जिम्बाब्वे के खिलाफ लिटन ने सीनियर बल्लेबाजों से जिम्मेदारी लेने को कहा
लिटन ने जिम्बाब्वे के खिलाफ बांग्लादेश के सीनियर बल्लेबाजों से जिम्मेदारी उठाने को कहा जिम्बाब्वे बनाम बांग्लादेश: ट्राई-सीरीज़ के पहले मैच में लिटन की बल्लेबाजी चुनौती सबसे अहम बांग्लादेश के कप्तान
जिम्बाब्वे बनाम बांग्लादेश: ट्राई-सीरीज़ के पहले मैच में लिटन की बल्लेबाजी चुनौती सबसे अहम
बांग्लादेश के कप्तान लिटन दास ने टीम के सीनियर बल्लेबाजों से जिम्मेदारी लेने को कहा है। बांग्लादेश 17 अक्टूबर को अबू धाबी में होने वाली तीन देशों की वनडे सीरीज़ के पहले मैच में जिम्बाब्वे का सामना करने की तैयारी कर रहा है।
यह अपील ऐसे समय में आई है, जब बांग्लादेश को अफगानिस्तान और जिम्बाब्वे के खिलाफ हाल की वनडे सीरीज़ में 50 ओवर तक बल्लेबाजी करने में परेशानी हुई।
लिटन जुलाई में जिम्बाब्वे के खिलाफ हुई विदेशी सीरीज़ से बाहर रहने के बाद बांग्लादेश के वनडे कप्तान के रूप में लौटे हैं। लेकिन उनका पहला काम ऐसी बल्लेबाजी यूनिट से निपटना होगा, जो घरेलू मैदान से बाहर बार-बार ढहती रही है।
जिम्बाब्वे के पास बांग्लादेश के खिलाफ हाल का बढ़त वाला रिकॉर्ड है। उसने जुलाई में दोनों टीमों के बीच हुई वनडे सीरीज़ जीती थी। उसी दौरे का एकमात्र टेस्ट भी जिम्बाब्वे ने जीता था।
यह मैच बांग्लादेश, जिम्बाब्वे और अफगानिस्तान के बीच होने वाली ट्राई-सीरीज़ की शुरुआत भी करेगा। बांग्लादेश को 21 अक्टूबर को अफगानिस्तान का सामना करना है।
बांग्लादेश की बल्लेबाजी की समस्या
टूर्नामेंट में शामिल दूसरी टीमों के खिलाफ बांग्लादेश के हाल के वनडे रिकॉर्ड ने उसकी बल्लेबाजी पर सवाल खड़े किए हैं।
अक्टूबर 2025 में अबू धाबी में अफगानिस्तान ने उसे 3-0 से हराया था। यही वह मैदान है, जहां बांग्लादेश को जिम्बाब्वे के खिलाफ खेलना है।
इसके बाद जुलाई में बांग्लादेश जिम्बाब्वे से 2-1 से हार गया।
इन दोनों सीरीज़ की हार के बीच बांग्लादेश ने अपने पिछले कप्तान मेहदी हसन मिराज की अगुआई में वेस्टइंडीज, पाकिस्तान, न्यूज़ीलैंड और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ घर में लगातार चार सीरीज़ जीती थीं।
घर और विदेशी मैदान पर उसके प्रदर्शन में बहुत बड़ा फर्क रहा है। दोनों दौरों में बल्लेबाजी को सबसे बड़ी समस्या बताया गया।
बांग्लादेश का आखिरी वनडे दौरा जिम्बाब्वे के खिलाफ हरारे में हुई सीरीज़ थी।
पहले मैच में बांग्लादेश को 141 रन का लक्ष्य मिला था, लेकिन पूरी टीम 33.1 ओवर में 116 रन पर आउट हो गई।
दूसरे मैच में 247 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए बांग्लादेश 48.1 ओवर में 234 रन पर ऑल आउट हो गया।
तीसरा मैच convincingly जीतकर बांग्लादेश ने सीरीज़ में क्लीन स्वीप से खुद को बचाया।
अफगानिस्तान के खिलाफ सीरीज़ में बल्लेबाजी का प्रदर्शन इससे भी खराब रहा। बांग्लादेश तीनों में से किसी भी मैच में 50 ओवर पूरे नहीं कर सका।
