एमपी में बुखार के मरीज बढ़े, बिना सलाह एंटीबायोटिक लेने पर चिंता
मध्यप्रदेश से मिली रिपोर्ट के अनुसार सर्दी-जुकाम, खांसी और बुखार के करीब 3 हजार मरीज रोज ओपीडी पहुंच रहे हैं। बिना सलाह एंटीबायोटिक लेने से जोखिम हो सकता है।
भोपाल। मध्यप्रदेश में सर्दी-जुकाम, खांसी और बुखार की शिकायत लेकर मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं। न्यूजरूम को मिली रिपोर्ट के अनुसार, अस्पतालों की ओपीडी में रोज करीब 3 हजार मरीज आ रहे हैं। रिपोर्ट में वायरल संक्रमण के बीच जल्दी राहत पाने के लिए बिना चिकित्सकीय सलाह एंटीबायोटिक लेने की प्रवृत्ति पर चिंता जताई गई है।
बुखार या खांसी होने का मतलब यह नहीं है कि हर मरीज को एंटीबायोटिक की जरूरत है। ये दवाएं बैक्टीरिया के खिलाफ काम करती हैं, वायरस के खिलाफ नहीं। इसलिए वायरल संक्रमण का इलाज अपने आप एंटीबायोटिक शुरू करके नहीं किया जाना चाहिए। बैक्टीरियल संक्रमण की जरूरत होने पर डॉक्टर इन दवाओं का निर्णय लेते हैं।
बिना जरूरत या गलत तरीके से एंटीबायोटिक लेने से रोगाणुरोधी प्रतिरोध का खतरा बढ़ सकता है। इसका मतलब है कि बैक्टीरिया दवा के प्रति प्रतिरोधी हो सकते हैं और उनके कारण हुए संक्रमण का उपचार कठिन हो सकता है। यह प्रतिरोध मरीज के शरीर में नहीं, संबंधित सूक्ष्मजीवों में विकसित होता है।
रिपोर्ट में कुछ दवाओं से किडनी को नुकसान पहुंचने की आशंका का भी उल्लेख है। हर एंटीबायोटिक का जोखिम एक जैसा नहीं होता। कुछ एंटीबायोटिक किडनी पर असर डाल सकती हैं, खासकर जब दवा गलत तरीके से ली जाए या पहले से किडनी संबंधी समस्या हो। इसलिए तुरंत आराम पाने के लिए दवा या उसकी मात्रा खुद तय नहीं करनी चाहिए।
एंटीबायोटिक का इस्तेमाल डॉक्टर की सलाह और निर्धारित खुराक के अनुसार ही करने की सलाह दी गई है। सर्दी-जुकाम, खांसी या बुखार में उचित उपचार के लिए चिकित्सकीय परामर्श लेना जरूरी है। बिना सलाह दवा शुरू करने के बजाय बीमारी और उपचार की जरूरत का आकलन कराया जाना चाहिए।
बुखार के साथ सांस लेने में परेशानी, सीने में दर्द, बहुत ज्यादा कमजोरी, लगातार उल्टी या पेशाब कम होने पर तुरंत चिकित्सकीय सहायता लें। ऐसे संकेतों को नजरअंदाज न करें। रिपोर्ट में पर्याप्त आराम और जरूरत के अनुसार पानी व तरल पदार्थ लेने का भी सुझाव है। जिन मरीजों को डॉक्टर ने तरल पदार्थ सीमित करने को कहा है, वे अपने चिकित्सक के निर्देशों का पालन करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्या एंटीबायोटिक वायरस पर असर करती हैं?
बुखार या खांसी होने का मतलब यह नहीं है कि हर मरीज को एंटीबायोटिक की जरूरत है। ये दवाएं बैक्टीरिया के खिलाफ काम करती हैं, वायरस के खिलाफ नहीं। इसलिए वायरल संक्रमण का इलाज अपने आप एंटीबायोटिक शुरू करके नहीं किया जाना चाहिए। बैक्टीरियल संक्रमण की जरूरत होने पर डॉक्टर इन दवाओं का निर्णय लेते हैं।
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