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जापान ने पेनल्टी शूटआउट में इक्वाडोर को हराया, किरिन कप फाइनल में पहुंचा

जापान ने पेनल्टी पर इक्वाडोर को हराकर किरिन कप फाइनल में जगह बनाई जापान ने योकोहामा में इक्वाडोर के साथ गोलरहित मैच के बाद पेनल्टी शूटआउट में जीत हासिल कर किरिन कप फाइनल में जगह बना ली।

जापान ने पेनल्टी शूटआउट में इक्वाडोर को हराया, किरिन कप फाइनल में पहुंचा
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जापान ने योकोहामा में इक्वाडोर के साथ गोलरहित मैच के बाद पेनल्टी शूटआउट में जीत हासिल कर किरिन कप फाइनल में जगह बना ली। शूटआउट के अंत में लाइव रिपोर्ट ने पुष्टि की, “¡¡JAPÓN PASA A LA FINAL DE LA KIRIN CUP!!”

जापान ने योकोहामा में कड़ा सेमीफाइनल निकाला

मैच तय समय के बाद बराबरी पर खत्म हुआ, जिसके बाद पेनल्टी शूटआउट हुआ। दूसरे हाफ के दौरान ही यह बताया गया था कि अगर 90 मिनट के बाद स्कोर बराबर रहा, तो टाई का फैसला इसी तरीके से होगा।

एएस ने फुल-टाइम पर रिपोर्ट किया कि योकोहामा में पेनल्टी होंगी, क्योंकि जापान और इक्वाडोर दोनों में से कोई भी ओपन प्ले के दौरान गोल नहीं कर सका।

इक्वाडोर को 11 मीटर से पहली किक लेने के लिए सूचीबद्ध किया गया था, और जापान को उसके बाद क्रम में आना था।

उएदा ने जापान के लिए पेनल्टी स्पॉट से गोल किया, और इसके बाद हिरोकी इतो ने शूटआउट में समुराई ब्लू को आगे कर दिया।

सारमिएंतो ने ला त्री की उम्मीदें जिंदा रखीं, जबकि सोमा ने गोल करके जापान की बढ़त बनाए रखी।

वैलेंसिया ने भी इक्वाडोर के लिए गोल किया, और लाइव कमेंट्री के मुताबिक इसके बाद पल गालिंदेज के हाथों में था।

एएस की अंतिम पुष्टि यह थी कि जापान किरिन कप फाइनल में पहुंच गया है।

बहुत कम साफ मौकों वाला मैच

पेनल्टी की जरूरत पड़ने से काफी पहले ही मैच काफी कड़ा था। एएस ने पहले हाफ को ऐसा बताया जिसमें गोल के आसपास खतरा बहुत कम था।

ब्रेक से पहले जापान के पास गेंद ज्यादा थी, जबकि इक्वाडोर प्रतिद्वंद्वी डिफेंस को गंभीर तौर पर खतरे में नहीं डाल पाया।

लाइव रिपोर्ट ने मैच को शतरंज की बाजी जैसा बताया, जिसमें जापान और इक्वाडोर दोनों में से कोई भी गेंद के साथ अपना दबदबा नहीं बना पा रहा था।

शुरुआती हिस्से में दोनों गोलकीपरों के पास करने के लिए ज्यादा कुछ नहीं था, और एएस ने नोट किया कि उस समय तक किसी भी टीम ने खतरनाक मौका नहीं बनाया था।

शुरुआती खेल का बड़ा हिस्सा फ्लैंक्स से गुजरा, जहां इक्वाडोर के अरोयो गेंद पर ज्यादा नजर आने लगे।

जापान ने कोशिश की कि इक्वाडोर को गेंद के साथ आगे खींचे और फिर दक्षिण अमेरिकी टीम की किसी भी सामूहिक अव्यवस्था का फायदा उठाए।