आखिरी दो वनडे में वह 109 और 93 रन पर ऑल आउट हुआ और आखिरी मैच 200 रन से हार गया।
लिटन ने माना कि पारी को पूरा करने तक बल्लेबाजी न कर पाना बांग्लादेश की बार-बार सामने आने वाली समस्या बन गई है।
लिटन ने कहा, “सीनियर खिलाड़ियों को जिम्मेदारी लेनी होगी। एक बल्लेबाजी यूनिट के रूप में हमें उस समस्या पर ध्यान देना होगा, जिसका आपने जिक्र किया है, यानी हम 50 ओवर तक बल्लेबाजी नहीं कर पाए हैं। हम अफगानिस्तान में ऐसा नहीं कर सके और जिम्बाब्वे के खिलाफ भी हमें परेशानी हुई। इसलिए बल्लेबाजी क्रम में ऊपर से लेकर नंबर छह और सात तक हम सभी को जिम्मेदारी लेनी होगी और यह पक्का करना होगा कि हम मैच खत्म करके ही लौटें।”
उन्होंने कहा कि बांग्लादेश के विकल्प सीमित हैं, क्योंकि टीम आम तौर पर केवल छह विशेषज्ञ बल्लेबाजों के साथ खेलती है।
लिटन ने कहा, “अगर निचला क्रम बल्ले से पर्याप्त योगदान नहीं दे पाता, तो पारी रुक सकती है। इससे बल्लेबाजों पर अतिरिक्त दबाव भी पड़ सकता है। हम यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि इस समस्या से कैसे निपटा जाए।”
इसलिए चिंता केवल शीर्ष क्रम तक सीमित नहीं है। लिटन ने खास तौर पर शीर्ष छह या सात बल्लेबाजों को भी जिम्मेदारी लेने के लिए कहा है।
लिटन की वापसी के साथ हौसला भी, दबाव भी
लिटन जुलाई में जिम्बाब्वे के खिलाफ बांग्लादेश की विदेशी सीरीज़ से बाहर रहने के बाद वनडे टीम की कमान संभालेंगे।
वह मेहदी हसन मिराज की जगह लेंगे। मेहदी ने घरेलू सीरीज़ में बांग्लादेश को जीत दिलाई थी और कप्तानी जाने के बाद भी मैदान पर अच्छा प्रदर्शन करते रहे हैं।
कप्तान का अपना हालिया फॉर्म बांग्लादेश के लिए कुछ उम्मीद जरूर देता है।
लिटन ने 2026 में 9 वनडे पारियों में 300 रन बनाए हैं। उनका औसत 42.86 रहा है और उन्होंने 2 अर्धशतक लगाए हैं।
यह प्रदर्शन 2024 और 2025 के मुश्किल दौर के बाद वापसी का संकेत है। उन दोनों वर्षों में 6 वनडे में उन्होंने कुल 6 रन बनाए थे।
हाल के अफगानिस्तान के एकमात्र टेस्ट में उतरने से पहले वह सभी फॉर्मेट में 4 बार शून्य और एक बार सिंगल डिजिट स्कोर बना चुके थे।
एशियन गेम्स में बांग्लादेश की टी20 टीम की कप्तानी करना भी उनके लिए मुश्किल दौर रहा था। वहां बांग्लादेश कोई मेडल हासिल नहीं कर सका था।
लिटन ने टेस्ट में 53 और 102 रन की पारियां खेलकर जवाब दिया।
एक अन्य प्रीव्यू में उस प्रदर्शन को रिकॉर्ड बनाने वाला टेस्ट प्रदर्शन बताया गया। उसमें लिटन ने एक शतक और एक अर्धशतक बनाया था और 9 डिसमिसल पूरे किए थे। टेस्ट में किसी विकेटकीपर का ऐसा करने का यह पहला मामला था।
वनडे कप्तानी में उनकी वापसी के साथ बल्लेबाजी ग्रुप से लगातार अच्छे प्रदर्शन की मांग भी जुड़ी हुई है।
लिटन ने कहा कि वह नहीं चाहते कि बांग्लादेश पहले की नाकामियों पर ही ध्यान देता रहे।
