मंत्री नारायण सिंह कुशवाह बने डीसीआई के संरक्षक, दिव्यांग क्रिकेट को मिलेगा बढ़ावा
मध्य प्रदेश में दिव्यांग खिलाड़ियों को खेल के मैदान में आगे बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है।
मध्य प्रदेश में दिव्यांग खिलाड़ियों को खेल के मैदान में आगे बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। प्रदेश के सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण तथा उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण मंत्री नारायण सिंह कुशवाह को दिव्यांग क्रिकेट काउंसिल ऑफ इंडिया (DCCI) का संरक्षक नियुक्त किया गया है। काउंसिल के निदेशक मंडल ने 27 अक्टूबर को आयोजित बैठक में उनके मनोनयन को मंजूरी दी।
यह नियुक्ति भोपाल में 28 अक्टूबर को सामने आई। मंत्री नारायण सिंह कुशवाह के DCCI का संरक्षक बनने से दिव्यांग क्रिकेट के विकास और खिलाड़ियों को प्रोत्साहन देने के प्रयासों को नई गति मिलने की उम्मीद है। काउंसिल का उद्देश्य दिव्यांग खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का मंच उपलब्ध कराना और उनकी खेल प्रतिभा को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना है।
संरक्षक के रूप में मंत्री नारायण सिंह कुशवाह काउंसिल को मार्गदर्शन और सहयोग प्रदान करेंगे। इसके जरिए दिव्यांग क्रिकेट खिलाड़ियों के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा सकेगा। खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने, प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने और राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिनिधित्व का अवसर दिलाने पर जोर रहेगा।
दिव्यांग खिलाड़ियों में प्रतिभा की कमी नहीं है। उन्हें उचित मंच, संसाधन और प्रोत्साहन की जरूरत है। इसी वजह से मंत्री कुशवाह की भूमिका को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उनकी जिम्मेदारी से खिलाड़ियों को अपनी क्षमता प्रदर्शित करने और खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए जरूरी समर्थन मिलने की उम्मीद है।
मंत्री कुशवाह लंबे समय से दिव्यांगजनों के कल्याण, सम्मान और सशक्तिकरण से जुड़े कार्यों में सक्रिय हैं। दिव्यांगजन सशक्तिकरण से जुड़े उनके अनुभव और मार्गदर्शन का लाभ दिव्यांग क्रिकेट को मिल सकता है। इससे खिलाड़ियों के लिए नए अवसर तैयार करने और खेल को प्रोत्साहित करने की पहल को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
दिव्यांग क्रिकेट काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष राजेश भारद्वाज ने मंत्री कुशवाह द्वारा संरक्षक बनने का आमंत्रण स्वीकार किए जाने पर प्रसन्नता जताई। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों के कल्याण के प्रति मंत्री का समर्पण प्रेरणादायक है और उनका मार्गदर्शन खिलाड़ियों के लिए प्रोत्साहन का महत्वपूर्ण स्रोत बनेगा।
DCCI एक गैर-लाभकारी, गैर-राजनीतिक और गैर-सांप्रदायिक संस्था है। यह देशभर में दिव्यांग क्रिकेट के विकास, प्रतियोगिताओं के आयोजन और खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए काम करती है। काउंसिल का लक्ष्य देशभर में दिव्यांग क्रिकेट को बढ़ावा देना और खिलाड़ियों के लिए खेल से जुड़े अवसरों को मजबूत करना है।
मंत्री कुशवाह के संरक्षक बनने से दिव्यांग क्रिकेट को संस्थागत सहयोग और नई दिशा मिलने की उम्मीद है। अब इस पहल को जमीनी स्तर पर प्रभावी बनाने की चुनौती होगी। इसके लिए प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को प्रशिक्षण, प्रतियोगिताओं और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने के अधिक अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में काम करना होगा।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
नारायण सिंह कुशवाह को किस संस्था का संरक्षक नियुक्त किया गया है?
नारायण सिंह कुशवाह को दिव्यांग क्रिकेट काउंसिल ऑफ इंडिया (DCCI) का संरक्षक नियुक्त किया गया है।
नारायण सिंह कुशवाह के मनोनयन को कब मंजूरी मिली?
DCCI के निदेशक मंडल ने 27 अक्टूबर की बैठक में उनके मनोनयन को मंजूरी दी।
DCCI का मुख्य उद्देश्य क्या है?
DCCI का उद्देश्य दिव्यांग खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का मंच देना, प्रतियोगिताएं कराना और उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना है।
संरक्षक के रूप में नारायण सिंह कुशवाह की क्या भूमिका होगी?
वह काउंसिल को मार्गदर्शन और सहयोग देंगे, ताकि खिलाड़ियों को प्रशिक्षण, प्रतियोगिताओं और राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिनिधित्व के बेहतर अवसर मिल सकें।
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