कोझिकोड ऑर्गन ट्रांसप्लांट संस्थान 30 महीने में होगा तैयार: सतीशन
कोझिकोड में ₹271 करोड़ की लागत से बन रहा ऑर्गन ट्रांसप्लांट संस्थान 30 महीने में तैयार होगा। सेंटर में 350 बेड और 10 ऑपरेशन थिएटर होंगे।
कोझिकोड में प्रस्तावित ऑर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांटेशन इंस्टीट्यूट का काम 30 महीने में पूरा होने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने यह बात कही। इस संस्थान की योजना चेवायूर में 20 एकड़ जमीन पर बनाई गई है। प्रोजेक्ट के लिए ₹271 करोड़ अलग रखे गए हैं।
सतीशन ने शनिवार (3 अक्टूबर) को केरल हार्ट केयर सोसाइटी के रजत जयंती समारोह का उद्घाटन करने के बाद दिए भाषण में यह ऐलान किया। संस्थान की आधारशिला इसी साल फरवरी में पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने रखी थी। इसके बाद अब संस्थान को पूरा करने की समयसीमा 30 महीने बताई गई है।
एक ही जगह पर होंगी सभी सेवाएं
सतीशन ने कहा कि ऑर्गन ट्रांसप्लांट से जुड़ी सभी सेवाओं को एक ही जगह पर लाया जाएगा। इसका मकसद सर्जरी का खर्च घटाकर एक-तिहाई करना है। इस सेंटर में 350 बेड और 10 ऑपरेशन थिएटर होंगे।
इसी परिसर में एक डर्मेटोलॉजी अस्पताल बनाने का प्रस्ताव भी है। सतीशन ने कहा कि इस अस्पताल पर ₹35 करोड़ खर्च किए जाएंगे। संस्थान को रिसर्च प्रोग्राम से जुड़े सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के तौर पर विकसित किया जाएगा।
सतीशन के मुताबिक, प्रस्तावित सेंटर में हर साल कई तरह की ट्रांसप्लांट सर्जरी की जाएंगी। बताई गई सालाना संख्या में 1,100 कॉर्निया ट्रांसप्लांट, 520 किडनी ट्रांसप्लांट, 50 हार्ट ट्रांसप्लांट, 40 लंग ट्रांसप्लांट, 120 बोन मैरो ट्रांसप्लांट, 320 लिवर ट्रांसप्लांट, 15 इंटेस्टाइन ट्रांसप्लांट, 15 पैंक्रियास ट्रांसप्लांट और 320 सॉफ्ट टिश्यू ट्रांसप्लांट सर्जरी शामिल हैं।
हेल्थकेयर डेस्टिनेशन बनाने की योजना
सतीशन ने कहा कि केरलम अपने मौसम और दूसरे फायदों का इस्तेमाल कर खुद को हेल्थकेयर डेस्टिनेशन के तौर पर विकसित करेगा। उन्होंने कहा कि विदेशों से और देश के अंदर से लोग इलाज के लिए राज्य का रुख कर सकते हैं।
इस बड़ी योजना में वेलनेस सेंटर, रिहैबिलिटेशन सेंटर और स्ट्रोक का इलाज देने वाली सुविधाएं भी शामिल होंगी। बीमारियों की रोकथाम और उनकी जल्द पहचान के लिए जल्द ही एक बड़े स्तर पर अभियान भी चलाया जाएगा।
हालांकि, बताया गया है कि सरकार बदलने के बाद प्रोजेक्ट की प्रगति धीमी पड़ गई थी। इसलिए 30 महीने में काम पूरा करने की प्रस्तावित समयसीमा और ट्रांसप्लांट से जुड़ी सेवाओं को एक ही जगह पर लाने की योजना, संस्थान के विकास के लिए अहम मानी जा रही है।
कार्यक्रम में विधायकों के. प्रवीणकुमार और के. जयंथ तथा सोसाइटी के अध्यक्ष के. कुंजाली समेत अन्य लोग मौजूद थे।
स्रोत: The Hindu
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
कोझिकोड में ऑर्गन ट्रांसप्लांट संस्थान कब तक तैयार होने की उम्मीद है?
संस्थान का काम 30 महीने में पूरा होने की उम्मीद है।
ऑर्गन ट्रांसप्लांट संस्थान कहां बनाया जाएगा और इसके लिए कितना बजट रखा गया है?
इसे चेवायूर में 20 एकड़ जमीन पर बनाया जाएगा और प्रोजेक्ट के लिए ₹271 करोड़ रखे गए हैं।
संस्थान में कितने बेड और ऑपरेशन थिएटर होंगे?
संस्थान में 350 बेड और 10 ऑपरेशन थिएटर होंगे।
संस्थान में हर साल किस तरह के ट्रांसप्लांट किए जाएंगे?
यहां कॉर्निया, किडनी, हार्ट, लंग, बोन मैरो, लिवर, इंटेस्टाइन, पैंक्रियास और सॉफ्ट टिश्यू ट्रांसप्लांट किए जाएंगे।
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