125वें मैच में हैरी केन के दो गोल, इंग्लैंड ने चेकिया को हराया
हैरी केन ने 125वें मैच में दो गोल किए, इंग्लैंड ने चेकिया को आसानी से हराया इंग्लैंड बनाम चेकिया हैरी केन ने दो गोल किए और पहले गोल को बनाने में भी मदद की।
इंग्लैंड बनाम चेकिया
हैरी केन ने दो गोल किए और पहले गोल को बनाने में भी मदद की। उनकी कप्तानी में इंग्लैंड ने उस रात चेकिया के खिलाफ नेशंस लीग में बेहद आसानी से जीत हासिल की, जब केन ने इंग्लैंड के लिए अपना 125वां मैच खेला। इस खास मुकाबले के साथ वह इंग्लैंड की ओर से सबसे ज्यादा मैच खेलने वालों की सूची में पीटर शिल्टन के बराबर पहुंच गए। वहीं, दो गोल करने के बाद अपने देश के लिए उनके गोलों की संख्या 91 हो गई।
केन इंग्लैंड के तीनों गोलों से जुड़े रहे। उनके क्रॉस से पहला गोल बना, जिसे व्लादिमीर कूफाल ने अपने ही गोल में डाल दिया। इसके बाद केन ने हाफ टाइम से पहले एक गोल किया और ब्रेक के बाद हेडर से एक और गोल जोड़ दिया।
इस नतीजे से इंग्लैंड का नेशंस लीग के क्वार्टर फाइनल में पहुंचना लगभग पक्का हो गया। इससे थॉमस ट्यूशेल की टीम के लिए लंबे अंतरराष्ट्रीय विंडो का अंत भी हौसला बढ़ाने वाले अंदाज में हुआ। इस जीत से यह एहसास भी और मजबूत हुआ कि इंग्लैंड अर्जेंटीना के खिलाफ विश्व कप सेमीफाइनल में मिली हार से आगे बढ़ चुका है। ट्यूशेल की टीम के लिए वह मैच अब भी एक बड़ा संदर्भ बना हुआ है।
केन ने खास मैच को एक और निर्णायक प्रदर्शन में बदला
शाम की शुरुआत केन के लिए एक प्री-मैच इंटरव्यू से हुई। आईटीवी के साथ बातचीत के दौरान उन्हें इंग्लैंड के लिए किए गए अपने पहले गोल का रिप्ले दिखाया गया। वह गोल 2015 में लिथुआनिया के खिलाफ आया था। अपने डेब्यू मैच में सब्स्टीट्यूट के रूप में मैदान पर आने के केवल 79 सेकंड बाद केन ने वह गोल किया था।
रात का अंत केन के दो और गोलों वाली जीत पर विचार करते हुए हुआ। इंग्लैंड ने यह मुकाबला काफी आसानी से अपने नियंत्रण में रखा। उनके इंग्लैंड करियर से जुड़े आंकड़े उस मौके पर लगातार बढ़ते रहे, जो पहले ही एक बड़े रिकॉर्ड के इर्द-गिर्द बना हुआ था।
इंग्लैंड के लिए केन का 125वां मैच उन्हें शिल्टन के बराबर ले आया। अब दोनों के नाम इंग्लैंड के किसी खिलाड़ी की ओर से सबसे ज्यादा मैच खेलने का रिकॉर्ड साझा है। केन के गोलों की संख्या 91 तक पहुंच गई। इससे 100 गोल का लक्ष्य और ज्यादा सामने दिखने लगा, हालांकि स्रोत रिपोर्ट में सवाल यह नहीं था कि वह 100 गोल कब करेंगे या नहीं, बल्कि सवाल यह था कि वह यह आंकड़ा कब हासिल करेंगे।
केन के अगले रिकॉर्ड का रास्ता भी पहले से तय दिखाई दे रहा है। नवंबर में इंग्लैंड जब क्रोएशिया की मेजबानी करेगा, तब केन इंग्लैंड के लिए सबसे ज्यादा मैच खेलने का रिकॉर्ड तोड़ने वाले हैं। स्रोत रिपोर्ट का कहना था कि उस मौके पर वेम्बली वह जगह होगी, जहां उन्हें सबसे ज्यादा सम्मान और जश्न मिलेगा।
मैच शुरू होने से पहले ही केन की अहमियत साफ दिखाई दे रही थी। वेम्बली के अंदर मौजूद लोगों की बातचीत में उनका नाम था। बड़े स्क्रीन पर उनका चेहरा दिखाया गया और टीमों के नाम पढ़े जाने के दौरान उनकी तस्वीर शिल्टन के साथ दिखाई गई।
