कर्नाटक में 88 टैंकों को भरने का प्रोजेक्ट शुरू, किसानों को मिलेगी मदद
कर्नाटक के पीडब्ल्यूडी मंत्री सतीश जारकीहोली बोले: हावेरी जिले में 88 टैंकों को भरने का प्रोजेक्ट सूखे सालों में मददगार होगा कर्नाटक के मंत्री ने सूखे सालों में टैंक-भरने के प्रोजेक्ट की अहमियत पर
कर्नाटक के पीडब्ल्यूडी मंत्री सतीश जारकीहोली बोले: हावेरी जिले में 88 टैंकों को भरने का प्रोजेक्ट सूखे सालों में मददगार होगा
कर्नाटक के मंत्री ने सूखे सालों में टैंक-भरने के प्रोजेक्ट की अहमियत पर जोर दिया
कर्नाटक के लोक निर्माण मंत्री और हावेरी जिले के प्रभारी सतीश जारकीहोली ने ₹185 करोड़ के प्रोजेक्ट की अहमियत बताई, जिसका मकसद हिरेकेरूर और रत्तीहल्ली तालुका के 88 टैंकों को भरना है। 14 जुलाई को उन्होंने अपर तुंगा कमांड एरिया में सरवज्ञा टैंक का दौरा किया और कहा कि ऐसे प्रोजेक्ट कम बारिश वाले सालों में बहुत काम आएंगे।
किसानों और पशुओं के लिए पानी का सही इस्तेमाल
मंत्री ने हावेरी जिले में और ज्यादा टैंक-भरने वाले प्रोजेक्ट की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा, "बारिश कम होने पर ऐसे कदम किसानों की मदद करेंगे, लोगों को पीने का पानी देंगे और पशुओं को बचाएंगे।" पानी के बेहतर प्रबंधन के लिए कर्नाटक सरकार ने तुंगा और वरदा नदियों पर चेक डैम बनाने की योजना बनाई है, जिससे ग्राउंडवाटर टेबल रीचार्ज हो सके।
प्रोजेक्ट का दायरा और प्रगति
अधिकारियों ने जारकीहोली को प्रोजेक्ट की तकनीकी जानकारी दी। इस प्रोजेक्ट में हरिहर तालुका के उक्कदगत्री के पास तुंगभद्रा नदी से पानी लेकर 42 गांवों के टैंकों को भरने की योजना है। अभी तक 345.50 मिलियन सीएफटी पानी स्टोर करने की क्षमता बनाई गई है, जबकि कुल क्षमता 671.67 मिलियन सीएफटी है। पंप हाउस ऑपरेशन के लिए 66 केवी ट्रांसमिशन लाइन और पावर सब-स्टेशन भी तैयार किया गया है।
टैंक-भरने के लिए मोटर चालू
मंत्री ने 3 जुलाई को हुई समीक्षा बैठक में निर्देश दिए थे, जिसके बाद 8 जुलाई को तीन मोटर चालू की गईं ताकि तुंगभद्रा और वरदा नदियों में पानी बढ़ने पर टैंक भरने का काम शुरू हो सके। यह प्रोजेक्ट को लागू करने की दिशा में बड़ा कदम है।
सिंचाई के लिए लंबे समय तक फायदे
हावेरी जिले में तीन नदियों की मौजूदगी से पहले ही मजबूत सिंचाई व्यवस्था है। लेकिन टैंक-भरने की यह पहल सूखे समय में पानी की उपलब्धता को और बेहतर बनाएगी। पानी के टिकाऊ भंडारण से यह प्रोजेक्ट किसानों और स्थानीय लोगों को फायदा देगा और कृषि व पशुधन की जरूरतों को पूरा करेगा।
इस निरीक्षण में हिरेकेरूर विधायक यू.बी. बनाकर, अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर एल. नागराज और अन्य अधिकारी मौजूद थे।
स्रोत: The Hindu
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
कर्नाटक में 88 टैंकों को भरने वाला प्रोजेक्ट क्या है?
यह ₹185 करोड़ का प्रोजेक्ट है जिसका मकसद हावेरी जिले के हिरेकेरूर और रत्तीहल्ली तालुका के 88 टैंकों को तुंगभद्रा नदी से पानी लेकर भरना है। इसमें 42 गांवों के टैंकों को पानी पहुंचाया जाएगा।
इस प्रोजेक्ट से किसानों को क्या फायदा होगा?
सूखे सालों में जब बारिश कम होती है, तब यह प्रोजेक्ट किसानों को सिंचाई के लिए पानी देगा। साथ ही इससे ग्राउंडवाटर टेबल भी बेहतर होगा और पशुओं को भी पानी मिलेगा।
प्रोजेक्ट की वर्तमान स्थिति क्या है?
अभी तक 345.50 मिलियन सीएफटी पानी स्टोर करने की क्षमता बनाई जा चुकी है, जबकि कुल क्षमता 671.67 मिलियन सीएफटी है। 8 जुलाई को तीन मोटर चालू किए गए हैं और 66 केवी ट्रांसमिशन लाइन भी तैयार है।
यह प्रोजेक्ट किन नदियों से पानी लेगा?
यह प्रोजेक्ट तुंगभद्रा और वरदा नदियों से पानी लेगा। कर्नाटक सरकार इन दोनों नदियों पर चेक डैम भी बना रही है ताकि ग्राउंडवाटर रीचार्ज हो सके।
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