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पंजाब में 31 जुलाई को शहीद उधम सिंह के सम्मान में छुट्टी

पंजाब में 31 जुलाई को शहीद उधम सिंह के सम्मान में सरकारी छुट्टी पंजाब सरकार ने शुक्रवार, 31 जुलाई 2026 को शहीद उधम सिंह के शहादत दिवस के मौके पर राज्य में सरकारी छुट्टी का ऐलान किया है।

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पंजाब सरकार ने शुक्रवार, 31 जुलाई 2026 को शहीद उधम सिंह के शहादत दिवस के मौके पर राज्य में सरकारी छुट्टी का ऐलान किया है। इस दिन सभी सरकारी दफ्तर, स्कूल, कॉलेज और अन्य संस्थान बंद रहेंगे। हालांकि, जरूरी सेवाएं पहले की तरह जारी रहेंगी। यह छुट्टी राज्य सरकार के 2026 के आधिकारिक सार्वजनिक छुट्टियों के कैलेंडर का हिस्सा है।

शहीद उधम सिंह की विरासत को याद करते हुए

शहीद उधम सिंह, जिनका जन्म 26 दिसंबर 1899 को पंजाब के सुनाम में हुआ था, भारत के सबसे साहसी स्वतंत्रता सेनानियों में से एक माने जाते हैं। बचपन में ही अनाथ हो गए उधम सिंह ने अमृतसर के सेंट्रल खालसा अनाथालय में परवरिश पाई। 1919 में हुए जलियांवाला बाग हत्याकांड ने उनके जीवन को गहराई से प्रभावित किया और उन्होंने पीड़ितों के लिए न्याय पाने का संकल्प लिया।

उधम सिंह ने करीब दो दशक तक अपने प्रतिशोध की योजना बनाई। 13 मार्च 1940 को लंदन के कैक्सटन हॉल में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने माइकल ओ'डायर को गोली मार दी, जो उस समय पंजाब के पूर्व लेफ्टिनेंट गवर्नर थे और जलियांवाला बाग हत्याकांड के लिए जिम्मेदार माने जाते थे। घटना के तुरंत बाद उधम सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया, ब्रिटिश अदालत में मुकदमा चला और उन्हें मौत की सजा सुनाई गई। 31 जुलाई 1940 को लंदन की पेंटनविले जेल में उन्हें फांसी दी गई।

प्रतिरोध और बलिदान का प्रतीक

शहीद उधम सिंह के बलिदान ने भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में नई ऊर्जा भर दी। उनके साहस और न्याय के प्रति अडिग संकल्प ने उन्हें देश के महान क्रांतिकारियों में एक खास जगह दिलाई। 1974 में उनकी अस्थियां भारत लाई गईं और विधिवत अंतिम संस्कार किया गया। आज वे औपनिवेशिक अत्याचार के खिलाफ लड़ने वाले लोगों की दृढ़ता और न्याय की भावना का प्रतीक हैं।

इस छुट्टी का महत्व

31 जुलाई की छुट्टी सिर्फ एक दिन की छुट्टी नहीं है, बल्कि यह पंजाब के लिए उस नायक की याद में सम्मान व्यक्त करने का मौका है जिसने अपनी जिंदगी स्वतंत्रता और न्याय के लिए समर्पित कर दी। इस दिन को मनाकर सरकार का उद्देश्य है कि लोगों में स्वतंत्रता सेनानियों, खासकर उधम सिंह जैसे महान क्रांतिकारियों के बलिदान के प्रति गर्व और सम्मान की भावना पैदा हो।

स्रोत: Patrika

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