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Uttar Pradesh Official source हाथरस

हाथरस स्कूल में 600 से ज्यादा छात्रों को एनडीआरएफ की ट्रेनिंग

हाथरस, 27 अक्टूबर। जिलाधिकारी के दिशा-निर्देशों के क्रम में मंगलवार को मुरसान स्थित बीएचयू ऑक्सफोर्ड पब्लिक स्कूल में आपदा बचाव और जनजागरूकता प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।

हाथरस स्कूल में 600 से ज्यादा छात्रों को एनडीआरएफ की ट्रेनिंग
Image credit: News Darpan Team

हाथरस, 27 अक्टूबर। जिलाधिकारी के दिशा-निर्देशों के क्रम में मंगलवार को मुरसान स्थित बीएचयू ऑक्सफोर्ड पब्लिक स्कूल में आपदा बचाव और जनजागरूकता प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम सोगरा-सादाबाद रोड स्थित विद्यालय परिसर में हुआ। इसमें 600 से अधिक छात्र-छात्राओं और 15 से अधिक शिक्षक-शिक्षिकाओं ने हिस्सा लिया।

कार्यक्रम में जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, हाथरस और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), गाजियाबाद की 16 सदस्यीय टीम ने विद्यार्थियों और शिक्षकों को आपदा के समय बचाव, राहत और रेस्क्यू से जुड़ी जानकारी दी। यह प्रशिक्षण जिला विद्यालय निरीक्षक के सहयोग से आयोजित किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के डायरेक्टर प्रदीप कुमार शर्मा ने किया। कार्यक्रम का संचालन प्रधानाचार्या साक्षी वार्ष्णेय ने किया। उन्होंने बताया कि जनपद में एनडीआरएफ की टीम के माध्यम से सात दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में बीएचयू ऑक्सफोर्ड पब्लिक स्कूल में विद्यार्थियों और शिक्षकों को आपदा प्रबंधन के बारे में जागरूक किया गया।

प्रधानाचार्या ने बताया कि प्रशिक्षण का उद्देश्य आपातकालीन परिस्थितियों में विद्यार्थियों और शिक्षकों को सतर्क रहने और उचित कदम उठाने के लिए तैयार करना है। कार्यक्रम के दौरान उन्हें अलग-अलग तरह की आपदाओं के समय अपनाई जाने वाली सावधानियों और बचाव के तरीकों की जानकारी दी गई।

एनडीआरएफ की टीम ने प्राकृतिक, रासायनिक, जैविक, नाभिकीय और मानव निर्मित आपदाओं से निपटने के उपाय बताए। प्रशिक्षण में भूकंप, बाढ़ और विद्युत दुर्घटनाओं सहित अन्य आपातकालीन परिस्थितियों का भी जिक्र किया गया। टीम ने समझाया कि ऐसी स्थिति में क्या करना चाहिए और किन बातों से बचना चाहिए।

एनडीआरएफ के सदस्यों ने बताया कि आपदा के समय सही जानकारी, त्वरित निर्णय और सावधानी बरतना जरूरी है। इन बातों का ध्यान रखकर जनहानि, पशुहानि और संपत्ति के नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है। विद्यार्थियों और शिक्षक-शिक्षिकाओं को आपदा के दौरान राहत और बचाव कार्यों में उपयोगी कदमों के बारे में भी जानकारी दी गई।

प्रशिक्षण के दौरान सीपीआर यानी कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन देने की प्रक्रिया भी समझाई गई। एनडीआरएफ की टीम ने डमी मॉडल की सहायता से सीपीआर का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। इसके साथ ही घायल या संकट में फंसे व्यक्ति को आपातकालीन स्थिति में सुरक्षित बाहर निकालने के तरीके बताए गए।

रेस्क्यू के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों की जानकारी भी दी गई। छात्र-छात्राओं ने डमी मॉडल पर अभ्यास किया और प्रशिक्षण में उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। उन्होंने आपदा के समय इस्तेमाल की जाने वाली उपयोगी तकनीकों को सीखा।

कार्यक्रम में 600 से अधिक छात्र-छात्राओं और 15 से अधिक शिक्षक-शिक्षिकाओं ने प्रतिभाग किया। इसके अतिरिक्त जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, हाथरस के जिला आपदा विशेषज्ञ, अकाउंटेंट, कंप्यूटर ऑपरेटर सहित अन्य संबंधित कर्मी भी उपस्थित रहे।

प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आपदा के समय जनपद में बेहतर समन्वय स्थापित करना, राहत और बचाव कार्यों के प्रति तत्परता बढ़ाना और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करना है। इस पहल के तहत विद्यार्थियों और शिक्षकों को आपातकालीन परिस्थितियों में खुद सुरक्षित रहने के साथ-साथ जरूरतमंदों की सहायता करने के लिए भी जागरूक किया गया।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हाथरस के स्कूल में आपदा प्रशिक्षण कार्यक्रम कहां आयोजित किया गया?

यह कार्यक्रम मुरसान स्थित बीएचयू ऑक्सफोर्ड पब्लिक स्कूल में आयोजित किया गया।

प्रशिक्षण में कितने छात्रों और शिक्षकों ने हिस्सा लिया?

प्रशिक्षण में 600 से ज्यादा छात्र-छात्राओं और 15 से ज्यादा शिक्षक-शिक्षिकाओं ने हिस्सा लिया।

एनडीआरएफ टीम ने प्रशिक्षण में किन आपदाओं से निपटने की जानकारी दी?

एनडीआरएफ टीम ने भूकंप, बाढ़, विद्युत दुर्घटना, प्राकृतिक, रासायनिक, जैविक, नाभिकीय और मानव निर्मित आपदाओं से निपटने के तरीके बताए।

क्या छात्रों को सीपीआर की ट्रेनिंग भी दी गई?

हां, डमी मॉडल की मदद से छात्रों और शिक्षकों को सीपीआर देने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य क्या था?

इसका उद्देश्य छात्रों और शिक्षकों को आपात स्थिति में सतर्क रहने, खुद को सुरक्षित रखने और जरूरतमंदों की मदद करने के लिए तैयार करना था।

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