137 कैंसर दवाओं पर मार्जिन 30% तक सीमित, कीमतें घट सकती हैं
कैंसर के इलाज पर होने वाले भारी खर्च से जूझ रहे मरीजों और उनके परिजनों के लिए राहत की उम्मीद है।
कैंसर के इलाज पर होने वाले भारी खर्च से जूझ रहे मरीजों और उनके परिजनों के लिए राहत की उम्मीद है। राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (NPPA) के फैसले के मुताबिक, 137 चिन्हित गैर-अनुसूचित कैंसर रोधी दवाओं पर व्यापारिक मार्जिन अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) के 30 प्रतिशत तक सीमित किया गया है। इस फैसले का मकसद कैंसर की दवाओं को मरीजों के लिए ज्यादा किफायती बनाना है।
इस व्यवस्था के दायरे में गैर-अनुसूचित कैंसर रोधी दवाएं शामिल होंगी। दावा है कि फैसले के बाद कुछ दवाओं की कीमतों में बड़ी कमी आ सकती है। हालांकि, सभी दवाओं के दाम 70 प्रतिशत तक घटेंगे, यह जरूरी नहीं है। हर दवा की वास्तविक कीमत में कमी अलग-अलग हो सकती है।
कीमतों में होने वाली कटौती दवा की मौजूदा कीमत और उसकी आपूर्ति शृंखला में लागू मार्जिन पर निर्भर करेगी। यानी जिस दवा की मौजूदा कीमत ज्यादा है या उसकी आपूर्ति शृंखला में मार्जिन अधिक है, उसमें कमी अलग हो सकती है। इसी तरह, हर दवा पर एक जैसी कटौती लागू नहीं होगी।
इस फैसले के तहत 20 से 70% तक कमी की उम्मीद जताई गई है। हालांकि, यह कमी दवा की मौजूदा कीमत के आधार पर अलग-अलग होगी। नई व्यवस्था 9 नवंबर 2026 से लागू होगी। इसके बाद दवा कंपनियों, अस्पतालों और खुदरा विक्रेताओं को संशोधित कीमतें लागू करनी होंगी।
महंगी दवाएं भी इस फैसले के दायरे में आएंगी। इनमें कुछ इम्यूनोथेरेपी और टार्गेटेड कैंसर दवाएं शामिल हैं। इन दवाओं की कीमतों में बदलाव से इलाज करा रहे मरीजों और उनके परिजनों को राहत मिलने की उम्मीद है।
कीमतों की निगरानी के लिए मरीज संशोधित दरें NPPA की वेबसाइट और Pharma Sahi Daam ऐप पर जांच सकेंगे। सरकार के मुताबिक, इस पहल का उद्देश्य कैंसर के इलाज का आर्थिक बोझ कम करना और जरूरी दवाओं की उपलब्धता बनाए रखना है। मरीजों को दवा खरीदने से पहले 9 नवंबर से लागू नई MRP जरूर जांचने को कहा गया है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
137 कैंसर दवाओं पर मार्जिन कितना सीमित किया गया है?
इन 137 गैर-अनुसूचित कैंसर रोधी दवाओं पर व्यापारिक मार्जिन MRP के 30 प्रतिशत तक सीमित किया गया है।
क्या सभी कैंसर दवाओं की कीमत 70 प्रतिशत तक घटेगी?
नहीं, हर दवा की कीमत में कमी अलग-अलग होगी। कटौती दवा की मौजूदा कीमत और सप्लाई चेन में लागू मार्जिन पर निर्भर करेगी।
नई व्यवस्था कब से लागू होगी?
नई व्यवस्था 9 नवंबर 2026 से लागू होगी। इसके बाद कंपनियों, अस्पतालों और खुदरा विक्रेताओं को संशोधित कीमतें लागू करनी होंगी।
मरीज नई कीमतें कहां जांच सकते हैं?
मरीज NPPA की वेबसाइट और Pharma Sahi Daam ऐप पर संशोधित दरें जांच सकते हैं।
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