मध्यप्रदेश हाउसिंग बोर्ड ने लीज उल्लंघन की कार्रवाई रोकी, हजारों को राहत
मध्यप्रदेश हाउसिंग बोर्ड की संपत्तियों में लीज शर्तों का उल्लंघन कर व्यवसाय करने वाले हजारों लोगों को बड़ी राहत मिली है।
मध्यप्रदेश हाउसिंग बोर्ड की संपत्तियों में लीज शर्तों का उल्लंघन कर व्यवसाय करने वाले हजारों लोगों को बड़ी राहत मिली है। मध्य प्रदेश गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के आयुक्त ने भोपाल से एक पत्र जारी कर लीज उल्लंघन के मामलों में चल रही समस्त कार्रवाई को आगामी आदेश तक स्थगित कर दिया है।
इस आदेश का सीधा असर हाउसिंग बोर्ड की उन कॉलोनियों पर पड़ेगा, जहां लोग आवासीय मकानों में लंबे समय से व्यापार-व्यवसाय कर रहे हैं। उज्जैन में कानीपुरा रोड, इंदिरा नगर सहित तमाम हाउसिंग बोर्ड कॉलोनियों में रहने वाले लोगों ने इस फैसले के बाद राहत की सांस ली है।
इन कॉलोनियों में हाउसिंग बोर्ड के मकानों में व्यवसाय करने वाले कई लोगों को लीज उल्लंघन का नोटिस मिला था। कार्रवाई की आशंका के चलते उनकी नींद उड़ी हुई थी। अब नए आदेश तक वे पूर्व की तरह अपना व्यापार-व्यवसाय जारी रख सकेंगे। फिलहाल लीज शर्तों के उल्लंघन से जुड़े मामलों में चल रही कार्रवाई को रोक दिया गया है।
यह पत्र आयुक्त गौतम सिंह द्वारा दिनांक 01/10/2026 को क्रमांक 698-9/स.प्र.शा./मुख्यालय/2026 के तहत जारी किया गया है। पत्र प्रदेश के सभी प्रक्षेत्र- भोपाल, ग्वालियर, इंदौर, जबलपुर और संभाग- भोपाल, सागर, ग्वालियर, मुरैना, गुना, इंदौर, धार, खंडवा, उज्जैन, रतलाम, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, छतरपुर, रीवा, सतना, सिंगरौली, बालाघाट, शहडोल, दमोह के संपदा अधिकारी और कार्यपालन यंत्री को भेजा गया है।
पत्र में कहा गया है कि मंडल द्वारा दी गई लीज शर्तों के उल्लंघन पर विहित प्रक्रिया अनुसार कार्रवाई की जा रही है। हालांकि, मंडल की परिसंपत्तियों के ऐसे मामलों में जहां नवीन भू-उपयोग या नगर विकास योजना के तहत उपयोग परिवर्तन को नियमित किया जा सकता है, वहां आगे की प्रक्रिया पर विचार किया जा रहा है।
इसके लिए मध्य प्रदेश नजूल भूमि निर्वर्तन निर्देश में विहित प्रावधानों की भांति एक समिति का गठन किया गया है। यह समिति ऐसे मामलों के नियमितीकरण के संबंध में सुझाव देगी और प्रक्रिया की सिफारिश करेगी।
पत्र में इसी स्थिति को देखते हुए कहा गया है कि लीज शर्तों के उल्लंघन के मामलों में फिलहाल प्रचलित कार्रवाई को आगामी आदेश तक स्थगित रखा जावे।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
मध्यप्रदेश हाउसिंग बोर्ड ने क्या फैसला लिया है?
लीज शर्तों के उल्लंघन के मामलों में चल रही सभी कार्रवाई को आगामी आदेश तक रोक दिया गया है।
इस फैसले से किन लोगों को राहत मिलेगी?
हाउसिंग बोर्ड की आवासीय कॉलोनियों में मकानों से व्यापार-व्यवसाय करने वाले हजारों लोगों को राहत मिलेगी।
क्या लोग अपना व्यापार जारी रख सकेंगे?
हां, नए आदेश तक वे पहले की तरह अपना व्यापार-व्यवसाय जारी रख सकेंगे।
लीज उल्लंघन के मामलों को नियमित करने के लिए क्या किया जा रहा है?
ऐसे मामलों पर सुझाव देने और प्रक्रिया की सिफारिश करने के लिए एक समिति बनाई गई है।
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