शुरुआती चरणों के बाद इक्वाडोर ने कभी पीछे हटना और कभी जापान के हाफ में ऊपर जाकर प्रेस करना, दोनों तरीके अपनाए।

शुरुआती पलों में गेंद इक्वाडोर के पास थी, और वह शांति से खेल रहा था, जबकि जापान की टीम हाई प्रेस करने के लिए ज्यादा ऊपर नहीं जा रही थी।

इसके बाद जापान ने गेंद पर ज्यादा नियंत्रण हासिल करने के बाद इक्वाडोर के एरिया के आसपास खतरनाक तरीके से दिखना शुरू किया।

जापान के एक अटैक में बाईं तरफ से आई डिलीवरी के बाद गेंद छोटे एरिया के पार गई, लेकिन वह गोल बनाए बिना बाहर चली गई।

कॉर्नर से इक्वाडोर का हवाई खतरा भी दिखा, जिसमें पाचो ने हेडर जीता, लेकिन वह मजबूत प्रयास को दिशा नहीं दे पाए।

गालिंदेज ने पहला बड़ा सेव किया

मैच का पहला सेव तब आया जब गालिंदेज ने एक अच्छे जापानी कॉम्बिनेशन के बाद वह किया जिसे एएस ने शानदार हाथ बताया।

उस मूव में तानिमुरा ने अपने बाएं पैर से फिनिश किया, लेकिन इक्वाडोर के गोलकीपर ने दखल दिया।

जापान ने कुबो के कॉर्नर से भी मौका बनाने की कोशिश की थी, हालांकि बाद में उस अटैक को इक्वाडोर के खिलाड़ी पर फाउल के कारण अमान्य कर दिया गया।

हिरोकी इतो एक डिफेंसिव एक्शन के बाद कुछ समय पिच पर नीचे रहे, हालांकि लाइव कमेंट्री ने कहा कि समस्या गंभीर नहीं दिख रही थी।

सुजुकी ने भी जापान के तीन पास वाले कॉम्बिनेशन के बाद एरिया के बाहर से अपनी किस्मत आजमाई, लेकिन उनका दाएं पैर से लगाया गया शॉट बाहर चला गया।

जब भी कुबो शामिल होते, इक्वाडोर का डिफेंस उन्हें जल्दी रोक देता, जिससे रियल सोसिएदाद के विंगर को गेंद मिलने पर बहुत कम जगह मिलती।

जैसे-जैसे ज्यादा जगह खुलने लगी, दोनों टीमों के वाइड खिलाड़ियों ने वन-ऑन-वन हालात में प्रतिद्वंद्वियों को छकाने की कोशिश की।

एएस ने नोट किया कि उस दौर में दोनों तरफ का आक्रामक खेल चमक नहीं रहा था।

हाफ-टाइम से पहले इक्वाडोर ने खतरा बनाया

ब्रेक से पहले इक्वाडोर ने बाईं तरफ से मजबूत मूव बनाया, जिसमें आंगुलो ने अपने मार्कर को चुनौती दी और छोटे एरिया में क्रॉस भेजा।

आंगुलो की उस डिलीवरी को फिनिश करने के लिए इक्वाडोर का कोई साथी नहीं पहुंचा।

इसके बाद अरोयो के पास शूटिंग का अच्छा मौका आया, लेकिन उनका प्रयास बहुत ऊपर उठ गया और क्रॉसबार के ऊपर चला गया।

पहला हाफ खत्म होने के करीब था, तब एएस ने कहा कि जापान के पास ज्यादा पजेशन था, जबकि इक्वाडोर अब भी विरोधी डिफेंस को खतरे में नहीं डाल पाया था।

मौकों की कमी का मतलब था कि ड्रेसिंग-रूम इंटरवल के बाद मैच को ज्यादा रिदम की जरूरत थी।

पहले हाफ के पैटर्न ने इक्वाडोर की डिफेंसिव व्यवस्था को भी रेखांकित किया, जिसके बारे में लाइव रिपोर्ट ने बाद में कहा कि उसकी मजबूत बुनियादें दिखती रहीं।