उन्होंने कहा, “पहले जो हुआ है, उससे हमें तैयारी करने में मदद मिल सकती है। लेकिन हम इस बात पर लगातार ध्यान नहीं दे सकते कि हमने पहले खराब खेला था और फिर दोबारा भी ऐसा ही करेंगे। हमारा सोचने का तरीका सकारात्मक रहना चाहिए और हम सकारात्मक तरीके से खेलने की कोशिश करेंगे।”
उन्होंने ट्राई-सीरीज़ को बांग्लादेश के फुल-टाइम वनडे कप्तान के रूप में अपने पहले टूर्नामेंट में एक अहम मौका भी बताया।
लिटन ने कहा, “सच में, कप्तान के रूप में यह मेरे लिए बड़ा मौका है। हमारे सामने वर्ल्ड कप और एशिया कप आने वाले हैं। मुझे लगता है कि यह हमारे लिए सबसे अच्छी तैयारी है।”
उन्होंने कहा कि एशिया कप में 5 या 6 टीमें होंगी, जबकि ट्राई-सीरीज़ में 3 टीमें होंगी। लेकिन दबाव और बाकी पहलू एक जैसे रहेंगे।
जब उनसे पूछा गया कि क्या बांग्लादेश खिताब जीत सकता है, तो लिटन ने जवाब दिया, “बिल्कुल, अगर हम अच्छी क्रिकेट खेलें, तो क्यों नहीं?”
बांग्लादेश अपनी बल्लेबाजी और गेंदबाजी के विकल्पों पर विचार कर रहा है
गेंदबाजी विभाग में बांग्लादेश के पास कई विकल्प हैं। इसी वजह से लिटन के सामने टीम चुनने से जुड़े सवाल भी हैं।
एशियन गेम्स में 2 खराब प्रदर्शन के बाद मुस्ताफिजुर रहमान की टीम में जगह पर खतरा है।
अगर उन्हें नहीं चुना जाता है, तो यह उनके करियर में पहली बार होगा, जब उन्हें वनडे टीम से बाहर किया जाएगा।
उम्मीद है कि लिटन प्लेइंग इलेवन में लौटेंगे। उनकी जगह सबसे ज्यादा संभावना नुरुल हसन की जगह बनने की है।
संभावित बांग्लादेश इलेवन में तंजीद हसन और सौम्या सरकार को ओपनर के रूप में रखा गया है। इसके बाद नजमुल हुसैन शांतो, तौहीद हृदोय और लिटन दास हैं। लिटन को कप्तान और विकेटकीपर के रूप में सूची में रखा गया है।
मोशादेक हुसैन और मेहदी हसन मिराज से निचले क्रम में मदद की उम्मीद है।
संभावित इलेवन में तस्किन अहमद, हसन महमूद, शरीफुल इस्लाम और तनवीर इस्लाम के नाम भी हैं।
एक अन्य रिपोर्ट में तंजीद तमीम और सौम्या सरकार को संभावित ओपनिंग जोड़ी बताया गया है।
उस रिपोर्ट में भी नजमुल हुसैन शांतो, तौहीद हृदोय और लिटन को मिडिल ऑर्डर में रखा गया है। मोशादेक हुसैन और मेहदी से निचले क्रम को मजबूत करने की उम्मीद है।
सैफ हसन और नुरुल हसन बेंच की ताकत के रूप में उपलब्ध हैं।
बांग्लादेश के ओपनिंग विकल्प के नाम में फर्क स्रोत की अलग-अलग रिपोर्टों में दिखाई देता है। हालांकि, सौम्या सरकार, नजमुल हुसैन शांतो, तौहीद हृदोय और लिटन के आसपास शीर्ष क्रम का व्यापक संयोजन एक जैसा बना हुआ है।
टीम में मिस्ट्री स्पिनर अलीस अल इस्लाम भी शामिल हैं। घरेलू क्रिकेट में मजबूत सीज़न के बाद उन्हें पहली बार वनडे टीम में बुलाया गया है।
अलीस ने ढाका प्रीमियर डिविजन क्रिकेट लीग में प्राइम बैंक क्रिकेट क्लब के लिए 10 मैचों में 24 विकेट लिए थे।
वह इस प्रतियोगिता में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज रहे। इस प्रतियोगिता को बांग्लादेश का सबसे बड़ा लिस्ट ए टूर्नामेंट बताया गया था।
