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गुरुग्राम की करो संभव ने जुटाए ₹56 करोड़ रीसाइक्लिंग के लिए

गुरुग्राम की रीसाइक्लिंग स्टार्टअप करो संभव ने प्री-सीरीज ए फंडिंग राउंड में ₹56 करोड़ जुटाए हैं। इस फंडिंग राउंड का नेतृत्व ज़ेरोधा की पहल रेनमैटर ने किया।

गुरुग्राम की करो संभव ने जुटाए ₹56 करोड़ रीसाइक्लिंग के लिए
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गुरुग्राम की स्टार्टअप कंपनी करो संभव ने ₹56 करोड़ जुटाए हैं, जो रीसाइक्लिंग के क्षेत्र में एक बड़ा कदम है। यह फंडिंग प्री-सीरीज ए राउंड में ज़ेरोधा की रेनमैटर से मिली है। कंपनी इस रकम का इस्तेमाल ई-वेस्ट और अन्य वेस्ट स्ट्रीम्स से कीमती और अहम मटीरियल्स की रिकवरी को मजबूत करने और रीसाइक्लिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाने के लिए करेगी।

2017 में प्रांशु सिंघल द्वारा शुरू की गई करो संभव ने अब तक बूटस्ट्रैप्ड कंपनी के तौर पर काम किया है। कंपनी फिलहाल दो रीसाइक्लिंग फैसिलिटीज़ चला रही है और देशभर के 50 से ज्यादा शहरों में कलेक्शन चैनल्स स्थापित किए हैं। अब तक यह स्टार्टअप 1,50,000 मीट्रिक टन से ज्यादा कचरे को जिम्मेदारी से रीसाइक्लिंग के लिए चैनलाइज कर चुका है।

कंपनी का फोकस फिलहाल ई-वेस्ट पर है, जिसमें कई कीमती धातुएं और कंपोनेंट्स होते हैं। इस फंडिंग से कंपनी की योजना है कि वह हाई-क्वालिटी रीसाइक्लिंग इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करे, जिससे पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले कचरे को सही तरीके से प्रोसेस किया जा सके।

इस फंडिंग के साथ, करो संभव ने भारत में सर्कुलर इकोनॉमी को बढ़ावा देने की दिशा में एक और कदम बढ़ाया है। ई-वेस्ट रीसाइक्लिंग के क्षेत्र में यह पहल न सिर्फ पर्यावरण संरक्षण में मदद करेगी, बल्कि कचरे से कीमती मटीरियल्स निकालकर देश की अर्थव्यवस्था को भी फायदा पहुंचाएगी।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

करो संभव को कितने पैसे मिले हैं?

करो संभव को ₹56 करोड़ की फंडिंग मिली है। यह रकम ज़ेरोधा की रेनमैटर से प्री-सीरीज ए राउंड में आई है।

करो संभव इस पैसे का क्या करेगा?

कंपनी इस फंडिंग का इस्तेमाल ई-वेस्ट और दूसरे कचरे से कीमती मटीरियल्स निकालने के लिए और रीसाइक्लिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाने के लिए करेगी।

करो संभव कब शुरू हुई और इसने अब तक कितना कचरा संभाला है?

करो संभव 2017 में प्रांशु सिंघल द्वारा शुरू की गई थी। अब तक कंपनी 1,50,000 मीट्रिक टन से ज्यादा कचरे को जिम्मेदारी से रीसाइक्लिंग के लिए संभाल चुकी है।

करो संभव कहां-कहां काम कर रही है?

करो संभव के पास दो रीसाइक्लिंग फैसिलिटीज़ हैं और देशभर के 50 से ज्यादा शहरों में कलेक्शन चैनल्स स्थापित हैं।

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