एएस ने इक्वाडोर की बैक लाइन को ऊंचे स्तर वाली लाइन बताया।

इंटरवल के बाद बदलाव शुरू हुए

ब्रेक के बाद दोनों टीमों ने जल्दी बदलाव किए।

इक्वाडोर ने फ्रांको की जगह तोरेस को उतारा।

जापान ने तानिमुरा की जगह उएदा को उतारा।

एएस ने कहा कि बहुत कम खतरे वाले पहले हाफ के बाद मौके बनाने के लिए खेल को ज्यादा रिदम की जरूरत थी।

रीस्टार्ट के बाद शुरुआती पलों में इक्वाडोर ने थोड़ा ज्यादा फैलकर खेलने की इच्छा दिखाई।

जापान अब भी ऐसे बिल्ड-अप प्ले के जरिए नियंत्रण खोज रहा था, जिसका मकसद दबाव को अपनी तरफ खींचना था।

लाइव कमेंट्री ने नोट किया कि जापान ने बिल्ड-अप में सुजुकी का काफी इस्तेमाल किया।

एस्टन विला के गोलकीपर के तौर पर पहचाने गए सुजुकी ने इक्वाडोर के खिलाड़ियों से दबाव खींचने की कोशिश की, ताकि कोई प्रतिद्वंद्वी अपनी जगह से बाहर निकल आए।

सानो ने दाईं तरफ से आगे बढ़ने की कोशिश की और अपने एक साथी के बाहर से ओवरलैप किया, लेकिन एस्तुपिन्यान के साथ ड्यूल में उन्होंने गेंद खो दी।

दोनों टीमों के पजेशन लंबे होने लगे, हालांकि गेंद गालिंदेज और सुजुकी द्वारा बचाए जा रहे गोलों से दूर ही रही।

जापान ने इक्वाडोर की दाईं तरफ देखा

लाइव कमेंट्री के मुताबिक, जापान ने इक्वाडोर की दाईं तरफ से रास्ते तलाशने शुरू किए।

जापान की कई मूव्स ने गेंद को वापस क्रॉस करने से पहले बाइलाइन तक पहुंचने की कोशिश की, इनमें वे अटैक भी शामिल थे जो शॉट्स के साथ खत्म हुए।

जापान के एक अटैक में दोआन बाईं तरफ से अंदर आए, और तानाका ने बीच से शॉट के साथ मूव खत्म किया, जिसे गालिंदेज ने फिर संभाल लिया।

एएस ने उस पल को जापान का मौका बताया और गालिंदेज की एक और दखल का जिक्र किया।

इसके बाद दोनों टीमों के खिलाड़ी पिच में उतरने की तैयारी करते दिखे, और कमेंट्री ने मोरियासु और गालार्दो के फैसलों का अनुमान लगाया।

जापान ने इतो, जुन्नोसुके सुजुकी और कामादा को उतारकर बदलाव किए।

उस बदलावों के सेट में जापान के लिए युइतो सुजुकी, कुबो और दोआन बाहर गए।

इसके बाद इक्वाडोर ने सारमिएंतो, कास्टिलो और जुआन आंगुलो को उतारा।

उस चरण में येबोआ, अल्सिवार और अरोयो इक्वाडोर के वे खिलाड़ी थे जिन्हें बाहर किया गया।

इतो ने डेडलॉक तोड़ने के करीब पहुंचाया

बाईं तरफ से एक और मूव के बाद इतो जापान के लिए स्कोर खोलने के करीब पहुंचे।

उस सीक्वेंस में पास एरिया के किनारे की ओर गया, जहां सब्स्टीट्यूट ने अपने दाएं पैर से शॉट लगाया।

