कांतिरवा स्टेडियम के पुनर्विकास पर कर्नाटक सरकार खर्च करेगी ₹5,000 करोड़
कांतिरवा स्टेडियम के पुनर्विकास पर ₹5,000 करोड़ खर्च होंगे कर्नाटक सरकार ने बेंगलुरु के मशहूर कांतिरवा स्टेडियम को ₹5,000 करोड़ की लागत से फिर से विकसित करने की योजना बनाई है।
कर्नाटक सरकार ने बेंगलुरु के मशहूर कांतिरवा स्टेडियम को ₹5,000 करोड़ की लागत से फिर से विकसित करने की योजना बनाई है। उप मुख्यमंत्री जी. परमेश्वर ने गुरुवार को बताया कि यह प्रोजेक्ट पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत किया जाएगा और इसे राज्य कैबिनेट की मंजूरी का इंतजार है। डॉ. परमेश्वर, जो खेल और युवा सशक्तिकरण विभाग भी संभालते हैं, ने यह जानकारी प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी।
खेल इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़ा निवेश
कांतिरवा स्टेडियम का पुनर्विकास कर्नाटक के खेल इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़े निवेश को दिखाता है। यह कदम सरकार की युवा सशक्तिकरण और खेलों को बढ़ावा देने की व्यापक योजना के तहत लिया गया है, खासकर जब राज्य की 65% आबादी 35 साल से कम उम्र की है।
डॉ. परमेश्वर ने बताया कि खेल विभाग युवाओं के लिए कई योजनाओं पर काम कर रहा है। इनमें छात्र खिलाड़ियों के लिए उपस्थिति में छूट शामिल है—राष्ट्रीय स्तर पर भाग लेने वालों के लिए 15% और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भाग लेने वालों के लिए 25%। इससे छात्रों को पढ़ाई और खेल दोनों में संतुलन बनाने में मदद मिलेगी।
खिलाड़ियों के लिए प्रोत्साहन और मौके
सरकार ने 72,000 सरकारी नौकरियों में खिलाड़ियों के लिए 2% आरक्षण की घोषणा की है। यह कदम खेल को एक करियर विकल्प के रूप में बढ़ावा देने के लिए उठाया गया है। इसके अलावा, कॉमनवेल्थ और एशियाई खेलों में भाग लेने वाले कर्नाटक के खिलाड़ियों को ₹5 लाख का प्रोत्साहन मिलेगा, जो पदक विजेताओं के लिए पहले से मौजूद नकद पुरस्कारों के साथ होगा।
प्रशिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए सरकार ने 50 नए कोच और ट्रेनर्स की भर्ती को मंजूरी दी है। यह कदम राज्य में जमीनी स्तर पर खेलों के विकास को मजबूत करने के लिए उठाया गया है।
कर्नाटक में पहली बार अंतरराष्ट्रीय युवा महोत्सव
कर्नाटक पहली बार एक अंतरराष्ट्रीय युवा महोत्सव की मेजबानी करेगा, जो दिसंबर, जनवरी या फरवरी में आयोजित होने की संभावना है। मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने इस इवेंट को मंजूरी दी है। यह महोत्सव भारत भर के युवाओं को संस्कृति और खेल पर विचारों का आदान-प्रदान करने का मौका देगा। डॉ. परमेश्वर ने इसे सांस्कृतिक संवाद को बढ़ावा देने और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के लिए एक मंच बताया।
क्यों है यह महत्वपूर्ण
कांतिरवा स्टेडियम का पुनर्विकास और इससे जुड़ी योजनाएं कर्नाटक की खेल प्रतिभाओं को उभारने और युवाओं के लिए मौके बनाने की प्रतिबद्धता को दिखाती हैं। इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेड, पॉलिसी सुधार और प्रोत्साहन को मिलाकर राज्य खुद को खेल और युवा विकास का केंद्र बनाने की कोशिश कर रहा है।
अगर ये योजनाएं सही तरीके से लागू होती हैं, तो राज्य के खेल इकोसिस्टम पर इसका स्थायी प्रभाव पड़ सकता है और युवा आबादी को बड़ा फायदा मिल सकता है।
स्रोत: The Hindu
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