उन्नाव में अंबेडकर की प्रतिमा पुनर्स्थापना के लिए जनआंदोलन की तैयारी
उन्नाव के शुक्लागंज में बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की विस्थापित प्रतिमा की पुनर्स्थापना को लेकर बड़ा जनआंदोलन शुरू करने की तैयारी हो रही है।
उन्नाव के शुक्लागंज में बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की विस्थापित प्रतिमा की पुनर्स्थापना को लेकर बड़ा जनआंदोलन शुरू करने की तैयारी हो रही है। सदर विधायक पंकज गुप्ता ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर ऐलान किया कि प्रतिमा को वापस स्थापित करने के लिए एक व्यापक जनसंपर्क और जनजागरण अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस अभियान के तहत गांव-गांव और घर-घर जाकर लोगों को जोड़ा जाएगा और एक भव्य संकल्प सभा आयोजित की जाएगी।
विधायक ने इस अभियान का संदेश "वर्षों के संघर्ष की अधूरी कहानी, हम सब मिलकर बनाएंगे नई निशानी" दिया और मुख्य नारा रखा "जब तक मूर्ति स्थापित नहीं, तब तक विराम नहीं।" उन्होंने कहा कि यह सिर्फ प्रतिमा की पुनर्स्थापना का मुद्दा नहीं है, बल्कि बाबा साहब के विचारों, सामाजिक न्याय, समानता और संविधान के मूल्यों को हर व्यक्ति तक पहुंचाने की कोशिश है।
पंकज गुप्ता ने बाबा साहब को भारतीय संविधान का शिल्पकार और सामाजिक बदलाव का महानायक बताते हुए कहा कि उनकी प्रतिमा का पुनर्स्थापन समाज के सम्मान और संविधान के प्रति आस्था का प्रतीक है। उन्होंने सभी वर्गों, सामाजिक संगठनों, युवाओं और बुद्धिजीवियों से इस अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह पूरे समाज का अभियान है, न कि किसी एक व्यक्ति या संगठन का।
विधायक ने भरोसा जताया कि जनता के सहयोग से यह अभियान सफल होगा और बाबा साहब की प्रतिमा को सम्मानपूर्वक पुनर्स्थापित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जब तक प्रतिमा स्थापित नहीं होती, तब तक जनसंपर्क अभियान और संकल्प सभाएं जारी रहेंगी। अंत में उन्होंने सभी नागरिकों से इस अभियान में जुड़ने और बाबा साहब के सम्मान तथा संविधान के मूल्यों की रक्षा के इस संकल्प को सफल बनाने की अपील की।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
उन्नाव में अंबेडकर की प्रतिमा की पुनर्स्थापना के लिए क्या किया जा रहा है?
उन्नाव में अंबेडकर की प्रतिमा की पुनर्स्थापना के लिए एक बड़ा जनआंदोलन शुरू करने की तैयारी हो रही है।
इस जनआंदोलन का मुख्य नारा क्या है?
इस जनआंदोलन का मुख्य नारा है 'जब तक मूर्ति स्थापित नहीं, तब तक विराम नहीं।'
इस अभियान का संदेश क्या है?
इस अभियान का संदेश है 'वर्षों के संघर्ष की अधूरी कहानी, हम सब मिलकर बनाएंगे नई निशानी।'
इस अभियान में कौन-कौन शामिल हो सकते हैं?
इस अभियान में सभी वर्गों, सामाजिक संगठनों, युवाओं और बुद्धिजीवियों से सक्रिय भागीदारी की अपील की गई है।
क्या विधायक को इस अभियान की सफलता का भरोसा है?
हाँ, विधायक ने भरोसा जताया है कि जनता के सहयोग से यह अभियान सफल होगा।
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