आप सरकार आज 4 लाख स्कूल बैग बांटेगी भगवंत मान की फोटो के साथ
आज भगवंत मान की फोटो वाले 4 लाख स्कूल बैग बांटेगी आप सरकार पंजाब सरकार आज 4 लाख स्कूल बैग बांटने जा रही है, जिन पर मुख्यमंत्री भगवंत मान की फोटो छपी है।
पंजाब सरकार आज 4 लाख स्कूल बैग बांटने जा रही है, जिन पर मुख्यमंत्री भगवंत मान की फोटो छपी है। ये पीले रंग के बैग पंजाब स्कूल एजुकेशन बोर्ड (पीएसईबी) ने डिजाइन और प्रिंट किए हैं। सोमवार को ये बैग स्कूलों में पहुंच गए थे। इन्हें 11वीं और 12वीं के छात्रों को दिया जाएगा। बैग पर "पंजाब शिक्षा क्रांति" का नारा भी लिखा गया है, जो आप सरकार की शिक्षा सुधार योजनाओं को प्रमोट करता है।
बैग को लेकर सियासी बहस
सरकारी अधिकारियों का कहना है कि इस पहल का मकसद सीनियर सेकेंडरी छात्रों को किताबें और असाइनमेंट ले जाने में मदद करना है। लेकिन आलोचकों का कहना है कि इसमें राजनीतिक मकसद छिपा है। शिक्षकों और यूनियन नेताओं का आरोप है कि ये कदम पहली बार वोट डालने वाले छात्रों को प्रभावित करने की कोशिश है, क्योंकि 12वीं के कई छात्र 18 साल या उससे ज्यादा उम्र के हैं। लेक्चरर कैडर यूनियन के राज्य सचिव धरमजीत सिंह ने कहा, "अगर सच में मदद करनी थी तो परीक्षा रजिस्ट्रेशन फीस कम करते या जरूरी पढ़ाई का सामान देते।"
डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट के अध्यक्ष विक्रम देव ने सरकार पर "शिक्षा के नाम पर प्रचार करने" का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, "जब बच्चे के स्कूल बैग को भी राजनीतिक संदेश देने का जरिया बना दिया जाए, तो उसकी गरिमा को ठेस पहुंचती है।"
सरकार का बचाव
पीएसईबी के चेयरमैन अमरपाल सिंह ने सफाई दी कि बोर्ड ने सिर्फ शिक्षा विभाग के निर्देश पर बैग प्रिंट किए हैं। पंजाब के सेकेंडरी एजुकेशन डायरेक्टर सकतर सिंह बल ने इसे एक पायलट प्रोजेक्ट बताया, जो सीनियर सेकेंडरी छात्रों के लिए शुरू किया गया है और आगे इसे अन्य कक्षाओं तक बढ़ाया जा सकता है। शिक्षा सचिव सोनाली गिरी ने कहा कि सीनियर छात्रों को उनके भारी शैक्षणिक बोझ के कारण बैग की जरूरत होती है। सीएम की फोटो लगाने का फैसला शायद पीएसईबी की किसी कमेटी ने लिया होगा।
आप का पक्ष
आप प्रवक्ता नील गर्ग ने इस कदम का बचाव करते हुए कहा, "स्कूल बैग पर सीएम की फोटो को मुद्दा नहीं बनाया जाना चाहिए। असली चर्चा इस पर होनी चाहिए कि आप ने पंजाब के सरकारी स्कूलों को कैसे बदल दिया है।" उन्होंने कहा कि सीएम भगवंत मान छात्रों और अभिभावकों के लिए प्रेरणास्त्रोत हैं।
पिछले विवाद
यह पहली बार नहीं है जब आप सरकार पर शिक्षा में राजनीतिक संदेश देने का आरोप लगा है। शिक्षकों ने बताया कि पहले भी पैरेंट-टीचर मीटिंग के दौरान सरकारी योजनाओं के पर्चे बांटे गए थे और किताबें ऐसे पॉलीबैग में दी गई थीं, जिन पर सीएम की फोटो छपी थी। कई लोग इस नई पहल को शिक्षा के जरिए राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश के तौर पर देख रहे हैं।
इन स्कूल बैगों के वितरण ने शिक्षा नीति और राजनीतिक ब्रांडिंग के बीच की बहस को और तेज कर दिया है। इस मुद्दे पर अलग-अलग पक्षों की राय बंटी हुई है।
स्रोत: Indian Express
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