सोलर प्रोजेक्ट धोखाधड़ी में 73 लाख रुपये हड़पने वाला आरोपी दिल्ली से गिरफ्तार
दिल्ली से सोलर प्रोजेक्ट घोटाले में 73 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने वाला एक और आरोपी गिरफ्तार मेघालय सरकार के सोलर स्ट्रीट लाइट और पोल सप्लाई का टेंडर दिलाने के नाम पर 73 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने के
मेघालय सरकार के सोलर स्ट्रीट लाइट और पोल सप्लाई का टेंडर दिलाने के नाम पर 73 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने के मामले में पुलिस ने एक और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी फैय्याज चिकोड़े को दिल्ली से हिरासत में लिया गया है। आरोपी ने प्रोजेक्ट में निवेश कर लाभ कमाने का झांसा देकर फरियादी से यह बड़ी रकम हड़प ली थी।
उज्जैन पुलिस ने 11 सितंबर 2026 को आरोपी फैय्याज चिकोड़े पिता अप्पा साहेब चिकोड़े, निवासी नई दिल्ली को गिरफ्तार किया। 12 सितंबर 2026 को आरोपी को माननीय न्यायालय के सामने पेश किया गया, जहां से उसे 7 दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया है। पुलिस रिमांड के दौरान आरोपी से धोखाधड़ी की रकम, उसके इस्तेमाल, प्रोजेक्ट से जुड़े दस्तावेजों और इस मामले में शामिल अन्य लोगों के बारे में विस्तार से पूछताछ की जा रही है।
यह मामला थाना माधवनगर, जिला उज्जैन में दर्ज किया गया था। फरियादी जितेन्द्र सिंह सोलंकी, जो फिलहाल स्कॉटलैंड में रह रहे हैं, ने लिखित शिकायत दी थी। उनकी शिकायत के मुताबिक, आरोपियों ने मेघालय सरकार के सोलर स्ट्रीट लाइट और पोल सप्लाई के 19.68 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट में निवेश कर मुनाफा दिलाने का झांसा दिया था। इस प्रलोभन में फंसकर फरियादी ने कुल 73 लाख रुपये का निवेश किया।
शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने फरियादी से यह रकम ऑनलाइन और नगद दोनों तरीकों से ली। आरोपियों ने प्रोजेक्ट में निवेश पर लाभ का लालच देकर फरियादी को अपने जाल में फंसाया। लेकिन बाद में आरोपियों ने टेंडर के तहत सामान सप्लाई करने में अपनी असमर्थता जाहिर की और फरियादी को उसकी रकम वापस नहीं की। इसके बाद फरियादी को धोखाधड़ी का एहसास हुआ और उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
थाना माधवनगर पुलिस ने इस मामले में कुल 5 आरोपियों के खिलाफ धारा 318(4), 3(5) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध किया। आरोपियों में हरपाल सिंह उर्फ आसंजय सिंह, हितेन्द्र सिंह राणावत, दपवन राो, फैय्याज चिकोड़े और अभय प्रकाश, निदेशक केएसएफ ग्रुप इंडिया लिमिटेड, के नाम शामिल हैं। अब तक इस मामले में 3 आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि एक आरोपी अभी भी फरार है। फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार कोशिश कर रही है।
यह कार्रवाई अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर श्री गुरुप्रसाद पाराशर और नगर पुलिस अधीक्षक श्रीमती दीपिका शिंदे के मार्गदर्शन में की गई। थाना माधवनगर पुलिस टीम ने इस पूरी कार्रवाई में मुख्य भूमिका निभाई और दिल्ली जाकर आरोपी को हिरासत में लेने में कामयाबी हासिल की।
उज्जैन पुलिस धोखाधड़ी और आर्थिक अपराधों में तेज कार्रवाई करते हुए मामलों का जल्द निपटारा सुनिश्चित कर रही है। स्कॉटलैंड में रह रहे फरियादी जितेन्द्र सिंह सोलंकी ने 73 लाख रुपये की धोखाधड़ी के इस मामले में तेज कार्रवाई और आरोपी की गिरफ्तारी पर उज्जैन पुलिस का आभार जताया है। फरियादी ने पुलिस को धन्यवाद देते हुए कहा कि उन्हें उज्जैन पुलिस की कार्यशैली से बहुत संतोष मिला है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
यह सोलर प्रोजेक्ट धोखाधड़ी क्या थी?
आरोपियों ने मेघालय सरकार के सोलर स्ट्रीट लाइट और पोल सप्लाई प्रोजेक्ट में निवेश कर मुनाफा दिलाने का झांसा दिया। यह प्रोजेक्ट 19.68 करोड़ रुपये का था। उन्होंने फरियादी को इसमें निवेश के नाम पर 73 लाख रुपये निकाल लिए, लेकिन बाद में टेंडर पूरा नहीं किया और पैसे वापस नहीं किए।
गिरफ्तार किए गए आरोपी का नाम क्या है?
फैय्याज चिकोड़े को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया है। वह लंबे समय से फरार था और पुलिस ने 11 सितंबर 2026 को उसे हिरासत में लिया।
इस मामले में कितने आरोपी हैं?
कुल 5 आरोपियों के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध किया गया है - हरपाल सिंह, हितेन्द्र सिंह राणावत, दपवन राव, फैय्याज चिकोड़े और अभय प्रकाश। अब तक 3 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं, जबकि 1 अभी भी फरार है।
फरियादी कौन है और वह कहां रह रहे हैं?
फरियादी का नाम जितेन्द्र सिंह सोलंकी है और वह स्कॉटलैंड में रह रहे हैं। उन्होंने ही पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी।
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