दर्शकों ने जोरदार शोर के साथ प्रतिक्रिया दी। 82वें मिनट में जब केन को सब्स्टीट्यूट किया गया, तब वेम्बली के दर्शकों ने उन्हें एक बार फिर जोरदार तालियों के साथ विदाई दी।
स्काई स्पोर्ट्स ने इस स्वागत को गर्मजोशी और सच्चे लगाव से भरा हुआ बताया। उसी रिपोर्ट में कहा गया कि यह रात याद दिलाती है कि इंग्लैंड के लिए केन अब भी कितने महत्वपूर्ण हैं। रिपोर्ट ने उन्हें 125 मैचों में 91 गोल करने वाला इंग्लैंड का संयुक्त रिकॉर्डधारी खिलाड़ी बताया।
केन का असर केवल गोल करने तक सीमित नहीं था। उन्होंने वह क्रॉस दिया, जिससे पहला गोल बना। दूसरे गोल की तैयारी में भी उनका योगदान रहा और इसके बाद पेनल्टी एरिया में जगह बनाकर उन्होंने खुद तीसरा गोल किया।
आईटीवी से बात करते हुए बेलींगहम ने कहा कि केन “हर मैच में असाधारण” रहते हैं। उन्होंने केन को “एक शानदार इंसान” बताया। बेलींगहम ने कहा कि कप्तान के तौर पर केन हर खिलाड़ी का ख्याल रखते हैं और मैदान के बाहर भी जिम्मेदारी स्वीकार करते हैं।
बेलींगहम ने यह भी कहा कि केन “इंग्लैंड की जर्सी पहनने वाले सबसे अच्छे खिलाड़ी” हैं। उन्होंने कहा कि केन के साथ खेलना सम्मान की बात है और केन जिस स्तर पर प्रदर्शन कर रहे हैं, उसे वह बेजोड़ मानते हैं।
मिडफील्डर की यह बात केवल केन के गोलों के बारे में नहीं थी। बेलींगहम ने कहा कि केन पीछे आकर खेल रहे थे, आगे की ओर पास दे रहे थे, टैकल कर रहे थे और लगातार बेहतर होते जा रहे थे।
इंग्लैंड के प्रदर्शन को लेकर केन का अपना आकलन भी काफी सकारात्मक था। उन्होंने कहा कि अपने लिए और टीम के लिए यह एक बिल्कुल सही रात थी। केन ने इससे पहले के कैंप को मुश्किल और लंबा बताया था, जिसमें कई कठिन मैच शामिल रहे थे।
उन्होंने इंग्लैंड के गेंद को आगे बढ़ाने और एक टच वाले फुटबॉल खेलने के तरीके की तारीफ की। दूसरे गोल के लिए मॉर्गन रोजर्स के पहले ही प्रयास में दिए गए क्रॉस का उन्होंने खास तौर पर जिक्र किया। केन ने कहा कि स्ट्राइकर के तौर पर इस तरह की गेंद देखकर उनके “मुंह में पानी आ जाता है”।
कूफाल के हस्तक्षेप से इंग्लैंड को बढ़त मिली
इंग्लैंड का पहला गोल कूफाल के लिए बने एक असहज पल से आया। उन्होंने केन के क्रॉस को अपने ही गोल में डाल दिया। दाईं ओर से केन की गेंद एक खतरनाक जगह में पहुंची और इससे चेकिया के डिफेंडर के सामने असमंजस की स्थिति बन गई।
कूफाल का मुंह अपने ही गोल की तरफ था और उनके पीछे एबेरेची एजे मौजूद थे। इंग्लैंड के विंगर उनसे बहुत करीब नहीं थे, लेकिन कूफाल गेंद तक पहुंचने के लिए खिंचे। वह अपनी रफ्तार को रोक नहीं सके और गेंद को जोर से अपने ही गोलकीपर के पार भेज दिया।
गार्डियन की रिपोर्ट में केन के क्रॉस को “अनिश्चितता वाले गलियारे” में पहुंचने वाली गेंद बताया गया। रिपोर्ट ने केन को असिस्ट का श्रेय भी दिया, क्योंकि उनकी गेंद से वह रक्षात्मक समस्या बनी, जिसके बाद खुद का गोल हो गया।