एशियन गेम्स में श्रीलंका के खिलाफ टी20 क्रिकेट से अलीस ने इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू भी किया था।
लिटन ने कहा कि अलीस व्हाइट-बॉल क्रिकेट में असरदार रहे हैं और उन्होंने खास तौर पर बांग्लादेश के टी20 सर्किट में खुद को साबित किया है।
लिटन ने कहा, “बिल्कुल, अगर आप अलीस को देखें, तो वह व्हाइट-बॉल क्रिकेट में बहुत अच्छे रहे हैं। उन्होंने खुद को साबित किया है, खास तौर पर बांग्लादेश के टी20 सर्किट में।”
उन्होंने आगे कहा, “मुझे लगता है कि उन्हें टीम में लाने का यह सही समय है। अगर वह टीम के साथ रहकर बहुत कुछ सीखते हैं और बांग्लादेश के लिए योगदान देते हैं, तो यह टीम के लिए फायदेमंद होगा।”
बांग्लादेश की गेंदबाजी से बल्लेबाजी जैसी चिंता नहीं है। इसके बजाय उसे टीम की ताकत माना जा सकता है।
इसलिए टीम चुनने के फैसले में अलीस को शामिल करने की संभावना और मुस्ताफिजुर को टीम में बनाए रखने का सवाल, दोनों शामिल होंगे।
नाहिद राणा अभी उपलब्ध नहीं
ट्राई-सीरीज़ के लिए बांग्लादेश के ज्यादातर नियमित वनडे खिलाड़ी वापस आ गए हैं। तेज गेंदबाज नाहिद राणा की गैरमौजूदगी सबसे बड़ी कमी है।
जुलाई में बांग्लादेश के जिम्बाब्वे दौरे के दौरान राणा को चोट लगी थी।
24 साल के राणा को एक और जांच के लिए पर्थ भेजा गया है। वह इस महीने के आखिर में प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में लौटने की तैयारी कर रहे हैं।
उनकी गैरमौजूदगी से बांग्लादेश के पास पहले के दौरे के दौरान मौजूद गेंदबाजी विकल्पों में से एक कम हो गया है।
उपलब्ध टीम के बावजूद लिटन के पास गेंदबाजी के कई संयोजनों पर विचार करने का मौका है। लेकिन स्रोतों में राणा की चोट को बांग्लादेश के जिम्बाब्वे दौरे से मिली बड़ी परेशानियों में से एक बताया गया है।
इस तरह बांग्लादेश की चुनौती दो हिस्सों में बंटी हुई है। एक तरफ भरोसेमंद लंबी बल्लेबाजी पारी तैयार करनी है और दूसरी तरफ गेंदबाजी के कई विकल्पों में से सही टीम चुननी है।
जिम्बाब्वे के पास हाल की बढ़त
बांग्लादेश के खिलाफ जिम्बाब्वे का हालिया रिकॉर्ड उसे पहले मैच से पहले आत्मविश्वास देता है।
जुलाई में बांग्लादेश के दौरे के दौरान जिम्बाब्वे ने एकमात्र टेस्ट और वनडे सीरीज़ दोनों जीती थीं।
उस सीरीज़ में ब्रैड इवांस ने बांग्लादेश के खिलाफ 5 विकेट लिए थे।
जिम्बाब्वे की कप्तानी सिकंदर रज़ा करेंगे। रिचर्ड नगारवा के चोटिल होने के कारण रज़ा इस भूमिका में बने हुए हैं।
इस टीम में अनुभवी खिलाड़ियों के साथ युवा खिलाड़ियों का ग्रुप भी है, जिनसे अहम भूमिका निभाने की उम्मीद है।
रज़ा के साथ क्रेग एर्विन और ब्रेंडन टेलर अनुभव लेकर आते हैं।
ब्रायन बेनेट, बेन करन और न्यूमैन न्यामहुरी को उन युवा खिलाड़ियों के रूप में पहचाना गया है, जिनकी मैच में बड़ी भूमिका हो सकती है।
नई गेंद के दौर में ब्रैड इवांस और ब्लेसिंग मुजाराबानी के असर डालने की उम्मीद है।
