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Madhya Pradesh Official source मध्य प्रदेश

मध्यप्रदेश में दिव्यांगों के 20 हजार पदों पर विशेष भर्ती शुरू

मध्यप्रदेश में दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए सरकारी नौकरी का इंतजार कर रहे लोगों को राहत देने के लिए विशेष भर्ती अभियान शुरू किया गया है।

मध्यप्रदेश में दिव्यांगों के 20 हजार पदों पर विशेष भर्ती शुरू
Image credit: News Darpan Team

मध्यप्रदेश में दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए सरकारी नौकरी का इंतजार कर रहे लोगों को राहत देने के लिए विशेष भर्ती अभियान शुरू किया गया है। प्रदेश के अलग-अलग सरकारी विभागों में दिव्यांगजन के लिए आरक्षित करीब 20 हजार रिक्त पदों को इस अभियान के जरिए भरने की तैयारी है। सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) ने 9 अक्टूबर 2026 को इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं।

मौजूदा विशेष भर्ती अभियान 31 दिसंबर 2026 तक चलेगा। इसके बाद हर साल 1 जनवरी से 31 मार्च के बीच दिव्यांगजन के लिए विशेष भर्ती अभियान आयोजित किया जाएगा। सरकार ने इस अभियान को नियमित व्यवस्था का रूप देने का फैसला किया है, ताकि आरक्षित पदों को भरने की प्रक्रिया तय समय के भीतर आगे बढ़ाई जा सके।

इस भर्ती प्रक्रिया में इंटरव्यू के लिए अलग से अंक नहीं दिए जाएंगे। संबंधित पद के भर्ती नियमों, शैक्षणिक योग्यता और निर्धारित पात्रता के आधार पर मेरिट सूची तैयार की जाएगी। इसी मेरिट सूची के आधार पर चयन किया जाएगा। यानी चयन में इंटरव्यू के अंकों की अलग भूमिका नहीं होगी और अभ्यर्थियों की मेरिट उनकी शैक्षणिक योग्यता तथा पद के लिए तय पात्रता के आधार पर बनाई जाएगी।

सरकार ने भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए विज्ञापन जारी करने, दस्तावेजों की जांच और दावा-आपत्ति से जुड़े नियम भी तय किए हैं। पूरी प्रक्रिया में रिक्त पदों की जानकारी, दिव्यांगता की संबंधित श्रेणी और आवश्यक शैक्षणिक योग्यता को स्पष्ट रूप से बताया जाएगा। इससे अभ्यर्थियों को आवेदन करने से पहले पद से जुड़ी जरूरी शर्तों की जानकारी मिल सकेगी।

विभागीय सर्वे के मुताबिक, मध्यप्रदेश में दिव्यांगजन के लिए लगभग 36 हजार पद आरक्षित हैं। इनमें से करीब 16 हजार पदों पर कर्मचारी कार्यरत हैं। वहीं, लगभग 20 हजार पद अब भी रिक्त बताए गए हैं। इन्हीं रिक्त पदों को भरने के लिए विशेष भर्ती अभियान शुरू किया गया है।

इन पदों को भरने के लिए लंबे समय से विशेष अभियान चलाने की मांग की जा रही थी। आयुक्त दिव्यांगजन डॉ. अजय खेमरिया के मुताबिक, इस मांग पर सरकार ने अब भर्ती अभियान शुरू करने के निर्देश दिए हैं। अभियान के जरिए आरक्षित रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया संबंधित सरकारी विभागों के स्तर पर आगे बढ़ाई जाएगी।

सरकार ने कहा है कि भर्ती की जानकारी अधिक से अधिक पात्र अभ्यर्थियों तक पहुंचाने के लिए संबंधित विभागों को व्यापक प्रचार-प्रसार करना होगा। इसके तहत कम से कम दो प्रमुख दैनिक समाचार पत्रों में विज्ञापन प्रकाशित करना जरूरी होगा। इसके अलावा विभागीय वेबसाइट और सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के पोर्टल पर भी भर्ती से जुड़ी जानकारी अपलोड करनी होगी।

विज्ञापन में रिक्त पदों की संख्या का साफ उल्लेख करना होगा। इसके साथ ही दिव्यांगता की संबंधित श्रेणी, जरूरी शैक्षणिक योग्यता और भर्ती से जुड़ी अन्य आवश्यक शर्तें भी बतानी होंगी। अभ्यर्थियों को यह जानकारी आधिकारिक विज्ञापन के जरिए मिलेगी और इसी के आधार पर वे अपनी पात्रता देख सकेंगे।

विज्ञापन प्रकाशित होने के कम से कम 30 दिन बाद ही भर्ती अभियान की तारीख और स्थान निर्धारित किए जा सकेंगे। इसका मतलब है कि विज्ञापन जारी होने के तुरंत बाद चयन प्रक्रिया शुरू नहीं की जा सकेगी। अभ्यर्थियों को आवेदन और आगे की प्रक्रिया के लिए कम से कम 30 दिन का समय दिए जाने के बाद ही भर्ती अभियान से जुड़ी तारीख और स्थान तय होंगे।

आवेदन मिलने के बाद दस्तावेजों की प्रारंभिक जांच की जाएगी। इस जांच के आधार पर पात्र और अपात्र अभ्यर्थियों की अलग-अलग सूची तैयार होगी। दोनों सूचियों को संबंधित वेबसाइट पर अपलोड किया जाएगा। इससे आवेदन करने वाले अभ्यर्थी यह देख सकेंगे कि उन्हें भर्ती प्रक्रिया में पात्र माना गया है या नहीं।