स्काई स्पोर्ट्स ने भी कहा कि केन के दो गोलों के अलावा इंग्लैंड का दूसरा गोल कूफाल का खुद का गोल था। कूफाल ने केन के क्रॉस को अपने ही नेट में भेज दिया। इस गोल से इंग्लैंड को बढ़त मिल गई, हालांकि इस मूव को खुद खत्म करने के लिए केन को गेंद पर आखिरी टच नहीं लगाना पड़ा। फिर भी गोल बनाने में उनकी भूमिका सबसे अहम थी।
यह पल इसलिए भी खास था क्योंकि कूफाल ने वेम्बली मैच में खेलने के लिए काफी मेहनत की थी। घुटने की समस्या के कारण वह स्पेन के खिलाफ चेकिया के मैच में नहीं खेल पाए थे। लेकिन वापसी के लिए उन्होंने प्लाज्मा इंजेक्शन समेत गहन इलाज कराया और फिर ट्रेनिंग शुरू की।
मैच से पहले कूफाल ने कहा था कि उनके घुटने की हालत बेहतर हो रही है। उन्होंने यह भी बताया था कि स्पेन में खेलना उनका निजी लक्ष्य था, लेकिन मेडिकल फैसला जोखिम नहीं लेने का था। उन्होंने कहा कि स्पेन के मैच के बाद उन्होंने ट्रेनिंग की और वेम्बली में टीम के साथ भी अभ्यास किया।
मैच से पहले की उनकी बातों से साफ था कि वह नहीं चाहते थे कि चेकिया को इंग्लैंड के खिलाफ क्रोएशिया जैसी बड़ी हार झेलनी पड़े। कूफाल ने कहा था कि चेकिया डरा हुआ नहीं है। साथ ही उन्होंने इंग्लैंड की गुणवत्ता को स्वीकार किया और क्रोएशिया के खिलाफ इंग्लैंड की 7-0 की जीत को शानदार बताया था।
उन्होंने कहा था कि उन्होंने यह नतीजा लाइवस्पोर्ट पर देखा और शुरुआत में उन्हें लगा कि कोई गलती हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि चेकिया क्रोएशिया की तरह नहीं खेलना चाहता और वह ऐसा मैच “किसी भी हालत में” नहीं होने देना चाहता।
इसके बजाय कूफाल की वापसी का अंत इंग्लैंड के पहले गोल में उनकी भूमिका के साथ हुआ। उन्होंने केन के क्रॉस को अपने ही गोलकीपर के पार भेज दिया। स्रोत रिपोर्टों में इस पल को कूफाल की जानबूझकर की गई कार्रवाई नहीं बताया गया। रिपोर्टों में कहा गया कि वह गेंद तक पहुंचने के लिए खिंचे, अपनी रफ्तार नहीं रोक पाए और गेंद को अपने ही गोल में पहुंचा दिया।
चेकिया वेम्बली में कूफाल के लिए एक निजी जुड़ाव भी लेकर आया था। वेस्ट हैम के इस पूर्व डिफेंडर ने लंदन में कई साल बिताए थे और कहा था कि उन्हें इंग्लैंड से गहरा लगाव है।
उन्होंने वेम्बली को इंग्लिश फुटबॉल का प्रतीक बताया था। उन्होंने वहां चेकिया की ऐतिहासिक सफलता की अहमियत का भी जिक्र किया था, जिसमें यूरो 96 के फाइनल तक पहुंचना शामिल था। उन्होंने कहा था कि चेकिया को उम्मीद है कि वहां मौजूद दर्शकों के सामने वह इंग्लैंड के लिए परेशानी खड़ी कर सकेगा।
कूफाल वेम्बली में पहले भी दो बार खेल चुके थे और उन्होंने इसे सम्मान की बात बताया था। उन्होंने कहा था कि लंबे समय बाद इस स्टेडियम में लौटना घर वापस आने जैसा महसूस होता है। वह खास तौर पर अपने साथियों के साथ वहां रहना चाहते थे।
इंग्लैंड की फुटबॉल में बिताए समय के कारण कूफाल इंग्लैंड की टीम के कई खिलाड़ियों को भी जानते थे। उन्होंने इस मैच के लिए वापसी को अपना एक छोटा निजी लक्ष्य बताया था और कहा था कि वह आम तौर पर इंग्लैंड में बहुत खुश हैं।
हाफ टाइम से पहले केन ने किया गोल