जिम्बाब्वे पिछले महीने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हुई मुश्किल वनडे सीरीज़ से उबरने की कोशिश भी करेगा।
ऑस्ट्रेलिया ने वह सीरीज़ 3-0 से जीती थी।
हालांकि, तीसरे वनडे में जिम्बाब्वे ने मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन को कड़ी टक्कर दी थी। घरेलू मैदान पर वह मैच 1 विकेट से हार गया।
यह करीबी हार जिम्बाब्वे की तैयारी को समझने के लिए कुछ संदर्भ देती है, लेकिन इससे यह तथ्य नहीं बदलता कि ऑस्ट्रेलिया ने सीरीज़ जीती थी।
संभावित जिम्बाब्वे इलेवन में ब्रायन बेनेट और बेन करन को बल्लेबाजी क्रम में ऊपर रखा गया है। उनके बाद इनोसेंट काइया, विकेटकीपर ब्रेंडन टेलर, क्रेग एर्विन और कप्तान सिकंदर रज़ा हैं।
रयान बर्ल या वेस्ली मधेवेरे के अगले स्थान पर खेलने की उम्मीद है।
संभावित इलेवन में शामिल गेंदबाजी ग्रुप में ब्रैड इवांस, ग्रेम क्रीमर, न्यूमैन न्यामहुरी और ब्लेसिंग मुजाराबानी हैं।
एक अन्य प्रीव्यू में यह भी कहा गया है कि न्यूमैन न्यामहुरी के प्लेइंग इलेवन में लौटने की संभावना है। वहीं रयान बर्ल को मिडिल ऑर्डर में शामिल करने पर विचार किया जाएगा।
इसलिए जिम्बाब्वे के संयोजन में रज़ा, एर्विन और टेलर के जरिए अनुभव पर साफ जोर दिखाई देता है। युवा खिलाड़ियों से इन अनुभवी खिलाड़ियों को मदद देने की उम्मीद है।
ब्रैड इवांस जिम्बाब्वे के लिए बड़ा खतरा
इवांस इस मुकाबले में जिम्बाब्वे के उन मुख्य खिलाड़ियों में हैं, जिन पर नजर रहेगी।
उन्होंने 2026 में 44 विकेट लिए हैं और इस साल के विकेटों के रिकॉर्ड में इंग्लैंड के जोफ्रा आर्चर से 9 विकेट पीछे हैं।
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ जिम्बाब्वे के सबसे हालिया वनडे में इवांस ने 4 विकेट पर 47 रन का प्रदर्शन किया था।
इस साल इस फॉर्मेट में वह जिम्बाब्वे के सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज रहे हैं।
इवांस ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 9 विकेट और जुलाई में बांग्लादेश के खिलाफ 5 विकेट लिए हैं।
उनका प्रदर्शन केवल वनडे तक सीमित नहीं रहा है। इस साल चोट से वापसी के बाद वह टेस्ट और टी20 इंटरनेशनल में भी असरदार रहे हैं।
इसलिए नई गेंद का मुकाबला जिम्बाब्वे के इवांस और मुजाराबानी तथा ऐसी बांग्लादेशी बल्लेबाजी के बीच अहम हो सकता है, जिसे पूरी पारी तक टिके रहने में परेशानी हुई है।
निचले क्रम के बल्लेबाजों के योगदान देने से पहले बांग्लादेश के शीर्ष क्रम को जिम्बाब्वे के शुरुआती हमले का सामना करना होगा।
अबू धाबी का मौसम और मैदान का रिकॉर्ड
यह मैच अबू धाबी के जायेद क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा।
अबू धाबी की पिचें आम तौर पर दिन-रात के मैचों में धीमी रही हैं।
इस मैदान पर पिछले 5 वनडे में पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम का औसत स्कोर 266 रहा है।
इन 5 में से 4 मैच पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम ने जीते हैं।
