रिया में नए मानक स्थापित कर रहा है। सिसोदिया के बयान इस बात पर जोर देते हैं कि इन प्रयासों से संकट के समय लोगों की जान और आजीविका बचाई जा सकती है।
स्रोत: The Hindu
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