उनका प्रयास गोल के बहुत पार घिसटता हुआ चला गया।

उस समय एएस ने कहा कि जापान इक्वाडोर की दाईं तरफ दरारें खोज रहा था।

इसके उलट, इक्वाडोर खतरा पैदा करने में संघर्ष कर रहा था।

लाइव रिपोर्ट ने कहा कि विंग से ला त्री की कोशिशें गोल के सामने जापान को परेशान नहीं कर पा रही थीं।

हाजिमे मोरियासु के तहत जापान उस दौर में था, जिसमें वह ज्यादा पजेशन बनाए रखने की कोशिश कर रहा था।

कमेंट्री ने खास तौर पर एक दूसरे हाफ के स्पेल में मार्सेलो गालार्दो की टीम को ज्यादा पजेशन रखने की कोशिश करते हुए बताया।

पेनल्टी से पहले और देर के बदलाव

इक्वाडोर ने मेरकाडो की जगह वैलेंसिया को उतारा।

जापान ने माएदा और सोमा को उतारा।

नकामुरा और तानाका वे जापानी खिलाड़ी थे जो उस देर के बदलाव में मैदान से बाहर गए।

इक्वाडोर ने मेडिना और मिंदा को भी उतारा।

विते और निल्सन आंगुलो को इक्वाडोर के लिए बाहर किया गया।

इसके बाद जापान ने एक और बदलाव किया, जिसमें शियोगाई अंदर आए और सानो बाहर गए।

एएस ने फिर जोर दिया कि कभी-कभार मौकों के बावजूद इक्वाडोर का डिफेंसिव काम मजबूत बना हुआ था।

अगर 90 मिनट के बाद स्कोर बराबर रहता, तो मैच का फैसला अब भी पेनल्टी से होना था, और लाइव रिपोर्ट ने बताया कि पनामा बनाम न्यूजीलैंड का फैसला पहले ही इसी तरह हो चुका था।

बाद में कैइसेदो के पास इक्वाडोर के लिए मौका आया, जिसमें हुराकान फॉरवर्ड ने फर्स्ट-टाइम शॉट लिया।

उन्होंने प्रयास को पोस्ट के पास रखने की कोशिश की, लेकिन उसे बाहर भेज दिया।

उस मौके ने स्कोर नहीं बदला, और मैच आखिरकार पेनल्टी तक पहुंचा।

किरिन कप के संदर्भ ने दांव को कैसे आकार दिया

एएस ने किरिन कप को इंटरनेशनल ब्रेक के दौरान फ्रेंडली मैचों का टूर्नामेंट बताया, जिसमें जापान और इक्वाडोर फाइनल में जगह के लिए मिल रहे थे।

योकोहामा का मैच जापान के उस रास्ते का भी हिस्सा था, जिसमें वह मेजबान के तौर पर आमंत्रित राष्ट्रीय टीमों के खिलाफ खेलता है।

1992 में टूर्नामेंट की स्थापना के बाद से जापान ने किरिन कप 10 बार जीता है।

एएस ने नोट किया कि जापान प्रतियोगिता के पिछले दो एडिशन में दूसरे स्थान पर रहा था।

ये दूसरे स्थान 2016 और 2022 में क्रमशः बोस्निया-हर्जेगोबिना और ट्यूनीशिया के खिलाफ आए थे।

स्रोत के मुताबिक, टूर्नामेंट कई सालों की “absence” के बाद लौटा।

इस एडिशन के पहले मैच में न्यूजीलैंड और पनामा आमने-सामने थे।

वह गेम भी बंद रहा और मिनट गुजरने के साथ बिना गोल के खत्म हुआ।

न्यूजीलैंड ने पेनल्टी पर 5-4 से जीत हासिल की।

पनामा को तीसरी पेनल्टी पर चूक की सजा मिली।

जिमेनेज वह पनामा खिलाड़ी थे जो 11 मीटर से प्रतिद्वंद्वी गोलकीपर को नहीं हरा सके।

न्यूजीलैंड के सभी पांच पेनल्टी लेने वालों ने अपने गोल किए।

उस पहले के शूटआउट ने जापान और इक्वाडोर के लिए तत्काल प्रतियोगिता का संदर्भ दिया, जिन्हें भी बताया गया था कि अगर 90 मिनट में विजेता नहीं निकला, तो पेनल्टी उनके मैच का फैसला करेंगी।

