मुजफ्फरनगर के स्कूल में मार्शल आर्ट चैंपियनशिप, छात्रों ने दिखाया दमखम
होली चाइल्ड पब्लिक इंटर कॉलेज, जड़ौदा, मुजफ्फरनगर में मार्शल आर्ट चैंपियनशिप-2026 का भव्य और उत्साहपूर्ण आयोजन किया गया।
होली चाइल्ड पब्लिक इंटर कॉलेज, जड़ौदा, मुजफ्फरनगर में मार्शल आर्ट चैंपियनशिप-2026 का भव्य और उत्साहपूर्ण आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने ताइक्वांडो, बॉक्सिंग, ननचाकू और म्यूजिकल मार्शल आर्ट जैसी अलग-अलग विधाओं में अपनी प्रतिभा, साहस, अनुशासन और आत्मविश्वास का शानदार प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रीय लोक दल के जिलाध्यक्ष श्री संजय राठी, जिला क्रीड़ा अधिकारी श्री भूपेंद्र सिंह यादव, आर्यवास डायरेक्टर श्री आर्यन राज कौशिक, श्री धर्मेंद्र तोमर, डॉ. रणवीर सिंह, डॉ. राजीव कुमार, श्री अनिल शास्त्री, श्री भूपेंद्र सिंह (प्रधान), श्री नमन राजवंश, श्री आदित्य दहिया, श्री समुद्र सेन और विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री प्रवेंद्र दहिया ने संयुक्त रूप से की। सभी अतिथियों ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित कर चैंपियनशिप का शुभारंभ किया।
कार्यक्रम में मौजूद अतिथियों ने विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने मार्शल आर्ट के महत्व, खेल भावना, अनुशासन और आत्मरक्षा के प्रति जागरूकता पर अपने विचार रखे। वक्ताओं ने कहा कि मार्शल आर्ट विद्यार्थियों को शारीरिक रूप से मजबूत बनाने के साथ-साथ उनमें आत्मविश्वास, मानसिक मजबूती और आत्मनिर्भरता का भाव भी विकसित करता है।
राष्ट्रीय लोक दल के जिलाध्यक्ष श्री संजय राठी ने कहा कि खेल विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि मार्शल आर्ट जैसी विधाएं बच्चों में आत्मविश्वास, साहस और आत्मनिर्भरता का भाव विकसित करती हैं। उनके अनुसार, खेल विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास में अहम भूमिका निभाते हैं।
जिला क्रीड़ा अधिकारी श्री भूपेंद्र सिंह यादव ने कहा कि खेलों में सफलता हासिल करने के लिए लगातार अभ्यास, अनुशासन और समर्पण जरूरी है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे जिला, प्रदेश, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए लगातार कोशिश करते रहें।
आर्यवास के डायरेक्टर श्री आर्यन राज कौशिक ने कहा कि मार्शल आर्ट केवल शारीरिक कौशल नहीं है, बल्कि यह आत्मसंयम और मानसिक दृढ़ता का भी प्रतीक है। उन्होंने कहा कि हर विद्यार्थी को अपने जीवन में किसी न किसी खेल को जरूर अपनाना चाहिए।
श्री धर्मेंद्र तोमर ने कहा कि आज के समय में बच्चों के लिए आत्मरक्षा का ज्ञान बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि मार्शल आर्ट बच्चों को विपरीत परिस्थितियों का सामना करने और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की ताकत देता है।
डॉ. रणवीर सिंह ने कहा कि खेलों से शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ मानसिक मजबूती भी मिलती है। उन्होंने विद्यार्थियों से पढ़ाई के साथ खेलों में भी समान रूप से रुचि लेने की अपील की।
डॉ. राजीव कुमार ने कहा कि खेल जीवन में संघर्ष करने, हार से सीखने और जीत के लिए लगातार कोशिश करने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने कहा कि हर खिलाड़ी को अपनी प्रतिभा का सबसे अच्छा प्रदर्शन करना चाहिए।
श्री अनिल शास्त्री ने कहा कि मार्शल आर्ट भारतीय संस्कृति के आत्मबल, अनुशासन और आत्मरक्षा के मूल्यों को आगे बढ़ाने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि इस तरह की प्रतियोगिताएं बच्चों में सकारात्मक ऊर्जा और नेतृत्व क्षमता विकसित करती हैं।
श्री भूपेंद्र सिंह (प्रधान) ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि जरूरत केवल उन्हें सही मंच, मार्गदर्शन और प्रोत्साहन देने की है। उन्होंने ऐसी प्रतियोगिताओं को विद्यार्थियों की प्रतिभा सामने लाने का जरिया बताया।
चैंपियनशिप के दौरान खिलाड़ियों ने ताइक्वांडो, बॉक्सिंग और ननचाकू प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन किया। अलग-अलग मुकाबलों में विजेता खिलाड़ियों को अतिथियों ने स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक देकर सम्मानित किया।
सीनियर वर्ग में असद, मानवी, रक्षित, काव्या, अस्फान, अक्षय, आरव, वाहिद, अभी, शाद, नंदिनी, अर्श, दक्ष और विराज ने शानदार प्रदर्शन किया। इन खिलाड़ियों ने स्वर्ण पदक प्राप्त किए और प्रतियोगिता में अपनी प्रतिभा का प्रभावशाली परिचय दिया।
