पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में चुनावी राजनीति के चलते भारी विरोध प्रदर्शन और हिंसा हुई।
पाकिस्तान सरकार ने प्रदर्शनकारियों पर प्रतिबंध लगाए और इंटरनेट सेवाएं बंद कर दीं।
भारत ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर पाकिस्तान की नीतियों की आलोचना की।
पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में चुनावी राजनीति के चलते भारी विरोध प्रदर्शन और हिंसा हुई।
पाकिस्तान सरकार ने प्रदर्शनकारियों पर प्रतिबंध लगाए और इंटरनेट सेवाएं बंद कर दीं।
भारत ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर पाकिस्तान की नीतियों की आलोचना की।

Protests in PoK intensify as citizens oppose election interf · NewsDarpan AI
पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में हाल के दिनों में भारी विरोध प्रदर्शन और हिंसा देखी गई। यह विरोध प्रदर्शन आगामी विधानसभा चुनावों में 'शरणार्थी सीटों' को लेकर शुरू हुआ। स्थानीय लोगों ने इन सीटों को खत्म करने की मांग की, क्योंकि उनका मानना है कि बाहरी लोग उनके संसाधनों और भविष्य पर शासन नहीं कर सकते।
9 जून 2026 को मुज़फ्फराबाद में प्रदर्शनकारियों ने एक लंबा मार्च आयोजित किया। पाकिस्तान सरकार ने प्रदर्शनकारियों को आतंकवादी घोषित कर दिया और उनके नेताओं को गिरफ्तार कर लिया। रावलकोट में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़प में एक व्यापारी शाहज़ेब हबीब की मौत हो गई। इसके बाद प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी की गई, जिसमें कई निर्दोष लोग मारे गए।
पाकिस्तान ने PoK में इंटरनेट और मोबाइल सेवाएं पूरी तरह से बंद कर दीं और क्षेत्र में 14,000 से अधिक अर्धसैनिक बल तैनात किए। इसके बावजूद, 9 जून को पूरे क्षेत्र में हड़ताल की गई।
भारत ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर पाकिस्तान की नीतियों की आलोचना की। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने 9 जून को पाकिस्तान पर फेक न्यूज फैलाने और PoK में मानवाधिकारों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया। भारत ने स्पष्ट किया कि PoK पर पाकिस्तान का कब्जा अवैध है और वहां के नागरिकों पर हो रहे अत्याचार अस्वीकार्य हैं।