56 साल बाद भोपाल के इज्तिमा बाजार का संचालन वक्फ बोर्ड संभालेगा
भोपाल के इज्तिमा बाजार की 56 साल पुरानी व्यवस्था में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। अब इस बाजार का संचालन दारुल शफकत सोसाइटी के बजाय मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड संभालेगा।
भोपाल के इज्तिमा बाजार की 56 साल पुरानी व्यवस्था में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। अब इस बाजार का संचालन दारुल शफकत सोसाइटी के बजाय मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड संभालेगा। दारुल शफकत सोसाइटी ने बाजार के संचालन की जिम्मेदारी वक्फ बोर्ड को सौंपने पर सहमति दे दी है।
राजधानी भोपाल के ऐतिहासिक इज्तिमा बाजार का संचालन करीब 56 वर्षों से दारुल शफकत सोसाइटी के जिम्मे था। अब सोसाइटी की सहमति के बाद यह जिम्मेदारी मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड को दी जा रही है। इसके साथ ही बाजार के संचालन की वर्षों पुरानी व्यवस्था बदल जाएगी।
मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड का कहना है कि बाजार में दुकानों के आवंटन और संचालन की व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और व्यापक बनाया जाएगा। बोर्ड के मुताबिक, पिछले करीब 20 वर्षों से इज्तिमा बाजार की दुकानें एक ही समाज के लोगों के पास थीं। अब इस व्यवस्था में बदलाव करने की तैयारी है।
वक्फ बोर्ड के अनुसार, नई व्यवस्था में अन्य समाजों और जरूरतमंद लोगों को भी कारोबार का मौका देने की कोशिश की जाएगी। बोर्ड का मानना है कि इज्तिमा बाजार में दुकानों के संचालन का अवसर अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचना चाहिए।
बोर्ड का कहना है कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद दुकानों के आवंटन की प्रक्रिया में बदलाव किया जा सकता है। इससे उन लोगों को भी बाजार में दुकान लगाने और कारोबार करने का अवसर मिल सकेगा, जो अब तक इस बाजार में दुकान लगाने से वंचित रहे हैं।
इज्तिमा बाजार में दुकानों के संचालन को लेकर चली आ रही व्यवस्था में यह बदलाव लंबे समय बाद हो रहा है। करीब 56 वर्षों तक दारुल शफकत सोसाइटी बाजार का संचालन करती रही। अब सोसाइटी ने यह जिम्मेदारी वक्फ बोर्ड को सौंपने पर सहमति दी है।
वक्फ बोर्ड इस बदलाव को बाजार के संचालन और दुकानों के आवंटन की व्यवस्था को नए तरीके से तय करने की दिशा में बड़ा कदम मानता है। बोर्ड की ओर से कहा गया है कि दुकानों के अवसर को अधिक लोगों तक पहुंचाने और व्यवस्था को व्यापक बनाने की तैयारी की जा रही है।
बाजार में दुकानों के संचालन का अवसर अब तक एक ही समाज के लोगों तक सीमित रहने का दावा वक्फ बोर्ड ने किया है। बोर्ड के मुताबिक, करीब 20 वर्षों से यही व्यवस्था चली आ रही थी। अब इसमें बदलाव कर अन्य समाजों और जरूरतमंद लोगों को भी शामिल करने की तैयारी है।
अब सबकी नजर इस बात पर रहेगी कि मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड नई व्यवस्था में दुकानों का आवंटन किस प्रक्रिया से करता है। यह भी देखा जाएगा कि इस बदलाव के बाद वास्तव में कितने नए लोगों को इज्तिमा बाजार में कारोबार का अवसर मिल पाता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
भोपाल के इज्तिमा बाजार का संचालन अब कौन करेगा?
अब इज्तिमा बाजार का संचालन दारुल शफकत सोसाइटी के बजाय मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड करेगा।
इज्तिमा बाजार का संचालन कितने साल से दारुल शफकत सोसाइटी के पास था?
दारुल शफकत सोसाइटी करीब 56 साल से इज्तिमा बाजार का संचालन कर रही थी।
नई व्यवस्था में दुकानों के आवंटन में क्या बदलाव हो सकता है?
दुकानों के आवंटन की प्रक्रिया बदली जा सकती है और अन्य समाजों व जरूरतमंद लोगों को भी कारोबार का मौका देने की कोशिश होगी।
वक्फ बोर्ड इज्तिमा बाजार की व्यवस्था में बदलाव क्यों कर रहा है?
वक्फ बोर्ड दुकानों के संचालन और आवंटन की व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और व्यापक बनाना चाहता है।
सबसे ज़्यादा पढ़ी गई
- 1
हाथरस में किन्नर गुरु मनीषा ने आरोपों को बताया बेबुनियाद, जांच की मांग
- 2
मार्विन अची का आरोप, शिवानी कुमारी ने मुंह पर कालिख लगाई
- 3
सीएम योगी ने श्रावस्ती के डॉक्टर एनएन पांडेय को भेजा प्रशंसा पत्र
- 4
शामली में पिकअप-ट्रैक्टर-ट्रॉली की भिड़ंत, एक युवक की मौत; चार घायल
- 5
श्रावस्ती में सुहागिनों ने रखा करवा चौथ व्रत, चांद का इंतजार
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं। पहली टिप्पणी करें।