जूनियर वर्ग में सैफी, अनवीश, सोनाक्षी, अरमान, हम्माद, अंश, उजैफ, आयुष, शिवांश सैनी, शिवांश और आयत ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। इन खिलाड़ियों ने भी स्वर्ण पदक हासिल किए।
कार्यक्रम का खास आकर्षण म्यूजिकल मार्शल आर्ट प्रदर्शन रहा। बालिका वर्ग में अनामिका, सृष्टि और सोनाक्षी ने संगीत की धुनों पर मार्शल आर्ट का शानदार प्रदर्शन किया। बालक वर्ग में फरहान, श्रीकांत और नक्श ने भी संगीत के साथ मार्शल आर्ट की प्रस्तुति दी।
म्यूजिकल मार्शल आर्ट प्रदर्शन के दौरान खिलाड़ियों ने अपनी गति, तालमेल, संतुलन और आत्मविश्वास से उपस्थित अतिथियों और दर्शकों का ध्यान खींचा। उनके शानदार और रोमांचक प्रदर्शन ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। प्रदर्शन के बाद अतिथियों और दर्शकों ने खिलाड़ियों के तालमेल, गति, संतुलन और आत्मविश्वास की सराहना की।
प्रतियोगिता के सफल संचालन में कोच राखी सूर्य देव, श्रीमती अंजू, श्री कन्हैया और श्री प्रहलाद सैनी ने रेफरी की भूमिका निभाई। उन्होंने मुकाबलों का निष्पक्षता के साथ संचालन किया। इसके साथ ही उन्होंने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन भी किया और प्रतियोगिता के दौरान उनका हौसला बढ़ाया।
कार्यक्रम में सभी अतिथियों ने खिलाड़ियों की मेहनत, लगन और अनुशासन की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि एक खिलाड़ी पूरे वर्ष लगातार अभ्यास करता है और हर प्रतियोगिता में अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश करता है। इसलिए हर खिलाड़ी का सम्मान और प्रोत्साहन जरूरी है।
अतिथियों ने विद्यार्थियों को मार्शल आर्ट की कला में लगातार अभ्यास करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी जिला, प्रदेश, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाएं। उन्होंने विद्यार्थियों को भविष्य में अपने देश का प्रतिनिधित्व करने और राष्ट्र का गौरव बढ़ाने के लिए भी प्रेरित किया।
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के प्रधानाचार्य प्रवेंद्र दहिया ने सभी सम्मानित अतिथियों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि विद्यालय का उद्देश्य केवल विद्यार्थियों को शैक्षणिक ज्ञान देना नहीं है, बल्कि उन्हें शारीरिक, मानसिक और नैतिक रूप से सशक्त बनाना भी है।
प्रधानाचार्य प्रवेंद्र दहिया ने कहा कि खेल विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण का अभिन्न अंग हैं। उन्होंने सभी खिलाड़ियों को उनकी शानदार उपलब्धियों के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि हर विद्यार्थी के अंदर कोई न कोई खास प्रतिभा होती है।
उन्होंने कहा कि विद्यालय का प्रयास है कि हर विद्यार्थी को अपनी प्रतिभा निखारने के लिए सही मंच और अवसर मिले। प्रधानाचार्य ने विद्यार्थियों को खेलों में आगे बढ़ने, लगातार अभ्यास करने और अपनी क्षमताओं को बेहतर बनाने के लिए प्रोत्साहित किया।
कार्यक्रम के अंत में सभी विजेता खिलाड़ियों को शुभकामनाएं दी गईं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई। पूरा कार्यक्रम उत्साह, अनुशासन, खेल भावना और विद्यार्थियों के जोश से भरा रहा।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
मार्शल आर्ट चैंपियनशिप-2026 का आयोजन कहां हुआ?
मार्शल आर्ट चैंपियनशिप-2026 का आयोजन होली चाइल्ड पब्लिक इंटर कॉलेज, जड़ौदा, मुजफ्फरनगर में हुआ।
चैंपियनशिप में विद्यार्थियों ने किन विधाओं में हिस्सा लिया?
विद्यार्थियों ने ताइक्वांडो, बॉक्सिंग, ननचाकू और म्यूजिकल मार्शल आर्ट में अपनी प्रतिभा दिखाई।
मार्शल आर्ट से विद्यार्थियों को क्या फायदे होते हैं?
मार्शल आर्ट से विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, मानसिक मजबूती, अनुशासन और आत्मनिर्भरता का भाव बढ़ता है।
खेलों में सफलता के लिए जिला क्रीड़ा अधिकारी ने क्या जरूरी बताया?
जिला क्रीड़ा अधिकारी भूपेंद्र सिंह यादव ने लगातार अभ्यास, अनुशासन और समर्पण को जरूरी बताया।
सबसे ज़्यादा पढ़ी गई
- 1
हाथरस में किन्नर गुरु मनीषा ने आरोपों को बताया बेबुनियाद, जांच की मांग
- 2
मार्विन अची का आरोप, शिवानी कुमारी ने मुंह पर कालिख लगाई
- 3
सीएम योगी ने श्रावस्ती के डॉक्टर एनएन पांडेय को भेजा प्रशंसा पत्र
- 4
शामली में पिकअप-ट्रैक्टर-ट्रॉली की भिड़ंत, एक युवक की मौत; चार घायल
- 5
श्रावस्ती में सुहागिनों ने रखा करवा चौथ व्रत, चांद का इंतजार
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं। पहली टिप्पणी करें।