इंग्लैंड का दूसरा गोल ब्रेक से पहले आया और इसे केन ने किया। इस मूव की शुरुआत एंडरसन की ओर से अंदर की तरफ दाईं ओर भेजी गई ऊंची गेंद से हुई। गार्डियन की रिपोर्ट ने इस गेंद को शानदार बताया।
इसके बाद रोजर्स ने हाफ वॉली पर पहली ही कोशिश में क्रॉस दिया। गेंद बीच में केन की तरफ आई। इंग्लैंड के कप्तान को वहां बिना किसी खिलाड़ी के छोड़ा गया था।
हॉर्निचेक के पास इस फिनिश को रोकने का कोई मौका नहीं था। स्काई स्पोर्ट्स ने इस गोल को आसान लेकिन केन के अंदाज का गोल बताया। स्ट्राइकर का सही समय पर पहुंचना और रोजर्स के क्रॉस को पढ़ना इस मौके को गोल में बदलने के लिए काफी था।
पहले हाफ में हुए इस गोल के कारण इस मूव की तैयारी मुख्य कहानी नहीं बन सकी। स्कोर करने वाले खिलाड़ी की पहचान ने यह पक्का कर दिया कि पहले से ही उनके रिकॉर्ड मैच पर केंद्रित मुकाबले में केन ही सबसे बड़ी चर्चा बने रहें।
इससे पहले बेलींगहम के पास मिलने के बाद एंडरसन को 2-0 करने का मौका मिला था। इस हमले की शुरुआत केन ने की थी और अलेक्जेंडर-अर्नोल्ड के क्रॉस ने इसे आगे बढ़ाया था, लेकिन एंडरसन इस मौके को गोल में नहीं बदल सके।
25वें मिनट में बेलींगहम के पास मिलने के बाद रोजर्स को भी एक मौका मिला था। चेल्सी के इस अटैकर ने उस मौके को गंवा दिया, लेकिन बाद में उन्होंने वही क्रॉस दिया, जिससे केन गोल कर सके।
यह क्रम इंग्लैंड के हमले के एक बड़े तरीके को दिखाता है। बेलींगहम लगातार ऐसे पास दे रहे थे, जिनसे इंग्लैंड खतरनाक जगहों पर पहुंच रहा था। अलेक्जेंडर-अर्नोल्ड और एंडरसन भी आगे की जगहों से गेंदें देने में मदद कर रहे थे।
केन का पीछे आकर खेल से जुड़ना भी इंग्लैंड की रणनीति का हिस्सा था। बेलींगहम ने कहा कि केन गोल और टैकल करने के साथ-साथ पीछे से आगे की ओर पास भी दे रहे थे और कप्तान की जिम्मेदारी निभा रहे थे।
दूसरे गोल ने केन को ऐसे मूव का इनाम दिया, जिसमें गेंद की गुणवत्ता फिनिश जितनी ही महत्वपूर्ण थी। केन ने कहा कि रोजर्स का क्रॉस स्ट्राइकर के लिए जितना अच्छा हो सकता है, उतना ही अच्छा था। रिपोर्ट में भी कहा गया कि गोल करने से पहले केन बिना किसी मार्कर के मौजूद थे।
बेलींगहम और अलेक्जेंडर-अर्नोल्ड ने इंग्लैंड को आगे बढ़ाया
ट्यूशेल ने अलेक्जेंडर-अर्नोल्ड को राइट-बैक की जगह वापस टीम में लिया था। इंग्लैंड की गेंद को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया में उनकी भूमिका प्रमुख रही। वह बार-बार आगे और अंदर की तरफ बढ़े। दाईं ओर से हमलों पर असर डालते हुए वह कई बार काफी आगे की जगहों तक पहुंचे।
पहले हाफ में एक मौके पर एंडरसन से पास मिलने के बाद वह नंबर 9 की जगह तक तेजी से पहुंच गए। उस समय वह गेंद को अपने नियंत्रण में नहीं रख सके, लेकिन उनकी यह दौड़ दिखाती थी कि वह कितनी आगे की स्थिति में खेल रहे थे।
मैच की शुरुआत में ही अलेक्जेंडर-अर्नोल्ड ने तेज घुमाकर लिए गए फ्री-किक से हॉर्निचेक की परीक्षा ली थी। स्काई स्पोर्ट्स ने कहा कि वह शानदार फ्री-किक से गोल कर सकते थे। रिपोर्ट ने राइट-बैक की जगह पर उनके प्रदर्शन को एक और प्रभावशाली प्रदर्शन बताया।