अबू धाबी में गर्मी और उमस बड़ी भूमिका निभा सकती है।
मोशादेक हुसैन ने कहा कि बांग्लादेश के टेस्ट खिलाड़ियों ने गर्मी के साथ ठीक तरह से तालमेल बैठाया है और टीम ने कुछ दिनों तक इस मैदान पर अभ्यास किया है।
मोशादेक ने कहा, “हमारे टेस्ट खिलाड़ियों ने गर्मी के साथ काफी अच्छी तरह तालमेल बैठाया है। हमने यहां कुछ दिनों तक अभ्यास किया है, इसलिए हमें उम्मीद है कि शाम को थोड़ी हवा चलेगी, क्योंकि मैच दोपहर बाद देर से शुरू होंगे।”
बांग्लादेश ने अबू धाबी के इस मैदान पर 6 वनडे खेले हैं और उनमें से 2 जीते हैं।
जिम्बाब्वे जायेद क्रिकेट स्टेडियम में अपना पहला वनडे खेलेगा।
यह मैच 20 साल में किसी तटस्थ मैदान पर बांग्लादेश और जिम्बाब्वे के बीच पहला वनडे भी होगा।
ऐसी आखिरी भिड़ंत 2006 में चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान जयपुर में हुई थी।
मैदान का रिकॉर्ड बांग्लादेश को कुछ परिचित परिस्थितियां देता है। लेकिन इससे अबू धाबी में अफगानिस्तान के खिलाफ टीम की हाल की परेशानियां या जिम्बाब्वे के खिलाफ उसकी सबसे नई सीरीज़ हार खत्म नहीं हो जाती।
दुर्लभ तटस्थ मैदान मुकाबला
इस मुकाबले का एक लंबा सांख्यिकीय संदर्भ भी है, क्योंकि बांग्लादेश और जिम्बाब्वे ने 2 दशक से किसी तटस्थ मैदान पर वनडे में एक-दूसरे का सामना नहीं किया है।
इस वजह से अबू धाबी का मैदान जुलाई में जिम्बाब्वे में हुई सीरीज़ से अलग माहौल देता है। उस सीरीज़ में मेजबान टीम 2-1 से जीती थी।
जायेद क्रिकेट स्टेडियम में जिम्बाब्वे का वनडे अनुभव नहीं होना भी मैदान की तुलना में एक factor है।
इस मैदान पर 6 वनडे में बांग्लादेश की 2 जीत उसे अपने रिकॉर्ड से आत्मविश्वास लेने का मौका देती हैं। हालांकि, स्रोतों में इस रिकॉर्ड को नए मुकाबले की गारंटी नहीं बताया गया है।
इस मैच में शामिल दोनों टीमों के सक्रिय खिलाड़ियों में ब्रेंडन टेलर सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज हैं।
टेलर ने बांग्लादेश के खिलाफ आखिरी वनडे 2021 में खेला था।
उनकी मौजूदगी जिम्बाब्वे को एक अनुभवी बल्लेबाज देती है, जिसे मैच से जुड़े सांख्यिकीय रिकॉर्ड में पहले ही एक अहम नाम बताया गया है।
सीनियर बल्लेबाजों से बांग्लादेश को क्या चाहिए
बांग्लादेश की तत्काल जरूरत केवल अच्छी शुरुआत करना नहीं है। उसे ऐसी पारी खेलनी है, जो अपनी तय लंबाई तक पहुंचे।
अफगानिस्तान के खिलाफ हाल की वनडे सीरीज़ के किसी भी मैच में बांग्लादेश 50 ओवर तक बल्लेबाजी नहीं कर सका।
जिम्बाब्वे के खिलाफ भी 3 में से 2 मैचों में वह अपनी पारी पूरी नहीं कर पाया। आखिरी मैच जीतकर उसने सीरीज़ में वापसी की।
लिटन ने शीर्ष क्रम से लेकर नंबर छह और सात तक सीनियर खिलाड़ियों से जिम्मेदारी उठाने को कहा है।
इस मांग से खुद लिटन के साथ-साथ नजमुल हुसैन शांतो, तौहीद हृदोय, मोशादेक हुसैन और मेहदी हसन मिराज पर भी दबाव आता है।
