कर्नाटक में नए एलपीजी कनेक्शन के 36,000 आवेदन लंबित
कर्नाटक में नए घरेलू एलपीजी कनेक्शन के करीब 36,000 आवेदन लंबित हैं। मंत्री ने केंद्र से प्रक्रिया फिर शुरू कराने की अपील की है।
कर्नाटक के खाद्य और नागरिक आपूर्ति मंत्री रिजवान अरशद ने केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी से अपील की है कि वह ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को राज्य में नए घरेलू एलपीजी कनेक्शन जारी करने की प्रक्रिया फिर शुरू करने का निर्देश दें।
श्री अरशद ने श्री पुरी को लिखे एक पत्र में अगस्त 2026 तक लंबित करीब 36,000 आवेदनों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वैश्विक एलपीजी संकट के बाद नए घरेलू एलपीजी कनेक्शन जारी करने की प्रक्रिया रोक दी गई थी। इसके चलते पात्र परिवार कई महीनों से कनेक्शन का इंतजार कर रहे हैं।
बस्तियों के विस्तार के साथ मांग बढ़ी
श्री अरशद ने कहा कि कर्नाटक में आबादी में काफी बढ़ोतरी हुई है। शहरीकरण बढ़ा है और रिहायशी बस्तियों का भी विस्तार हुआ है। इन वजहों से नए एलपीजी कनेक्शन की मांग लगातार बढ़ रही है।
उन्होंने कहा कि नए बने परिवार, प्रवासी मजदूर, कम आय वाले परिवार और तेजी से विकसित हो रहे शहरी और शहरों के आसपास के इलाकों में रहने वाले लोग इस समस्या से प्रभावित लोगों में शामिल हैं।
उन्होंने तेजी से विकसित हो रहे शहरों, खासकर बेंगलुरु में बढ़ती मांग की ओर भी ध्यान दिलाया। उनके मुताबिक, आईटी और बायोटेक्नोलॉजी सेक्टर में काम करने वाले कर्मचारियों के साथ-साथ नए विकसित रिहायशी इलाकों में रहने के लिए आने वाले परिवारों को घरेलू एलपीजी कनेक्शन लेने में मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।
मंत्री के पत्र के मुताबिक, लंबित आवेदन ऐसे इलाकों के परिवारों से जुड़े हैं, जहां रिहायशी विस्तार और आबादी बढ़ने के कारण घरेलू खाना पकाने के ईंधन की जरूरत बढ़ गई है। इन परिवारों को अपने घर के लिए खाना पकाने का भरोसेमंद ईंधन चाहिए, लेकिन नए कनेक्शन जारी नहीं होने के कारण उनकी जरूरत पूरी नहीं हो पा रही है।
पारंपरिक ईंधन को लेकर चिंता
श्री अरशद ने चेतावनी दी कि लंबे समय तक देरी होने पर परिवारों को लकड़ी और कोयले जैसे पारंपरिक ईंधन पर निर्भर होना पड़ सकता है।
उन्होंने कहा कि इससे महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को घर के अंदर होने वाले वायु प्रदूषण का सामना करना पड़ सकता है। इसके साथ ही घरों में हादसों का खतरा भी बढ़ सकता है।
उन्होंने कहा कि नए कनेक्शन की कमी से सभी पात्र परिवारों तक साफ खाना पकाने का ईंधन पहुंचाने की कोशिशों में भी रुकावट आ सकती है। नए कनेक्शन नहीं मिलने के कारण कई परिवारों के लिए साफ और सुरक्षित ईंधन तक पहुंच मुश्किल बनी हुई है।
मंत्री ने देरी के दौरान मध्यम वर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के सामने उपयुक्त खाना पकाने का ईंधन हासिल करने में आने वाली मुश्किलों को भी सामने रखा।
उन्होंने कहा कि घरेलू एलपीजी सिलेंडर और पांच किलो के सिलेंडर की कीमतों में काफी अंतर है। इसी वजह से बहुत से परिवारों के लिए पांच किलो के सिलेंडर खरीदना भी मुश्किल हो जाता है।
श्री अरशद ने यह भी चेतावनी दी कि नए कनेक्शन उपलब्ध नहीं होने से गैरकानूनी गतिविधियों को बढ़ावा मिल सकता है। उन्होंने कहा कि कनेक्शन की कमी और लंबे इंतजार की स्थिति में ऐसी गतिविधियों का खतरा बढ़ सकता है।
जिले के हिसाब से जरूरत का आकलन करने की मांग
श्री अरशद ने पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय से अपील की कि वह ऑयल मार्केटिंग कंपनियों से बातचीत कर नए कनेक्शनों की पर्याप्त संख्या जारी कराने की व्यवस्था करे।
उन्होंने कहा कि नए कनेक्शन जारी करने की प्रक्रिया लागू दिशा-निर्देशों और जांच की प्रक्रिया के तहत ही होनी चाहिए। यानी कनेक्शन देने से पहले जरूरी नियमों और सत्यापन की प्रक्रिया का पालन किया जाना चाहिए।
मंत्री ने कर्नाटक सरकार से बातचीत करके अतिरिक्त जरूरत का जिले के हिसाब से आकलन कराने की भी मांग की।
उन्होंने केंद्र से अपील की कि वह व्यापक जनहित को ध्यान में रखते हुए कार्रवाई में तेजी लाए। साथ ही उन्होंने कहा कि कनेक्शन फिर शुरू करने का काम तय दिशा-निर्देशों और सत्यापन की प्रक्रिया के जरिए किया जाना चाहिए।
स्रोत: The Hindu
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
कर्नाटक में नए एलपीजी कनेक्शन के कितने आवेदन लंबित हैं?
अगस्त 2026 तक करीब 36,000 नए घरेलू एलपीजी कनेक्शन के आवेदन लंबित हैं।
कर्नाटक ने नए एलपीजी कनेक्शन शुरू कराने के लिए किससे अपील की है?
खाद्य और नागरिक आपूर्ति मंत्री रिजवान अरशद ने केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी से अपील की है।
नए एलपीजी कनेक्शन की मांग क्यों बढ़ रही है?
कर्नाटक में आबादी, शहरीकरण और रिहायशी बस्तियों के विस्तार के कारण नए एलपीजी कनेक्शन की मांग बढ़ रही है।
कनेक्शन में देरी से परिवारों को किन दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है?
परिवारों को लकड़ी और कोयले जैसे पारंपरिक ईंधन पर निर्भर होना पड़ सकता है, जिससे घर के अंदर वायु प्रदूषण और हादसों का खतरा बढ़ सकता है।
किन परिवारों को नए एलपीजी कनेक्शन की कमी से ज्यादा परेशानी हो रही है?
नए बने परिवार, प्रवासी मजदूर, कम आय वाले परिवार और तेजी से विकसित हो रहे शहरी व शहरों के आसपास के इलाकों में रहने वाले लोग इससे प्रभावित हैं।
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