दिल्ली पुलिस पर पत्रकारों से अभद्र बर्ताव का आरोप, मुजफ्फरनगर पत्रकारों ने मांगी जांच
पत्रकार शाहिद खान और नफीसा खान के साथ दिल्ली पुलिस द्वारा कथित तौर पर अभद्रता, बदसलूकी और पत्रकारिता की आजादी के अधिकार के उल्लंघन का मामला सामने आया है।
पत्रकार शाहिद खान और नफीसा खान के साथ दिल्ली पुलिस द्वारा कथित तौर पर अभद्रता, बदसलूकी और पत्रकारिता की आजादी के अधिकार के उल्लंघन का मामला सामने आया है।
इस मामले को लेकर मुजफ्फरनगर के पत्रकारों ने जिलाधिकारी मुजफ्फरनगर और महामहिम राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन भेजकर निष्पक्ष जांच और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
ज्ञापन में कहा गया है कि पत्रकारिता लोकतंत्र का जरूरी स्तंभ है और पत्रकारों को संविधान और कानून के तहत आजाद और निडर होकर अपने कर्तव्यों का पालन करने का अधिकार है।
आरोप लगाया गया है कि पत्रकार शाहिद खान और नफीसा खान के साथ दिल्ली पुलिस द्वारा कथित रूप से अभद्र बर्ताव किया गया है, इसलिए पूरे मामले की निष्पक्ष और आजाद जांच बेहद जरूरी है।
पत्रकारों ने मांग की है कि शाहिद खान और नफीसा खान के साथ हुई कथित घटना की निष्पक्ष जांच कराई जाए। अगर किसी पुलिस अधिकारी या कर्मचारी द्वारा नियमों का उल्लंघन या मानवाधिकारों का हनन पाया जाता है तो उसके खिलाफ कानून के मुताबिक सख्त कार्रवाई की जाए।
पत्रकारों ने यह भी कहा कि पत्रकारों की आजादी और उनके सम्मान की रक्षा लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए जरूरी है।
मुजफ्फरनगर के पत्रकारों ने प्रशासन से मामले में गंभीरता से संज्ञान लेते हुए जरूरी कार्रवाई करने की मांग की है।
इस दौरान पत्रकार अनमोल कुमार (न्यूज इंडिया), अब्दुल आहद चौधरी लोक शासक टाइम, आरिफ चौधरी सत्यमेव हिंदुस्तान, जफर इकबाल ETV भारत, नदीम त्यागी फ्रीडम ऑफ राइटिंग, डॉक्टर रईस अल्वी प्राइम मिरर टाइम, मोहित कल्याणी न्यूज फ्लेश, नितिन शर्मा हिन्द 24न्यूज, राव अहसान लोकशासक टाइम्स समेत सभी पत्रकार मौजूद रहे।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
दिल्ली पुलिस पर क्या आरोप लगाए गए हैं?
पत्रकार शाहिद खान और नफीसा खान के साथ दिल्ली पुलिस द्वारा कथित तौर पर अभद्रता, बदसलूकी और पत्रकारिता की आजादी के अधिकार के उल्लंघन का आरोप लगाया गया है।
मुजफ्फरनगर के पत्रकारों ने क्या मांग की है?
मुजफ्फरनगर के पत्रकारों ने जिलाधिकारी और राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन भेजकर निष्पक्ष जांच और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। साथ ही उन्होंने कहा है कि अगर किसी पुलिस अधिकारी द्वारा नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो कानून के मुताबिक सख्त कार्रवाई की जाए।
ज्ञापन में पत्रकारिता के बारे में क्या कहा गया है?
ज्ञापन में कहा गया है कि पत्रकारिता लोकतंत्र का जरूरी स्तंभ है और पत्रकारों को संविधान और कानून के तहत आजाद और निडर होकर अपने कर्तव्यों का पालन करने का अधिकार है।
इस मामले में कौन से पत्रकार शामिल हैं?
इस मामले में शाहिद खान और नफीसा खान पत्रकार शामिल हैं। मुजफ्फरनगर के कई पत्रकार जैसे अनमोल कुमार (न्यूज इंडिया), जफर इकबाल (ETV भारत) और अन्य इस मामले में सक्रिय रहे हैं।
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