इक्वाडोर गैरमौजूद खिलाड़ियों और खास शर्ट के साथ आया

इक्वाडोर ने इस इंटरनेशनल ब्रेक में मार्सेलो गालार्दो द्वारा बुलाए गए स्क्वाड से दो गैरमौजूदगी के साथ प्रवेश किया।

पिएरो हिंकापिए और मोइसेस कैइसेदो ला त्री कैंप में मौजूद नहीं थे।

एएस ने दोनों को राष्ट्रीय टीम के भीतर भारी नाम और ग्रुप के अंदर दो कप्तानों में से बताया।

दोनों खिलाड़ी चोटों से गुजर रहे थे और उन्हें अपने देश का प्रतिनिधित्व करने के लिए इंतजार करना होगा।

फुटबोलेक्वाडोर ने रिपोर्ट किया कि इक्वाडोर ने किरिन कप में जापान के खिलाफ पहनने के लिए एक और खास किट तैयार की, जैसा उसने दक्षिण कोरिया के खिलाफ चैलेंज में किया था।

रिपोर्ट ने कहा कि इक्वाडोर एशियाई जमीन पर था और उसे इंटरनेशनल टूर की सांस्कृतिक भावना से जुड़ना था।

मैच के लिए, ला त्री वर्ल्ड कप में इस्तेमाल की गई मुख्य पीली आर्मर पहनने वाला था, लेकिन बॉडी पर बदलावों के साथ।

शर्ट का एक हिस्सा इक्वाडोरियन कोंडोर को लड़ाई के लिए तैयार दिखाएगा।

फ्रंट पर क्रेन होगा, जिसे स्रोत ने जापानी संस्कृति का पारंपरिक और प्राचीन जानवर बताया।

फुटबोलेक्वाडोर ने कहा कि खास डिजाइन इक्वाडोर के समर्थकों के लिए खरीदने को पहले ही बिक्री पर था।

शर्ट को एक अनोखा कलेक्टर का गारमेंट बताया गया, क्योंकि इसका इस्तेमाल सिर्फ इस तरह की इंटरनेशनल कमिटमेंट के लिए किया जाएगा।

इसी स्रोत ने कहा कि तिरंगा कोपा किरिन में 05h00 पर डेब्यू करेगा।

गालार्दो ने टूर को मूल्यांकन बताया

मार्सेलो गालार्दो ने जापान के खिलाफ इक्वाडोर के मैच से पहले मीडिया से बात की।

स्रोत ने फिक्स्चर को बढ़ते कद वाली राष्ट्रीय टीम के खिलाफ एक अहम टेस्ट बताया।

गालार्दो ने कहा कि यह टूर उनके और खिलाड़ियों दोनों के लिए मूल्यांकन और जानकारी का ही है।

उन्होंने कहा कि ऐसी राष्ट्रीय टीमों का सामना करना अच्छा है जो फुटबॉल के लिहाज से इक्वाडोर को परखेंगी और उन्हें मुकाबला करने की भी इजाजत देंगी।

गालार्दो ने इक्वाडोर को खिलाड़ियों की ऐसी टीम और ग्रुप बताया जो विकास में बढ़ते रहने और दूसरे स्तर पर मुकाबला जारी रखने के लिए तैयार है।

उन्होंने मैच को न केवल अपने लिए, बल्कि सभी खिलाड़ियों और देश के लिए भी बहुत अहम चुनौती बताया।

गालार्दो ने यह भी कहा कि मैच इक्वाडोर को टीम के साथ काम करने के लिए मिले सप्ताह के मुताबिक व्यवहारों का मूल्यांकन करने और उन्हें देखते रहने के लिए उपयोगी होगा।

