मध्य प्रदेश में प्राथमिक शिक्षक मेरिट होल्डर्स की नियुक्ति कानूनी राय पर अटकी
मध्यप्रदेश में प्राथमिक शिक्षक वर्ग-3 भर्ती के मेरिट होल्डर अभ्यर्थियों की नियुक्ति पर कानूनी अड़चन आ गई है।
मध्यप्रदेश में प्राथमिक शिक्षक वर्ग-3 भर्ती के मेरिट होल्डर अभ्यर्थियों की नियुक्ति पर कानूनी अड़चन आ गई है। परीक्षा में मेरिट हासिल करने और मेरिट सूची में जगह बनाने के बावजूद अभ्यर्थियों को अब तक नियुक्ति आदेश का इंतजार करना पड़ रहा है। स्कूल शिक्षा विभाग ने भर्ती से जुड़े मामले को विवादित मानते हुए सीधे नियुक्ति आदेश जारी नहीं किया है।
विभाग ने इस मामले को कानूनी परीक्षण के लिए महाधिवक्ता के पास भेज दिया है। विभाग की ओर से महाधिवक्ता से कानूनी अभिमत मांगा गया है। अब महाधिवक्ता की राय मिलने के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि मेरिट होल्डर अभ्यर्थियों की नियुक्ति का रास्ता किस तरह आगे बढ़ेगा।
भोपाल से सामने आई जानकारी के मुताबिक, प्राथमिक शिक्षक वर्ग-3 भर्ती परीक्षा के मेरिट होल्डर अभ्यर्थियों की नियुक्ति को लेकर विभागीय स्तर पर स्थिति स्पष्ट नहीं हो पा रही है। इसी वजह से स्कूल शिक्षा विभाग ने भर्ती प्रक्रिया से जुड़े विवाद को गंभीरता से लेते हुए इसे डिस्प्यूट माना और मामले को कानूनी राय के लिए भेज दिया।
भर्ती परीक्षा में सफलता हासिल करने वाले और मेरिट सूची में स्थान बनाने वाले अभ्यर्थियों के सामने अब सबसे बड़ा सवाल नियुक्ति आदेश को लेकर है। चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी नियुक्ति का रास्ता साफ नहीं हुआ है। इससे अभ्यर्थियों की चिंता बढ़ रही है और उनका इंतजार लगातार लंबा होता जा रहा है।
स्कूल शिक्षा विभाग के इस फैसले के बाद नियुक्ति की प्रक्रिया फिलहाल कानूनी राय पर टिक गई है। विभाग ने सीधे तौर पर आगे की कार्रवाई करने के बजाय पहले यह जानना जरूरी समझा है कि विवादित भर्ती के मामले में नियुक्ति आदेश जारी किए जा सकते हैं या नहीं।
महाधिवक्ता के अभिमत के बाद ही विभाग नियुक्ति को लेकर अगला कदम तय कर सकेगा। कानूनी राय मिलने के बाद भर्ती प्रक्रिया और मेरिट होल्डर अभ्यर्थियों की नियुक्ति को लेकर स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।
फिलहाल मेरिट में जगह बनाने वाले अभ्यर्थियों को नियुक्ति आदेश के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। परीक्षा में मेरिट हासिल करने के बावजूद उनकी नियुक्ति कानूनी दांव-पेच में अटक गई है। विभाग की ओर से मामला महाधिवक्ता के पास भेजे जाने से यह साफ है कि नियुक्ति का फैसला अब कानूनी राय के बाद ही आगे बढ़ेगा।
अभ्यर्थियों की निगाहें अब महाधिवक्ता के फैसले पर टिकी हैं। सवाल यही है कि भर्ती का विवाद कब सुलझेगा और मेरिट होल्डर अभ्यर्थियों को कब तक नियुक्ति मिल पाएगी।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
मध्य प्रदेश में प्राथमिक शिक्षक वर्ग-3 भर्ती की नियुक्ति क्यों अटकी है?
स्कूल शिक्षा विभाग ने भर्ती से जुड़े मामले को विवादित मानते हुए नियुक्ति आदेश जारी नहीं किया है।
मामला कानूनी राय के लिए किसके पास भेजा गया है?
विभाग ने मामला कानूनी परीक्षण और अभिमत के लिए महाधिवक्ता के पास भेजा है।
मेरिट होल्डर अभ्यर्थियों को नियुक्ति आदेश कब मिलेगा?
महाधिवक्ता की राय मिलने के बाद ही विभाग नियुक्ति को लेकर अगला कदम तय करेगा।
अभ्यर्थियों की मौजूदा स्थिति क्या है?
मेरिट सूची में जगह बनाने के बावजूद अभ्यर्थी नियुक्ति आदेश का इंतजार कर रहे हैं।
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