कानपुर देहात में सफाई कर्मचारियों की तिरंगा रैली, तीन बड़ी मांगें
कानपुर देहात में गुरुवार को पंचायती राज ग्रामीण सफाई कर्मचारी संघ के बैनर तले सैकड़ों सफाई कर्मचारियों ने तिरंगा रैली निकालकर अपनी तीन सूत्रीय मांगों को लेकर आवाज उठाई।
कानपुर देहात में गुरुवार को पंचायती राज ग्रामीण सफाई कर्मचारी संघ के बैनर तले सैकड़ों सफाई कर्मचारियों ने तिरंगा रैली निकालकर अपनी तीन सूत्रीय मांगों को लेकर आवाज उठाई। जिला अध्यक्ष भारत सिंह की अगुवाई में कर्मचारियों ने जिला मुख्यालय पर जमा होकर प्रदेश सरकार से अपनी मांगों का जल्द हल निकालने की मांग की। इसके बाद मुख्यमंत्री के नाम जिलाधिकारी के जरिए ज्ञापन सौंपा गया।
ज्ञापन में सफाई कर्मचारियों ने तीन अहम मांगें रखी हैं। पहली मांग पुरानी पेंशन व्यवस्था यानी ओपीएस को फिर से लागू करने की है। दूसरी मांग सफाई कर्मियों की पदोन्नति से जुड़ी है और तीसरी मांग विभागीय सेवा नियमावली बनाने को लेकर है। संगठन का कहना है कि कई सफाई कर्मचारी लंबे समय से एक ही पद पर काम कर रहे हैं लेकिन उन्हें पदोन्नति का फायदा नहीं मिल रहा है।
कर्मचारियों ने सरकार से तीनों मांगों पर जल्द से जल्द फैसला लेने की अपील की है। संगठन ने साफ कर दिया है कि अगर मांगों का हल नहीं निकला तो आगे भी लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन जारी रखा जाएगा। सफाई कर्मचारियों की यह रैली उनकी नाराजगी और लंबे समय से लंबित पड़े मुद्दों को उजागर करती है। अब देखना होगा कि सरकार इन मांगों पर क्या कदम उठाती है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
कानपुर देहात में सफाई कर्मचारियों ने क्या रैली निकाली?
कानपुर देहात में पंचायती राज ग्रामीण सफाई कर्मचारी संघ के बैनर तले सैकड़ों सफाई कर्मचारियों ने तिरंगा रैली निकाली। इसमें जिला अध्यक्ष भारत सिंह की अगुवाई में कर्मचारी जिला मुख्यालय पर जमा हुए।
सफाई कर्मचारियों की तीन मुख्य मांगें क्या हैं?
पहली मांग पुरानी पेंशन व्यवस्था यानी ओपीएस को फिर से लागू करने की है। दूसरी मांग सफाई कर्मियों की पदोन्नति से जुड़ी है और तीसरी मांग विभागीय सेवा नियमावली बनाने को लेकर है।
सफाई कर्मचारियों को पदोन्नति में क्या समस्या है?
कई सफाई कर्मचारी लंबे समय से एक ही पद पर काम कर रहे हैं लेकिन उन्हें पदोन्नति का फायदा नहीं मिल रहा है।
अगर सरकार इन मांगों को पूरा न करे तो क्या होगा?
संगठन ने साफ कर दिया है कि अगर मांगों का हल नहीं निकला तो आगे भी लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन जारी रखा जाएगा।
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