उन्होंने जोड़ा कि जापान जैसी बहुत अच्छी राष्ट्रीय टीम का सामना करना इक्वाडोर को काफी दिलचस्प टेस्ट के सामने रखता है।

एएस ने लिखा कि इक्वाडोर कोच के तौर पर गालार्दो का चक्र अच्छी तरह शुरू नहीं हुआ था।

अर्जेंटीनी कोच ने बेंच से अपना पहला मैच दक्षिण कोरिया के खिलाफ 3-0 से गंवाया।

स्रोत ने जोड़ा कि इक्वाडोर को कोच करना समय मांगता है।

एएस ने यह भी नोट किया कि कोच और टीम के बीच साझा समय अभी भी बहुत कम था।

क्वालीफायर की तैयारी, जो 2027 में शुरू होते हैं, लक्ष्य के तौर पर पहचानी गई।

स्रोत ने कहा कि ला त्री के आसपास दबाव बहुत ज्यादा था।

उसने यह भी कहा कि खिलाड़ियों की मौजूदा पीढ़ी बहुत सकारात्मक उम्मीदें जगाती है, जिन्हें अभी जमीन पर उतरना बाकी है।

जापान मोरियासु के प्रोजेक्ट और हालिया दक्षिण अमेरिकी टेस्टों के साथ आया

जापान के लिए, इक्वाडोर मैच को एक नए फ्रेंडली और किरिन कप में फाइनल तक के रास्ते का हिस्सा बताया गया।

एएस ने कहा कि इस तैयारी में टीमें अलग-अलग अहसासों के साथ आई थीं।

यह मैच हाजिमे मोरियासु की टीम के लिए इस दौर में दक्षिण अमेरिकी प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ जापान का तीसरा मैच था।

जापान ने खेले गए फ्रेंडली मैचों में अपनी सबसे अच्छी लय न मिलने के बावजूद दो कीमती जीत हासिल की थीं।

उरुग्वे और वेनेजुएला के खिलाफ उन मैचों ने संकेत छोड़े कि अभी भी काफी सुधार हो सकता है।

स्रोत ने जोड़ा कि मोरियासु ने उन मैचों में से दूसरे में भारी रोटेशन किया।

एएस ने वेनेजुएला पर जापान की 2-1 की जीत को ऐसा बताया जिसमें मुलाकात के अंत में विवाद था।

उसने उरुग्वे के खिलाफ जापान की 3-1 की जीत का भी जिक्र किया।

समुराई ब्लू ने वर्ल्ड कप के बाद मोरियासु को रिन्यू किया, इस अटकल के बीच कि वह प्रोजेक्ट छोड़कर फेडरेशन में जा सकते हैं।

मोरियासु 2018 से जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।

जापान इसी निरंतरता के तहत एक नए रास्ते पर आगे बढ़ रहा है।

एशियन कप, जो 2027 की शुरुआत में खेला जाता है, उनका इंतजार कर रहा है।

कुबो की भूमिका पर करीबी नजर थी

कुबो से जापान के अच्छे प्रदर्शन को लेकर उम्मीद थी, क्योंकि उन्होंने वेनेजुएला के खिलाफ दिखाया था कि उनके पास देने के लिए बहुत कुछ है।

जापानी विंगर ने राष्ट्रीय टीम और रियल सोसिएदाद दोनों के साथ अपने सबसे अच्छे स्तर को पाए बिना समय बिताया था।

विनोतिंतो के खिलाफ, वह दूसरे हाफ में आए और खेल की रिदम बदल दी।

उनके साथियों ने उन्हें दाईं विंग पर खोजा।

एएस ने कहा कि वह प्रतिद्वंद्वियों को चुनौती देते समय और दूसरे जापानी खिलाड़ियों को ढूंढते समय दोनों स्थितियों में तेज दिखे।