यदि किसी अभ्यर्थी को अपात्र घोषित किए जाने पर आपत्ति है, तो वह सूची जारी होने के 15 दिन के भीतर अपना दावा प्रस्तुत कर सकेगा। दावा-आपत्ति की यह व्यवस्था उन अभ्यर्थियों के लिए होगी, जिन्हें प्रारंभिक जांच के बाद अपात्र सूची में रखा गया है। तय समय के भीतर दावा प्रस्तुत करने का मौका दिया जाएगा।

मेरिट के आधार पर विज्ञापित पदों की संख्या से अधिकतम दो गुना अभ्यर्थियों को मूल दस्तावेजों के सत्यापन के लिए बुलाया जाएगा। इस चरण में अभ्यर्थियों के मूल दस्तावेज देखे जाएंगे। इससे शैक्षणिक योग्यता, निर्धारित पात्रता और आवेदन में दी गई जानकारी की पुष्टि की जा सकेगी।

दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया के जरिए यह सुनिश्चित किया जाएगा कि चयन के लिए बुलाए गए अभ्यर्थी संबंधित पद की शर्तों को पूरा करते हैं। साथ ही, दिव्यांगता की संबंधित श्रेणी और जरूरी प्रमाण-पत्रों की भी जांच भर्ती प्रक्रिया के तय नियमों के अनुसार की जाएगी। इसके बाद मेरिट और पात्रता के आधार पर चयन की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

यदि किसी अभ्यर्थी का चयन दो अलग-अलग विभागों में हो जाता है, तो उसे एक विभाग का विकल्प चुनना होगा। अभ्यर्थी दोनों विभागों में से किसी एक विभाग में नियुक्ति लेने का विकल्प चुन सकेगा। इसके बाद दूसरे विभाग में खाली होने वाला पद प्रतीक्षा सूची में शामिल अभ्यर्थी से भरा जा सकेगा।

इस व्यवस्था से प्रतीक्षा सूची में शामिल उम्मीदवारों को भी नियुक्ति का अवसर मिल सकता है। किसी अभ्यर्थी के दो विभागों में चयन के बाद एक पद खाली होने पर उस पद को खाली नहीं छोड़ा जाएगा, बल्कि प्रतीक्षा सूची के अभ्यर्थी को मौका दिया जा सकेगा। इस तरह चयन प्रक्रिया में उपलब्ध पदों का इस्तेमाल किया जा सकेगा।

सरकार ने आगामी वर्षों के लिए भी अभियान की समय-सीमा तय कर दी है। अब हर साल 1 जनवरी से 31 मार्च के बीच विशेष भर्ती अभियान चलाया जाएगा। इसके साथ ही 29 अप्रैल 2025 को जारी पुराना आदेश निरस्त कर नई ऑनलाइन रिकॉर्ड व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।

विशेष भर्ती अभियान का लाभ लेने के इच्छुक दिव्यांग अभ्यर्थियों को अपने शैक्षणिक प्रमाण-पत्र, वैध एवं अद्यतन दिव्यांगता प्रमाण-पत्र और अन्य जरूरी दस्तावेज अभी से तैयार रखने चाहिए। आवेदन करने से पहले संबंधित विभाग का आधिकारिक विज्ञापन जरूर देखना होगा।

अभ्यर्थियों को पद की पात्रता, दिव्यांगता की श्रेणी और आवेदन की समय-सीमा भी ध्यान से जांचनी होगी। भर्ती से जुड़ी अंतिम जानकारी और पदवार विवरण संबंधित विभागों की ओर से जारी किए जाने वाले विज्ञापनों से ही स्पष्ट होगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मध्यप्रदेश में दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए कितने पदों पर विशेष भर्ती होगी?

दिव्यांगजन के लिए आरक्षित करीब 20 हजार रिक्त पदों को इस अभियान के जरिए भरा जाएगा।

मौजूदा विशेष भर्ती अभियान कब तक चलेगा?

मौजूदा विशेष भर्ती अभियान 31 दिसंबर 2026 तक चलेगा। इसके बाद हर साल 1 जनवरी से 31 मार्च के बीच ऐसा अभियान होगा।

दिव्यांग अभ्यर्थियों का चयन किस आधार पर किया जाएगा?

चयन भर्ती नियमों, शैक्षणिक योग्यता और तय पात्रता के आधार पर बनी मेरिट सूची से होगा। इंटरव्यू के लिए अलग से अंक नहीं दिए जाएंगे।

भर्ती की जानकारी अभ्यर्थियों तक कैसे पहुंचाई जाएगी?

भर्ती की जानकारी कम से कम दो प्रमुख दैनिक समाचार पत्रों, विभागीय वेबसाइट और सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के पोर्टल पर जारी की जाएगी।

विज्ञापन जारी होने के कितने दिन बाद भर्ती की तारीख और जगह तय होगी?

विज्ञापन प्रकाशित होने के कम से कम 30 दिन बाद ही भर्ती अभियान की तारीख और स्थान तय किए जा सकेंगे।

#government jobs#दिव्यांग भर्ती#मध्य प्रदेश#विशेष भर्ती अभियान

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