आयात रोक की तैयारी के बीच पेरिस शो में चीनी कार कंपनियां छाईं
पेरिस मोटर शो में चीनी कार ब्रांडों की बड़ी मौजूदगी दिखी। आयात रोक के बीच कंपनियों ने यूरोप में निवेश और रोजगार पर जोर दिया।
चीनी कार कंपनियां पेरिस मोटर शो में काफी ज्यादा नजर आईं। इस शो में उनकी मौजूदगी उस डिनर से बिल्कुल अलग रही, जिसमें फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और यूरोप की ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री से जुड़े करीब 60 लोग शामिल हुए थे। मैक्रों अगले दिन मोटर शो में पहुंचे। इसके बाद इस कार्यक्रम में चीनी कार कंपनियों को नजरअंदाज करना और भी मुश्किल हो गया।
प्रदर्शकों में आधे चीनी कार ब्रांड
एलियांज ट्रेड ने एक रिपोर्ट में कहा कि इस साल के शो में शामिल प्रदर्शकों में चीनी कार ब्रांड की हिस्सेदारी आधी रही। चीनी कंपनियों की यह मजबूत मौजूदगी ऐसे समय में सामने आई, जब वे चीन-ईयू के उस समझौते के असर से निपट रही हैं, जिसका मकसद इस समूह में चीन से होने वाले हाइब्रिड और प्लग-इन हाइब्रिड वाहनों के निर्यात की बढ़ोतरी पर रोक लगाना है।
इस समझौते ने पेरिस में चीनी कार कंपनियों की मौजूदगी को एक अहम नीतिगत पृष्ठभूमि दे दी है। इसके बावजूद ये कंपनियां लगातार खुद को यूरोप की ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री में योगदान देने वाली संभावित कंपनियों के तौर पर पेश कर रही हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, अब वे यूरोप के नेताओं की भाषा भी तेजी से समझने और उसी भाषा में बात करने की कोशिश कर रही हैं। इसके लिए वे यूरोप में निवेश करने और रोजगार पैदा करने की अपनी प्रतिबद्धता पर जोर दे रही हैं।
उत्पादन दूसरी जगह ले जाने को लेकर चेतावनी
एक चीनी अधिकारी ने कहा कि ईयू की ओर से लगाई जाने वाली सीमा कंपनियों को अपनी उत्पादन लाइनें दूसरी जगह ले जाने के लिए चिंताजनक “भगदड़” की स्थिति पैदा कर सकती है। इस चेतावनी से पता चलता है कि आयात पर लगने वाली रोक का असर इस बात पर पड़ सकता है कि ऑटोमोबाइल का उत्पादन आखिर कहां किया जाता है। हालांकि, स्रोत ने इस अधिकारी की पहचान नहीं बताई है और न ही प्रस्तावित सीमा के बारे में कोई जानकारी दी है।
इस तरह पेरिस शो में चीनी कार कंपनियों को उस समय एक बड़ा मंच मिला, जब यूरोप को होने वाले उनके निर्यात पर नई पाबंदियां लग रही हैं। कार्यक्रम में उनकी साफ दिखाई देने वाली मौजूदगी और निवेश तथा रोजगार पर उनका जोर यह दिखाता है कि वे यूरोप की राजनीतिक और औद्योगिक चिंताओं से जुड़ने की कोशिश कर रही हैं।
स्रोत: South China Morning Post
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
पेरिस मोटर शो में चीनी कार कंपनियों की मौजूदगी कैसी रही?
चीनी कार कंपनियां पेरिस मोटर शो में काफी ज्यादा नजर आईं और उन्होंने मजबूती से अपनी मौजूदगी दर्ज कराई।
इस साल शो में चीनी कार ब्रांड की कितनी हिस्सेदारी रही?
एलियांज ट्रेड की रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल शो में शामिल प्रदर्शकों में चीनी कार ब्रांड की हिस्सेदारी आधी रही।
चीन-ईयू समझौते का मकसद क्या है?
इस समझौते का मकसद चीन से ईयू में हाइब्रिड और प्लग-इन हाइब्रिड वाहनों के निर्यात की बढ़ोतरी पर रोक लगाना है।
चीनी कंपनियां यूरोप में किस बात पर जोर दे रही हैं?
चीनी कंपनियां यूरोप में निवेश करने और रोजगार पैदा करने की अपनी प्रतिबद्धता पर जोर दे रही हैं।
ईयू की आयात सीमा से क्या असर पड़ सकता है?
एक चीनी अधिकारी के मुताबिक, इससे कंपनियां अपनी उत्पादन लाइनें दूसरी जगह ले जाने की चिंताजनक स्थिति में पहुंच सकती हैं।
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