मुजफ्फरनगर में तय समय के बाद शराब बिक्री का आरोप, जांच की मांग
मुजफ्फरनगर जनपद में निर्धारित समय खत्म होने के बाद शराब बिक्री के आरोपों को लेकर समाजसेवी सोनिया सैनी ने आज जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा।
मुजफ्फरनगर जनपद में निर्धारित समय खत्म होने के बाद शराब बिक्री के आरोपों को लेकर समाजसेवी सोनिया सैनी ने आज जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कुछ शराब दुकानदार निर्धारित समय के बाद अपनी दुकानों के शटर बंद कर देते हैं, लेकिन अंदर से कथित रूप से शराब की बिक्री जारी रखते हैं। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि यह मामला नियमों के पालन से जुड़ा है और इसकी जांच जरूरी है।
सोनिया सैनी की ओर से दिए गए ज्ञापन में कहा गया है कि शराब बिक्री के लिए जो समय तय है, उसके बाद भी अगर शराब उपलब्ध कराई जाती है, तो इससे कई तरह की समस्याएं खड़ी हो सकती हैं। ज्ञापन में कानून-व्यवस्था, सड़क सुरक्षा और आम नागरिकों की सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं का जिक्र किया गया है।
शिकायतकर्ताओं ने यह भी कहा है कि इस मामले में पहले आबकारी विभाग के अधिकारियों को भी शिकायत दी जा चुकी है। उनका दावा है कि उनके पास मामले से संबंधित प्रमाण मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि जांच के दौरान ये प्रमाण पेश किए जा सकते हैं।
ज्ञापन में जिलाधिकारी से मांग की गई है कि बिक्री का समय खत्म होने के बाद औचक निरीक्षण कराया जाए। साथ ही उपलब्ध प्रमाणों की जांच की जाए। अगर जांच में नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो संबंधित लाइसेंसी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
शिकायतकर्ताओं ने यह साफ किया है कि उनका उद्देश्य वैध शराब व्यवसाय का विरोध करना नहीं है। उनका कहना है कि वे केवल शासन की ओर से तय नियमों और समय-सीमा का पालन सुनिश्चित कराना चाहते हैं।
यह रिपोर्ट अनमोल कुमार, मुज़फ्फरनगर की ओर से दी गई है। संपर्क नंबर 7078215007 है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
मुजफ्फरनगर में शराब बिक्री को लेकर क्या आरोप लगे हैं?
आरोप है कि कुछ शराब दुकानदार तय समय खत्म होने के बाद शटर बंद कर अंदर से कथित तौर पर शराब बेच रहे हैं।
इस मामले में शिकायत किसने की है?
समाजसेवी सोनिया सैनी ने जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
ज्ञापन में प्रशासन से क्या मांग की गई है?
ज्ञापन में तय समय के बाद औचक निरीक्षण कराने, उपलब्ध प्रमाणों की जांच करने और नियम टूटने पर लाइसेंसी के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की गई है।
शिकायतकर्ताओं ने किन चिंताओं का जिक्र किया है?
उन्होंने कानून-व्यवस्था, सड़क सुरक्षा और आम लोगों की सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं का जिक्र किया है।
शिकायतकर्ताओं का मकसद क्या बताया गया है?
उनका कहना है कि वे वैध शराब कारोबार का विरोध नहीं कर रहे, बल्कि सरकार की तय समय-सीमा और नियमों का पालन चाहते हैं।
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