कर्नाटक सरकार ने छात्रों के लिए फ्री बस यात्रा योजना शुरू की
कर्नाटक में स्टूडेंट्स के लिए फ्री बस यात्रा योजना: पात्रता, फायदे और चुनौतियां बेंगलुरु: कर्नाटक सरकार ने राज्यभर के स्टूडेंट्स के लिए फ्री बस यात्रा योजना का ऐलान किया है।
कर्नाटक में स्टूडेंट्स के लिए फ्री बस यात्रा योजना: पात्रता, फायदे और चुनौतियां
बेंगलुरु: कर्नाटक सरकार ने राज्यभर के स्टूडेंट्स के लिए फ्री बस यात्रा योजना का ऐलान किया है। इसका मकसद स्टूडेंट्स की यात्रा को आसान बनाना और उनकी पढ़ाई में मदद करना है। मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने 3 जून 2026 को पद संभालने के बाद इस योजना की शुरुआत की। यह योजना पहले से चल रही शक्ति योजना का विस्तार है, जो महिलाओं, ट्रांसजेंडर और स्टूडेंट्स को गैर-प्रीमियम बसों में फ्री यात्रा की सुविधा देती है। ये बसें KSRTC, BMTC, NWKRTC और KKRTC द्वारा चलाई जाती हैं।
पात्रता और कवरेज
यह योजना स्कूल से लेकर कॉलेज तक के सभी स्टूडेंट्स को कवर करती है। खास बात यह है कि इसमें पुरुष स्टूडेंट्स को भी शामिल किया गया है, जो पहले शक्ति योजना के तहत कवर नहीं होते थे। राज्य परिवहन विभाग ने 12 जून 2026 को गाइडलाइंस जारी कर पुरुष स्टूडेंट्स को फ्री बस पास की सुविधा देने की अनुमति दी। कर्नाटक में रहने वाले स्टूडेंट्स, जो पड़ोसी राज्यों में पढ़ाई कर रहे हैं या कर्नाटक की सीमा से बाहर रहकर राज्य के संस्थानों में पढ़ाई करते हैं, वे भी इस योजना के तहत पात्र हैं।
स्टूडेंट बस पास के लिए पहले से लागू नियम जैसे शैक्षणिक योग्यता, दूरी का मानदंड और पास की वैधता के नियम वैसे ही रहेंगे। स्टूडेंट्स Seva Sindhu पोर्टल पर जरूरी दस्तावेज जमा कर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। जो स्टूडेंट्स पहले ही इस शैक्षणिक वर्ष के लिए बस पास खरीद चुके हैं, वे रिफंड के हकदार होंगे। सरकार ने 15 दिनों के भीतर रिफंड देने का वादा किया है। ऐसे करीब 19,792 स्टूडेंट्स हैं।
फायदे और आर्थिक असर
यह योजना लाखों स्टूडेंट्स, खासकर ग्रामीण इलाकों के स्टूडेंट्स के लिए फायदेमंद होगी, जो पास के शहरों और कस्बों में पढ़ाई के लिए पब्लिक ट्रांसपोर्ट पर निर्भर हैं। फ्री बस पास पाने वाले स्टूडेंट्स के लिए दुर्घटना बीमा कवर भी दिया जाएगा। इसका प्रीमियम ₹5 प्रति स्टूडेंट सरकार चुकाएगी। हर पास के लिए ₹100 की प्रोसेसिंग फीस भी सरकार परिवहन निगमों को देगी।
इस योजना पर सालाना ₹286.08 करोड़ का खर्च आएगा, जिसे राज्य सरकार चारों परिवहन निगमों को रिफंड करेगी। लेकिन इस योजना की स्थिरता को लेकर सवाल उठ रहे हैं। शक्ति योजना के तहत पहले से ही रिफंड में देरी हो रही है। जून 2023 से फरवरी 2026 के बीच परिवहन निगमों ने शक्ति योजना पर ₹17,647.50 करोड़ खर्च किए, लेकिन सरकार ने केवल ₹13,073.75 करोड़ का रिफंड किया। ₹4,573.75 करोड़ की रकम अब भी बकाया है। बढ़ती सैलरी, ईंधन और मेंटेनेंस के खर्चों ने निगमों की हालत और मुश्किल कर दी है।
परिवहन अधिकारियों ने कहा है कि योजना को सुचारू रूप से लागू करने के लिए फंड समय पर जारी करना बेहद जरूरी है, ताकि निगमों पर आर्थिक बोझ न पड़े।
प्रतिक्रियाएं और सुझाव
शिक्षाविदों और छात्र संगठनों ने इस योजना का स्वागत किया है। डेवलपमेंटल एजुकेशनिस्ट निरंजनाराध्या वी.पी. ने इसे एक लंबे समय से जरूरी कदम बताया, जो खासकर आर्थिक रूप से कमजोर और हाशिए पर मौजूद परिवारों के स्टूडेंट्स की मदद करेगा। ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स ऑर्गनाइजेशन (AIDSO) और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) जैसे छात्र संगठनों ने भी इस पहल का समर्थन किया है। उन्होंने सरकार से इसे शैक्षणिक वर्ष की शुरुआत से ही सही तरीके से लागू करने की अपील की है।
वहीं, कुछ कम्यूटर ग्रुप्स और स्टूडेंट्स ने बेंगलुरु के मेट्रो नेटवर्क पर भी इसी तरह की रियायतें देने की मांग की है। बेंगलुरु मेट्रो कम्यूटर एसोसिएशन (BMCA) ने सरकार से स्टूडेंट्स के लिए फ्री या सब्सिडी वाले मेट्रो पास शुरू करने की अपील की है। उनका कहना है कि इससे ट्रांसपोर्ट का खर्च और घटेगा और स्टूडेंट्स को शहरभर के शैक्षणिक संस्थानों तक पहुंचने में मदद मिलेगी। फिलहाल, नम्मा मेट्रो किसी भी कैटेगरी के लिए रियायती पास नहीं देता, जबकि स्टूडेंट्स और दिव्यांगों के लिए लंबे समय से यह मांग की जा रही है।
स्टूडेंट्स के लिए फ्री बस यात्रा योजना कर्नाटक में शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम है। लेकिन इसकी सफलता समय पर रिफंड और प्रभावी क्रियान्वयन पर निर्भर करेगी।
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