अटैकर ने बार-बार एक तरह की मूव की कोशिश की: एरिया में घुसना, प्रतिद्वंद्वियों को अपनी तरफ खींचना, और फिनिशर के लिए लो पास देखना।

हालांकि उन्होंने असिस्ट या गोल दर्ज नहीं किया, कुबो वही खिलाड़ी थे जिन्होंने उस पेनल्टी को प्रोवोक किया जिसने जापान को उस मैच में अंतिम जीत दिलाई।

लेकिन इक्वाडोर के साथ मैच में, इक्वाडोर के डिफेंस ने उनके दखलों को जल्दी धीमा कर दिया।

लाइव कमेंट्री ने कहा कि रियल सोसिएदाद के विंगर कुबो को गेंद मिलने पर ज्यादा राहत नहीं थी।

जापान ने आखिरकार दूसरे हाफ में कुबो को बाहर किया, जिसमें इतो, जुन्नोसुके सुजुकी और कामादा आए, जबकि युइतो सुजुकी, कुबो और दोआन बाहर गए।

सुजुकी की हालिया जांच बिल्ड-अप का हिस्सा रही

जापान के गोलकीपर सुजुकी भी मैच से पहले फोकस का हिस्सा थे।

एएस ने कहा कि जापानी गोलकीपर एस्टन विला पहुंचने के बाद मार्केट के नामों में से एक रहे थे।

अच्छे प्रदर्शन के बावजूद, वेनेजुएला के खिलाफ उनकी सबसे हालिया इंटरनेशनल ब्रेक अपीयरेंस ने कुछ शक छोड़ा था।

पूर्व पार्मा खिलाड़ी दक्षिण अमेरिकियों के खिलाफ दूसरे हाफ में आए थे।

स्रोत ने कहा कि उन्होंने अपने दखलों में कुछ असुरक्षा दिखाई।

सबसे उल्लेखनीय उदाहरणों में एक हवाई गेंद थी जिसे उन्होंने साफ तौर पर पकड़ने के बजाय ब्लॉक किया, जिससे उन्हें दो चरणों में उसे इकट्ठा करना पड़ा।

एक और ज्यादा अहम पल लंबी दूरी के शॉट पर आया जिसे वह अच्छी तरह रोक नहीं सके।

उस रिबाउंड ने गेंद को प्रतिद्वंद्वी के लिए करीब से शॉट लगाने के लिए खुला छोड़ दिया, हालांकि प्रयास बाहर चला गया।

इक्वाडोर के खिलाफ, एएस ने नोट किया कि जापान ने पीछे से बिल्ड करते समय अक्सर सुजुकी के जरिए खेला।

गोलकीपर ने इक्वाडोरियन दबाव को आकर्षित करने की कोशिश की ताकि किसी प्रतिद्वंद्वी को अपनी जगह से बाहर खींचा जा सके।

यह बिल्ड-अप प्लान जापान की खेल को नियंत्रित करने की कोशिश का हिस्सा बना, भले ही मौके कम बने रहे।

सूचीबद्ध शुरुआती इलेवन

इक्वाडोर की सूचीबद्ध टीम थी गालिंदेज; फ्रांको, पोरोसो, पाचो, मेरकाडो; अरोयो, अल्सिवार, विते, एस्तुपिन्यान; रेबोआह, आंगुलो।

जापान की सूचीबद्ध टीम थी सुजुकी; इताकुरा, सेको, हिरोकी इतो; दोआन, सानो, तानाका, नकामुरा; कुबो, तानिमुरा, युइतो सुजुकी।

लाइनअप्स ने इक्वाडोर और जापान के गोल में क्रमशः गालिंदेज और सुजुकी को रखा।

पोरोसो और पाचो इक्वाडोर की डिफेंसिव लाइन में शामिल थे, जबकि इताकुरा, सेको और हिरोकी इतो जापान के लिए सूचीबद्ध थे।

