घाटकोपर में नया केबल-स्टे ब्रिज, 2027 तक ट्रैफिक समस्या हल करेगा
मुंबई के घाटकोपर में नया केबल-स्टे ब्रिज, 2027 तक ट्रैफिक की परेशानी करेगा कम मुंबई के पूर्वी उपनगरों में एक बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट ट्रैफिक की तस्वीर बदलने और जाम को कम करने वाला है।
मुंबई के पूर्वी उपनगरों में एक बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट ट्रैफिक की तस्वीर बदलने और जाम को कम करने वाला है। बृहन्मुंबई म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन (BMC) और महाराष्ट्र रेल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (MRIDC) मिलकर घाटकोपर में एक केबल-स्टे ब्रिज बना रहे हैं। यह ब्रिज इलाके के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों को जोड़ेगा और रेलवे ट्रैक, मेट्रो लाइन 4 और अंडरग्राउंड बुलेट ट्रेन कॉरिडोर के ऊपर से गुजरेगा। इस ब्रिज को 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है और इसकी लागत ₹350 करोड़ है।
पुरानी ट्रैफिक समस्या का समाधान
पिछले कई दशकों से यात्री लाल बहादुर शास्त्री (LBS) मार्ग और ईस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे के बीच यात्रा के लिए घाटकोपर के रेल-ओवर-ब्रिज (ROB) पर निर्भर थे। लेकिन 2018 में सेफ्टी ऑडिट के बाद इस ROB को असुरक्षित मानकर वाहनों के लिए बंद कर दिया गया। तब से मोटर चालकों को जोगेश्वरी-विक्रोली लिंक रोड (JVLR) और अंधेरी-घाटकोपर लिंक रोड (AGLR) जैसे भारी ट्रैफिक वाले रास्तों से गुजरना पड़ रहा है, जिससे पीक आवर्स में काफी देरी होती है। नया ब्रिज इन समस्याओं को हल करने और बेहतर कनेक्टिविटी देने के लिए बनाया जा रहा है।
डिज़ाइन और सुविधाओं में नयापन
इस ब्रिज में केबल-स्टे और बो-स्ट्रींग स्टील स्पैन का कॉम्बिनेशन होगा, जो इसके खास डिजाइन को ध्यान में रखकर बनाया गया है। केबल-स्टे हिस्सा 108 मीटर लंबा होगा और रेलवे ट्रैक के ऊपर से गुजरेगा। बो-स्ट्रींग स्पैन बुलेट ट्रेन कॉरिडोर (92 मीटर) और LBS मार्ग (90 मीटर) को कवर करेगा। पैदल यात्रियों के लिए फुटपाथ और लोकल ट्रैफिक के लिए ब्रिज के नीचे सर्विस रोड भी बनाए जाएंगे। ब्रिज की शुरुआत गोलिबर रोड जंक्शन से होगी और इसका अंत ईस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे पर होगा।
फेज़ में काम, ताकि ट्रैफिक पर असर कम हो
इस प्रोजेक्ट को चरणों में पूरा किया जा रहा है ताकि ट्रैफिक पर कम से कम असर पड़े। पहले ब्रिज के दाहिने हिस्से को बनाया जाएगा और ट्रैफिक को वहां डायवर्ट किया जाएगा, जिससे बचे हुए हिस्से का काम किया जा सके। MRIDC के एक अधिकारी ने बताया कि यह ब्रिज पूर्वी उपनगरों के यात्रियों के लिए ट्रैवल टाइम को काफी कम करेगा।
क्यों है यह प्रोजेक्ट अहम
मुंबई के बढ़ते ट्रैफिक जाम को कम करने और शहरी मोबिलिटी को बेहतर बनाने की दिशा में यह प्रोजेक्ट एक बड़ा कदम है। पुराने ROB की जगह यह नया ब्रिज आधुनिक इंजीनियरिंग के साथ बनाया जा रहा है, जो बुलेट ट्रेन और मेट्रो जैसे भविष्य के ट्रांजिट सिस्टम को भी ध्यान में रखता है।
काम शुरू हो चुका है और घाटकोपर का यह केबल-स्टे ब्रिज मुंबई के पूर्वी उपनगरों के लिए एक गेम-चेंजर साबित होगा। यह मोटर चालकों और पैदल यात्रियों दोनों के लिए राहत लेकर आएगा।
स्रोत: Indian Express
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
घाटकोपर में नया केबल-स्टे ब्रिज कब तक पूरा होगा?
यह ब्रिज 2027 तक पूरा होने का लक्ष्य रखा गया है।
इस नए ब्रिज की लागत कितनी है?
इस ब्रिज की लागत ₹350 करोड़ है।
यह ब्रिज किस-किस चीज़ों के ऊपर से गुजरेगा?
यह ब्रिज रेलवे ट्रैक, मेट्रो लाइन 4 और अंडरग्राउंड बुलेट ट्रेन कॉरिडोर के ऊपर से गुजरेगा।
पुराना रेल-ओवर-ब्रिज (ROB) कब बंद हुआ था?
पुराना ROB 2018 में सेफ्टी ऑडिट के बाद असुरक्षित मानकर बंद कर दिया गया था।
इस प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इस प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य मुंबई के ट्रैफिक जाम को कम करना और शहरी मोबिलिटी को बेहतर बनाना है।
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