पहले गोल की तैयारी में उनकी भूमिका से उनका असर और साफ हुआ। बाद में स्काई स्पोर्ट्स ने कहा कि अलेक्जेंडर-अर्नोल्ड और लुईस हॉल ने बहुत अच्छे कैंप बिताए। यह उस समय हुआ जब सवाल उठाए जा रहे थे कि क्या दोनों खिलाड़ी इस स्तर पर खेलने के लिए सही हैं।
बेलींगहम भी इंग्लैंड के बेहतरीन खिलाड़ियों में शामिल रहे। गार्डियन की रिपोर्ट ने उनके प्रदर्शन को शानदार बताया। रिपोर्ट में उनके तेज पास, आगे की ओर दौड़ और इंग्लैंड को गोल करने के करीब दिखाने की क्षमता का जिक्र किया गया।
25वें मिनट में रोजर्स को दिया गया उनका पास एक मौका बनाने वाला था। एंडरसन को 2-0 करने का मौका भी बेलींगहम के ले-ऑफ से मिला था।
दूसरे हाफ में भी बेलींगहम की भूमिका रही। हॉर्निचेक ने मिडफील्डर की ओर से लगाए गए एक साहसी फ्लिक को रोक लिया। इसके बाद लुईस हॉल ने कॉर्नर लिया, जिससे केन का दूसरा गोल बना।
स्काई स्पोर्ट्स ने बेलींगहम का थोड़ा संयमित आकलन किया। रिपोर्ट में कहा गया कि वह कुछ थके हुए दिखाई दे रहे थे। हालांकि, इसी व्यापक आकलन में यह भी कहा गया कि अंतरराष्ट्रीय विंडो के दौरान उन खिलाड़ियों की सुर्खियां फिर से सकारात्मक हो गई थीं, जिनकी चर्चा पहले अलग तरीके से हो रही थी।
केन के बारे में बेलींगहम की सार्वजनिक टिप्पणियों से टीम के अंदर कप्तान की अहमियत भी दिखाई दी। उन्होंने कहा कि केन हर खिलाड़ी का ख्याल रखते हैं और जिम्मेदारी लेते हैं। उन्होंने केन को इंग्लैंड का सबसे अच्छा खिलाड़ी और अपनी पीढ़ी का सबसे अच्छा गोलस्कोरर भी बताया।
बेलींगहम के पास और केन की मूवमेंट के मेल से इंग्लैंड को आखिरी तिहाई में पहुंचने का भरोसेमंद रास्ता मिला। स्रोत रिपोर्टों में बताया गया कि इंग्लैंड ने तेज पास, आगे की ओर दौड़ और पेनल्टी एरिया में अच्छी गेंदें पहुंचाकर खतरनाक जगहें बनाईं।
ब्रेक के बाद केन ने तीसरा गोल जोड़ा
हाफ टाइम से पहले गोल करने के बाद भी केन और गोल चाहते थे। ब्रेक के तुरंत बाद उन्होंने पेनल्टी एरिया के किनारे से शॉट लिया। गेंद क्रॉसबार के ऊपरी हिस्से को छूती हुई निकल गई।
हॉर्निचेक उस शॉट से पार हो चुके थे, लेकिन गेंद गोल में नहीं गई। हालांकि, केन को अगले मौके के लिए ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ा।
हॉर्निचेक ने बेलींगहम के फ्लिक को रोक लिया था। इसके बाद लुईस हॉल ने कॉर्नर लिया। हॉल को लेफ्ट-बैक की जगह पर प्रभावशाली बताया गया था। केन ने गोल के सामने जगह बना ली और जिरी स्लामा ने उन्हें बहुत ज्यादा जगह दे दी।
केन क्रॉस तक पहुंचने के लिए ऊपर उठे। उनके हेडर में इतनी ताकत थी कि हॉर्निचेक उसे रोक नहीं सके। इस तरह केन ने रात का अपना दूसरा गोल किया और अपना डबल पूरा किया।
स्काई स्पोर्ट्स ने इस फिनिश को बैक पोस्ट पर करीब से किया गया ताकतवर हेडर बताया। रिपोर्ट के अनुसार, केन ने अपनी ताकत का इस्तेमाल करके मार्कर को पीछे छोड़ा। गार्डियन की रिपोर्ट ने भी कहा कि इस हेडर में हॉर्निचेक को हराने के लिए बहुत ज्यादा ताकत थी।
इस गोल के साथ वह रात पूरी हुई, जिसमें केन ने दो गोल किए और एक दूसरे गोल को बनाने में मदद की। स्काई स्पोर्ट्स ने उनके योगदान को इस तरह बताया, “दो गोल किए, दूसरा गोल बनवाया।” यह सब उस शाम हुआ, जो उनके रिकॉर्ड मैच के नाम थी।