साथ ही, 2026 में लिटन का वनडे प्रदर्शन यह दिखाता है कि वह 2024 और 2025 में 6 वनडे में बनाए गए कुल 6 रन के दौर से बाहर निकल चुके हैं।
ओपनिंग जोड़ी भी अहम होगी, क्योंकि बांग्लादेश के संभावित संयोजन की शुरुआत तंजीद हसन या तंजीद तमीम और सौम्या सरकार से होती है।
स्रोत कागज पर बांग्लादेश की बल्लेबाजी में गहराई दिखाते हैं, लेकिन साथ ही लगातार अच्छे प्रदर्शन की बार-बार सामने आने वाली समस्या की ओर भी इशारा करते हैं।
निचले क्रम से योगदान देने को कहा गया है, क्योंकि टीम आम तौर पर केवल 6 विशेषज्ञ बल्लेबाजों के साथ खेलती है।
लिटन ने कहा कि अगर निचले क्रम से रन नहीं आते हैं, तो पारी रुक सकती है और विशेषज्ञ बल्लेबाजों पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है।
ट्राई-सीरीज़ का बड़ा लक्ष्य
बांग्लादेश इस मैच को केवल जिम्बाब्वे के खिलाफ हाल के नतीजों को बदलने के मौके के रूप में नहीं देख रहा है।
मोशादेक हुसैन ने कहा कि बांग्लादेश ट्राई-सीरीज़ जीतना चाहता है और इसके लिए उसे जिम्बाब्वे और अफगानिस्तान के खिलाफ राउंड-रॉबिन के दोनों मैच जीतने होंगे।
मोशादेक ने कहा, “हम ट्रॉफी जीतना चाहते हैं, बिल्कुल। लेकिन ऐसा करने के लिए हमें जिम्बाब्वे और अफगानिस्तान के खिलाफ राउंड-रॉबिन के दोनों मैच जीतने होंगे।”
लिटन ने इस टूर्नामेंट को एशिया कप और वनडे वर्ल्ड कप की तैयारी से भी जोड़ा है।
उन्होंने ट्राई-सीरीज़ को खिताब जीतने और उन टूर्नामेंटों से पहले लय बनाने का मौका बताया।
इसलिए पहला मैच बांग्लादेश की तुरंत बल्लेबाजी सुधारने की जरूरत और नए फुल-टाइम वनडे कप्तान के तहत उसकी बड़ी तैयारी, दोनों को एक साथ सामने लाता है।
दूसरी ओर, जिम्बाब्वे जुलाई में टेस्ट और वनडे सीरीज़ जीतने के बाद बांग्लादेश पर अपनी हाल की पकड़ को और मजबूत करना चाहेगा। साथ ही वह ऑस्ट्रेलिया से मिली 3-0 की हार से उबरने की कोशिश करेगा।
इन दोनों हालिया रिकॉर्ड के बीच बांग्लादेश के सामने काम साफ है। उसे लिटन की सकारात्मक क्रिकेट खेलने की अपील को पूरी बल्लेबाजी पारी में बदलना होगा।
लिटन का अपना आकलन सीधा था, “बिल्कुल, अगर हम अच्छी क्रिकेट खेलें, तो क्यों नहीं?”
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
लिटन दास ने बांग्लादेश के सीनियर बल्लेबाजों से क्या कहा?
उन्होंने सीनियर बल्लेबाजों से जिम्मेदारी लेने और टीम को 50 ओवर तक बल्लेबाजी कर मैच खत्म करके लौटने को कहा।
बांग्लादेश और जिम्बाब्वे के बीच पहला मैच कब और कहां होगा?
दोनों टीमों के बीच पहला मैच 17 अक्टूबर को अबू धाबी में होगा।
बांग्लादेश की बल्लेबाजी की सबसे बड़ी समस्या क्या रही है?
बांग्लादेश की टीम कई मैचों में 50 ओवर पूरे नहीं कर पाई और पूरी पारी तक बल्लेबाजी करने में परेशानी हुई।
ट्राई-सीरीज़ में बांग्लादेश का अगला मुकाबला किससे होगा?
बांग्लादेश 21 अक्टूबर को अफगानिस्तान का सामना करेगा।
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