अरोयो, अल्सिवार, विते और एस्तुपिन्यान को इक्वाडोर की मिडफील्ड संरचना में नामित किया गया।

दोआन, सानो, तानाका और नकामुरा जापान की मिडफील्ड लाइन में सूचीबद्ध थे।

कुबो, तानिमुरा और युइतो सुजुकी जापान के एडवांस्ड खिलाड़ियों में सूचीबद्ध थे।

रेबोआह और आंगुलो स्रोत लाइनअप में इक्वाडोर के एडवांस्ड खिलाड़ियों में सूचीबद्ध थे।

नतीजा क्यों अहम था

नतीजे का तत्काल असर साफ था: जापान किरिन कप फाइनल में पहुंच गया।

टूर्नामेंट के संदर्भ में यह अहम था, क्योंकि जापान-इक्वाडोर मैच को फाइनल में जगह के लिए मुकाबले के तौर पर पेश किया गया था।

यह जापान के लिए भी अहम था, क्योंकि देश का किरिन कप में लंबा रिकॉर्ड है, 1992 से 10 खिताबों के साथ।

जापान सबसे हालिया दो एडिशन में बोस्निया-हर्जेगोबिना और ट्यूनीशिया के खिलाफ दूसरे स्थान पर रहा था।

इक्वाडोर के लिए, मैच गालार्दो की शुरुआती मूल्यांकन प्रक्रिया का हिस्सा होने के कारण अहम था, ऐसी स्क्वाड के साथ जो अभी भी उनके नेतृत्व के हिसाब से ढल रही है।

गालार्दो ने कहा था कि टूर उनके और खिलाड़ियों के लिए मूल्यांकन और जानकारी के बारे में था।

उन्होंने यह भी कहा था कि जापान का सामना करना काफी दिलचस्प टेस्ट होगा।

आखिर में गेम ने मैच से पहले की उस फ्रेमिंग का काफी हिस्सा दिखाया, जिसमें इक्वाडोर ने डिफेंसिव मजबूती दिखाई, लेकिन लगातार खतरा पैदा करने में संघर्ष किया।

जापान ने पजेशन और बिल्ड-अप पैटर्न के साथ बड़े स्पेल नियंत्रित किए, फिर भी इक्वाडोर से अलग होने के लिए उसे पेनल्टी की जरूरत पड़ी।

इसलिए शूटआउट ऐसे मैच में निर्णायक कदम बना, जिसमें बहुत कम साफ मौके मिले थे और जिसने 90 मिनट तक दोनों टीमों को बराबरी में बांधे रखा था।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जापान किरिन कप फाइनल में कैसे पहुंचा?

जापान ने योकोहामा में इक्वाडोर के खिलाफ गोलरहित मैच के बाद पेनल्टी शूटआउट जीता और किरिन कप फाइनल में जगह बनाई।

मैच तय समय में कितने स्कोर पर खत्म हुआ?

मैच 90 मिनट के बाद 0-0 से बराबर रहा, इसलिए फैसला पेनल्टी शूटआउट से हुआ।

शूटआउट में जापान के लिए किसने गोल किए?

रिपोर्ट के मुताबिक उएदा ने पेनल्टी स्पॉट से गोल किया और हिरोकी इतो ने भी शूटआउट में जापान को आगे किया। सोमा ने भी गोल कर बढ़त बनाए रखी।

इक्वाडोर के लिए शूटआउट में किसने गोल किए?

इक्वाडोर के लिए सारमिएंतो और वैलेंसिया ने गोल किए, जिससे टीम की उम्मीदें कुछ देर तक बनी रहीं।

मैच का खेल कैसा रहा?

मैच काफी कड़ा रहा और साफ मौके बहुत कम बने। पहले हाफ में जापान के पास गेंद ज्यादा थी, लेकिन दोनों टीमें ओपन प्ले में गोल नहीं कर सकीं।

#ecuador#football#japan#kirin cup#penalties

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