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कर्नाटक हाई कोर्ट ने बेंगलुरु में ऊंची इमारतों के लिए FAR नीति को दी मंजूरी

बेंगलुरु में अब इमारतें होंगी और ऊंची, कर्नाटक हाई कोर्ट ने प्रीमियम FAR पॉलिसी को दी मंजूरी बॉडी: कर्नाटक हाई कोर्ट ने सोमवार को राज्य सरकार की प्रीमियम फ्लोर एरिया रेशियो (PFAR) स्कीम को मंजूरी दे

कर्नाटक हाई कोर्ट ने बेंगलुरु में ऊंची इमारतों के लिए FAR नीति को दी मंजूरी
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कर्नाटक हाई कोर्ट ने सोमवार को राज्य सरकार की प्रीमियम फ्लोर एरिया रेशियो (PFAR) स्कीम को मंजूरी दे दी। इस फैसले से बेंगलुरु में ऊंची इमारतें बनाने का रास्ता साफ हो गया है। इस पॉलिसी के तहत जमीन मालिक और बिल्डर्स तय सीमा से ज्यादा निर्माण कर सकते हैं, बशर्ते वे इसके लिए सरकार को प्रीमियम चार्ज दें। फ्लोर एरिया रेशियो (FAR) का मतलब है कि किसी प्लॉट की साइज के मुकाबले उस पर कितना फ्लोर एरिया बनाया जा सकता है।

FAR का इस्तेमाल शहरी योजनाकारों द्वारा अब तक इस बात को सुनिश्चित करने के लिए किया जाता था कि सड़कों, पानी और सीवेजैसी सुविधाएं विकास का भार उठा सकें। लेकिन चीफ जस्टिस विभु बाखरू और जस्टिसीएम पूनाचा की बेंच ने इस स्कीम के खिलाफ दायर कई जनहित याचिकाओं (PILs) को खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि ऐसा कोई सबूत नहीं है जिससे यह साबित हो कि बढ़ा हुआ FAR लोगों की जिंदगी की क्वालिटी पर असर डालेगा या उनके आर्टिकल 21 के तहत दिए गए संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन करेगा।

सिटिजन्स एक्शन फोरम और एक्टिविस्ट विजय मेनन जैसे नागरिक समूहों ने इस स्कीम को चुनौती दी थी। याचिकाकर्ताओं का कहना था कि PFAR स्कीम प्लानिंग से ज्यादा रेवेन्यू बढ़ाने को प्राथमिकता देती है। उनका दावा था कि यह पॉलिसी बेतरतीब ऊंची इमारतों, ओवरबर्डन इंफ्रास्ट्रक्चर और पर्यावरण को नुकसान पहुंचा सकती है। साथ ही, यह ट्रांसफरेबल डेवलपमेंट राइट्स (TDR) सिस्टम को कमजोर करती है, जो उन लोगों को मुआवजा देता है जो पब्लिक प्रोजेक्ट्स के लिए अपनी जमीन छोड़ते हैं।

आलोचकों ने यह भी कहा कि प्रीमियम FAR को जमीन की गाइडेंस वैल्यू के 28 से 50 प्रतिशत पर ऑफर किया जाता है और इस पर स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन फीस नहीं लगती। इससे यह डेवलपर्स के लिए TDR खरीदने से ज्यादा आकर्षक बन जाता है। याचिकाकर्ताओं का कहना था कि इससे जमीन देने वालों की संपत्ति का मूल्य घटता है, जो आर्टिकल 300A के तहत उनके अधिकारों का उल्लंघन है।

हालांकि, एडवोकेट जनरल शशि किरण शेट्टी ने स्कीम का बचाव करते हुए कहा कि बेंगलुरु में अन्य मेट्रो शहरों के मुकाबले FAR नॉर्म्स काफी कम हैं। उन्होंने तर्क दिया कि सीमित जमीन के बीच बढ़ती आबादी को समायोजित करने के लिए वर्टिकल ग्रोथ जरूरी है।

कोर्ट ने यह भी कहा कि PFAR स्कीम आर्टिकल 300A का उल्लंघन नहीं करती। संविधान आर्थिक या पॉलिसी बदलावों से प्रॉपर्टी ओनर्स को सुरक्षा की गारंटी नहीं देता। बेंच ने यह भी स्पष्ट किया कि यह स्कीम TDR को खत्म नहीं करती। उदाहरण के तौर पर, जहां सड़कों की चौड़ाई 9 से 12 मीटर के बीच है, वहां अतिरिक्त FAR सिर्फ TDR के जरिए ही लिया जा सकता है, प्रीमियम पेमेंट से नहीं।

याचिकाकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि PFAR स्कीम एक तरह से विवादित अक्रमा सक्रमा स्कीम को वापस लाने की कोशिश है। यह स्कीम अवैध निर्माण को नियमित करने के लिए है और फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। हाई कोर्ट ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि PFAR एक समान कानून है, जो प्रीमियम पेमेंट के आधार पर अतिरिक्त निर्माण की अनुमति देता है, न कि अवैध निर्माण को वैध करता है।

इस फैसले के बाद बेंगलुरु में ऊंची इमारतें बनने का रास्ता साफ हो गया है। हालांकि, यह शहरी प्लानिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर पर इसके दीर्घकालिक प्रभाव को लेकर बहस छेड़ सकता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

PFAR स्कीम क्या है और इससे बेंगलुरु में क्या बदलाव होगा?

PFAR (प्रीमियम फ्लोर एरिया रेशियो) स्कीम से जमीन मालिक और बिल्डर्स सरकार को प्रीमियम चार्ज देकर तय सीमा से ज्यादा ऊंची इमारतें बना सकते हैं। इससे बेंगलुरु में अधिक निर्माण संभव हो जाएगा।

कर्नाटक हाई कोर्ट ने इस स्कीम को मंजूरी क्यों दी?

कोर्ट ने कहा कि इस बात का कोई सबूत नहीं है कि बढ़ा हुआ FAR लोगों की जिंदगी की क्वालिटी पर असर डालेगा या उनके संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन करेगा। कोर्ट ने तर्क दिया कि सीमित जमीन में बढ़ती आबादी को समायोजित करने के लिए ऊंची इमारतें जरूरी हैं।

विरोधियों का मुख्य आपत्ति क्या था?

नागरिक समूहों का कहना था कि यह स्कीम प्लानिंग से ज्यादा रेवेन्यू बढ़ाने को प्राथमिकता देती है। उन्होंने चिंता जताई कि इससे बेतरतीब ऊंची इमारतें, इंफ्रास्ट्रक्चर पर दबाव और पर्यावरण को नुकसान हो सकता है। साथ ही, यह TDR सिस्टम को कमजोर करती है।

प्रीमियम FAR की कीमत कितनी है?

प्रीमियम FAR को जमीन की गाइडेंस वैल्यू के 28 से 50 प्रतिशत पर ऑफर किया जाता है। इस पर स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन फीस नहीं लगती, जिससे यह डेवलपर्स के लिए TDR खरीदने से ज्यादा सस्ता विकल्प बन जाता है।

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