एनटीआर में ड्रग, महिला अपराध और सड़क हादसों से निपटने ऑपरेशन त्रिशूल शुरू
एनटीआर कलेक्टर ने ड्रग, महिलाओं के खिलाफ अपराध और सड़क हादसों से निपटने के लिए बहु-विभागीय ऑपरेशन शुरू किया।
एनटीआर जिला कलेक्टर जी. लक्ष्मीशा ने 'ऑपरेशन त्रिशूल' शुरू किया है, जो एक बहु-विभागीय पहल है जिसे तीन बड़ी समस्याओं से निपटने के लिए बनाया गया है: महिलाओं के खिलाफ अपराध, ड्रग का इस्तेमाल और सड़क हादसे।
इस कार्यक्रम का उद्घाटन एनटीआर पुलिस कमिश्नर एस.वी. राजशेखर बाबू, डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस के.जी.वी. सरिता और जी. रामकृष्ण, डिस्ट्रिक्ट मेडिकल एंड हेल्थ ऑफिसर डॉ. ए. श्रवण बाबू और अन्य अधिकारियों की मौजूदगी में किया गया।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर बहु-एजेंसी कोशिश
श्री लक्ष्मीशा ने कहा, "मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के निर्देशों के बाद ऑपरेशन त्रिशूल शुरू किया गया है, जिसके तहत विभिन्न विभागों के अधिकारी मिलकर ड्रग के इस्तेमाल, सड़क हादसों और महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर रोक लगाने के लिए काम करेंगे।"
कलेक्टर ने बताया कि मेडिकल एंड हेल्थ, पुलिस, महिला विकास और बाल कल्याण और अन्य विभागों के अधिकारी इस ऑपरेशन के तहत अपराधों से निपटने के लिए अपने कामों में तालमेल बिठाएंगे।
अपराध के आंकड़ों में सुधार दिख रहा
लॉन्च इवेंट के दौरान पुलिस कमिश्नर राजशेखर बाबू ने बताया कि एनटीआर कमिश्नरेट में एनडीपीएस (नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंसेस) के मामलों में 81.4 फीसदी की कमी आई है। उन्होंने महिलाओं के खिलाफ अपराधों में 14.8 फीसदी की गिरावट की भी रिपोर्ट दी।
श्री राजशेखर बाबू ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों से ड्रग के इस्तेमाल, महिलाओं के खिलाफ अपराध और सड़क हादसों को खत्म करने में मिलकर काम करने का आग्रह किया।
लॉन्च समारोह का समापन श्री लक्ष्मीशा और अन्य अधिकारियों द्वारा ऑपरेशन त्रिशूल के पोस्टर जारी करने के साथ हुआ।
स्रोत: The Hindu
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
ऑपरेशन त्रिशूल क्या है?
ऑपरेशन त्रिशूल एनटीआर जिले में शुरू किया गया एक बहु-विभागीय कार्यक्रम है जो तीन मुख्य समस्याओं से निपटने के लिए बनाया गया है - महिलाओं के खिलाफ अपराध, ड्रग का इस्तेमाल और सड़क हादसे।
इस ऑपरेशन को किसने शुरू किया?
एनटीआर जिला कलेक्टर जी. लक्ष्मीशा ने मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के निर्देशों के बाद ऑपरेशन त्रिशूल शुरू किया है।
इसमें कौन-कौन से विभाग काम करेंगे?
पुलिस, मेडिकल एंड हेल्थ, महिला विकास और बाल कल्याण तथा अन्य विभागों के अधिकारी मिलकर इस ऑपरेशन के तहत काम करेंगे।
क्या पहले से ही कोई सुधार देखा गया है?
हां, एनटीआर कमिश्नरेट में नारकोटिक ड्रग्स के मामलों में 81.4 फीसदी की कमी आई है और महिलाओं के खिलाफ अपराधों में 14.8 फीसदी की गिरावट देखी गई है।
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