मां के अंतिम संस्कार में जाने के रास्ते डंपर की टक्कर से युवक की मौत
जिले में एक दर्दनाक सड़क हादसे में डंपर की टक्कर से 27 वर्षीय बाइक सवार की मौके पर ही मौत हो गई। मृतक अपनी मां के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए मुंबई से गांव लौटा था।
जिले में एक दर्दनाक सड़क हादसे में डंपर की टक्कर से 27 वर्षीय बाइक सवार की मौके पर ही मौत हो गई। मृतक अपनी मां के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए मुंबई से गांव लौटा था।
हादसा शुक्रवार रात करीब आठ बजे लोहंगपुर-सुखपाल नगर हाईवे पर मेडिकल कॉलेज के आगे जहरगो गांव के पास हुआ। अंतू थाना इलाके के गड़ई चकदेइया निवासी मोतीलाल वर्मा किसी काम से बाइक पर गायघाट के राम-राम चौराहे गए थे। वहां से लौटते वक्त जहरगो गांव के पास तेज रफ्तार डंपर ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी।
मोतीलाल मुंबई में वाहन चलाकर अपने परिवार का पेट पालते थे। कुछ समय पहले उनकी मां गेंदा देवी का निधन हो गया था। मां के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए वह मुंबई से अपने गांव आए थे। इसी दौरान सड़क हादसे ने परिवार की खुशियां छीन लीं।
मोतीलाल पांच भाइयों बसंत लाल, शीतलाल, मुंशीलाल और राकेश में चौथे नंबर पर थे। उनकी दो बहनें भी हैं। परिवार में पत्नी नीलम वर्मा और तीन छोटी बेटियां हैं। बेटियों में मयरा चार साल की है, जयरा दो साल की है और नायरा महज एक महीने की है।
घटना की खबर मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। हादसे के बाद से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। सबसे दर्दनाक हालत मृतक की पत्नी और तीनों मासूम बेटियों की है, जिनके सिर से पिता का साया उठ गया।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
यह हादसा कहां और कब हुआ?
यह दुर्घटना शुक्रवार रात करीब 8 बजे लोहंगपुर-सुखपाल नगर हाईवे पर मेडिकल कॉलेज के आगे जहरगो गांव के पास हुई। एक तेज रफ्तार डंपर ने बाइक को जोरदार टक्कर मार दी।
मृतक कौन था और वह गांव क्यों आया था?
मृतक 27 वर्षीय मोतीलाल वर्मा था, जो गड़ई चकदेइया का रहने वाला था। वह मुंबई में वाहन चलाकर अपने परिवार का पेट पालता था। वह अपनी मां गेंदा देवी के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए मुंबई से गांव लौटा था।
मोतीलाल के परिवार में कितने सदस्य हैं?
मोतीलाल के पांच भाई (बसंत लाल, शीतलाल, मुंशीलाल और राकेश) और दो बहनें हैं। उसकी पत्नी नीलम वर्मा और तीन छोटी बेटियां हैं - मयरा (4 साल), जयरा (2 साल) और नायरा (1 महीने की)।
इस हादसे का परिवार पर क्या असर पड़ा?
यह हादसा परिवार के लिए बहुत दर्दनाक साबित हुआ। न सिर्फ उन्हें अपनी मां खो दी, बल्कि कुछ ही घंटों बाद मोतीलाल की अचानक मौत हो गई। सबसे ज्यादा दुर्दशा मृतक की पत्नी और तीनों मासूम बेटियों की हुई, जिनके सिर से पिता का साया उठ गया।
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