लालिथा ज्वैलरी 32% प्रीमियम पर लिस्ट, एनालिस्ट ने नई खरीदारी से बचने की सलाह
लालिथा ज्वैलरी 32% प्रीमियम के साथ लिस्ट हुई, लेकिन एनालिस्ट ने नई खरीदारी से किया सावधान लालिथा ज्वैलरी के शेयर 32% प्रीमियम पर लिस्ट हुए, लेकिन एनालिस्ट नई खरीदारी को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दे
लालिथा ज्वैलरी के शेयर 32% प्रीमियम पर लिस्ट हुए, लेकिन एनालिस्ट नई खरीदारी को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं
लालिथा ज्वैलरी मार्ट के शेयर दोनों बड़े एक्सचेंजों पर 265 रुपये प्रति शेयर पर लिस्ट हुए। NSE पर इश्यू प्राइस 201 रुपये के मुकाबले 31.84 फीसदी का प्रीमियम मिला, जबकि BSE पर थोड़ी ज्यादा लिस्टिंग 265.30 रुपये पर हुई, जो 31.99 फीसदी का फायदा है। चेन्नई की इस ज्वैलरी रिटेलर का मार्केट कैपिटलाइजेशन डेब्यू के बाद 14,849.10 करोड़ रुपये रहा।
लिस्टिंग गेन प्री-मार्केट उम्मीदों से कम रहा
डेब्यू परफॉर्मेंस प्राइमरी मार्केट की उम्मीदों से कम रही। 37 फीसदी लिस्टिंग गेन की उम्मीद पूरी नहीं हुई। 1,700 करोड़ रुपये के इस इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग का प्राइस बैंड 190-201 रुपये प्रति शेयर था। लिस्टिंग से पहले कंपनी ने एंकर इन्वेस्टर्स से 508 करोड़ रुपये जुटाए थे, जिनमें गोल्डमैन सैक्स, ICICI प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड और बंधन म्यूचुअल फंड जैसे बड़े नाम शामिल हैं।
मजबूत फंडामेंटल्स लेकिन ऑपरेशनल रिस्क भी
स्वास्तिका इन्वेस्टमार्ट में हेड ऑफ वेल्थ शिवानी न्याति ने बताया कि कंपनी ऑर्गनाइज्ड सेक्टर के कल्याण ज्वैलर्स और टाइटन जैसे साथियों की तुलना में अच्छी वैल्यूएशन पर है। कंपनी का रिटर्न ऑन इक्विटी 41 फीसदी से ज्यादा है, जो अच्छी कैपिटल एफिशिएंसी दिखाता है।
लेकिन कुछ बड़ी ऑपरेशनल चिंताएं भी हैं। कंपनी का बिजनेस इन्वेंटरी-हेवी मॉडल है, जो FY26 में करीब 397.7 करोड़ रुपये के नेगेटिव ऑपरेटिंग कैश फ्लो में दिख रहा है। इसके अलावा कंपनी पर 1,066 करोड़ रुपये का GST विवाद है और प्रमोटर्स से जुड़ी चिंताएं भी हैं, जिन्हें न्याति ने बड़े रिस्क फैक्टर बताया।
एक्सपर्ट की सलाह: होल्ड करें या इंतजार करें
तेज लिस्टिंग गेन के बाद न्याति ने इन्वेस्टर्स को सलाह दी कि ऊंचे लेवल पर स्टॉक के पीछे न भागें। "हमारा नजरिया पॉजिटिव है लेकिन सावधान रहना चाहिए। मौजूदा इन्वेस्टर्स 245 रुपये पर क्लोजिंग के आधार पर स्टॉप लॉस के साथ होल्ड कर सकते हैं। नए इन्वेस्टर्स को एंट्री से पहले अच्छी गिरावट का इंतजार करना चाहिए," उन्होंने कहा।
कंपनी की बैकग्राउंड
लालिथा ज्वैलरी मार्ट ने 1985 में चेन्नई के टी नगर में अपना पहला स्टोर खोला था। कंपनी सोने, चांदी और हीरे के ज्वैलरी सेगमेंट में काम करती है। कंपनी की लिस्टिंग भारत के ऑर्गनाइज्ड ज्वैलरी रिटेल सेक्टर में एक और इजाफा है, जिसमें हाल के सालों में इन्वेस्टर्स की दिलचस्पी बढ़ी है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
लालिथा ज्वैलरी किस कीमत पर लिस्ट हुई?
लालिथा ज्वैलरी के शेयर 265 रुपये प्रति शेयर पर लिस्ट हुए, जो इश्यू प्राइस 201 रुपये के मुकाबले करीब 32% प्रीमियम है।
एनालिस्ट नए निवेशकों को क्या सलाह दे रहे हैं?
एनालिस्ट सलाह देते हैं कि नए निवेशकों को ऊंची कीमत पर शेयर न खरीदें। उन्हें अच्छी गिरावट का इंतजार करना चाहिए और फिर एंट्री लेनी चाहिए।
लालिथा ज्वैलरी की मार्केट कैप डेब्यू के बाद कितनी रही?
लिस्टिंग के बाद कंपनी की मार्केट कैपिटलाइजेशन 14,849.10 करोड़ रुपये रही।
कंपनी को क्या बड़े ऑपरेशनल रिस्क का सामना है?
कंपनी का इन्वेंटरी-हेवी बिजनेस मॉडल है, जिससे FY26 में करीब 397.7 करोड़ रुपये का नेगेटिव ऑपरेटिंग कैश फ्लो है। इसके अलावा 1,066 करोड़ रुपये का GST विवाद और प्रमोटर्स से जुड़ी चिंताएं भी हैं।
लालिथा ज्वैलरी की कंपनी कब और कहां शुरू हुई?
लालिथा ज्वैलरी मार्ट की शुरुआत 1985 में चेन्नई के टी नगर में हुई थी। यह सोने, चांदी और हीरे के ज्वैलरी में काम करती है।
सबसे ज़्यादा पढ़ी गई
- 1
बहराइच के स्कूल में पेड़ काटने की तैयारी, पर्यावरण नीति पर सवाल
- 2
आयुष्मान कार्ड में गलतियां सुधारना हुआ आसान, नया पोर्टल शुरू
- 3
बहराइच में एसपी ने जनता दर्शन के दौरान सुनीं सभी शिकायतें
- 4
बहराइच में 90 हजार क्विंटल चीनी के स्टॉक की जांच, कालाबाजारी पर सरकार सख्त
- 5
बहराइच की बाढ़ से प्रभावित इलाकों का जायजा लेने पहुंचे मंत्री दिनेश प्रताप सिंह
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं। पहली टिप्पणी करें।