रिपोर्ट ने केन के दोनों गोलों को आसान लेकिन उनके सामान्य अंदाज का बताया। पहला गोल रोजर्स के क्रॉस को पढ़ने और सही समय पर दौड़ लगाने से आया। दूसरा गोल बैक पोस्ट पर उनकी ताकत और सही जगह पर मौजूद रहने से बना।
केन का दूसरा गोल यह भी दिखाता है कि इंग्लैंड की सेट-पीस गेंदों ने प्रदर्शन में योगदान दिया। हॉल ने कॉर्नर दिया। केन ने उस गेंद को गोल में बदलने के लिए जरूरी मूवमेंट और ताकत दिखाई।
इस गोल के बाद इंग्लैंड का पूरा नियंत्रण हो गया। गार्डियन की रिपोर्ट में कहा गया कि दूसरे हाफ में इंग्लैंड चेकिया के साथ खेल रहा था। एजे ने अपनी कई तरह की खूबियां दिखाईं और केन ने निर्णायक असर डालने वाला प्रदर्शन किया।
मैच आगे बढ़ने के साथ एजे को ज्यादा आजादी मिली। स्काई स्पोर्ट्स ने कहा कि दूसरे हाफ में उनका आत्मविश्वास बढ़ा। इस दौरान वह सेंटर मिडफील्ड की तरफ भी गए।
स्रोत रिपोर्टों में केन के दूसरे गोल के बाद चेकिया की ओर से किसी लगातार और मजबूत जवाब का जिक्र नहीं है। गार्डियन ने कहा कि चेकिया मुकाबले में कभी मौजूद ही नहीं दिखा। स्काई स्पोर्ट्स ने विपक्षी टीम को डरपोक बताया और इंग्लैंड के प्रदर्शन को हावी रहने वाला कहा।
एक येलो कार्ड ट्यूशेल की एकमात्र परेशानी बना
इंग्लैंड का नियंत्रण होने के बावजूद एक अनुशासन से जुड़ी बात ने ट्यूशेल को परेशान किया। 53वें मिनट में लुईस-स्केली को पावेल सुल्च को पीछे खींचने के लिए येलो कार्ड दिखाया गया।
अब यह मिडफील्डर इंग्लैंड के अगले मैच में नहीं खेल पाएगा। गार्डियन की रिपोर्ट ने इस कार्ड को ट्यूशेल के लिए छोटी परेशानी बताया। रिपोर्ट में कहा गया कि लुईस-स्केली के लिए यह फैसला लेना अच्छा विचार नहीं था।
इसके कुछ ही समय बाद लुईस-स्केली ने एक और बेवजह का जोखिम लिया। चेकिया के खिलाड़ी ने रोजर्स को फाउल किया था और उसे येलो कार्ड दिखाया गया था। इसके तुरंत बाद लुईस-स्केली उसके चेहरे के काफी करीब चले गए। रिपोर्ट ने इस टकराव को इंग्लैंड के मिडफील्डर के लिए टाली जा सकने वाली परेशानी बताया।
अनुशासन से जुड़ी इस चिंता के बावजूद स्काई स्पोर्ट्स ने लुईस-स्केली के कुल योगदान को सकारात्मक माना। रिपोर्ट में कहा गया कि आगे की ओर पास देने में वह साफ और सटीक रहे।
उनका निलंबन इंग्लैंड के अगले मैच पर असर डालेगा। हालांकि, स्रोत रिपोर्टों में यह नहीं बताया गया कि वह किस मुकाबले में नहीं खेलेंगे। रिपोर्ट में तत्काल असर यही बताया गया है कि वह इंग्लैंड के अगले मैच के लिए उपलब्ध नहीं होंगे।
यह उन कुछ मौकों में से एक था, जब इंग्लैंड ने अपने लिए खुद समस्या खड़ी की। मैच की रिपोर्टों में मुख्य बात यही बनी रही कि चेकिया को इंग्लैंड के खिलाफ मुकाबला करने में काफी मुश्किल हुई।
आसान जीत से इंग्लैंड की स्थिति मजबूत हुई
इस जीत से इंग्लैंड का नेशंस लीग के क्वार्टर फाइनल में पहुंचना लगभग पक्का हो गया। स्काई स्पोर्ट्स ने कहा कि लंबे अंतरराष्ट्रीय ब्रेक के दौरान इंग्लैंड के बेहतर होते जाने के बाद क्वालिफिकेशन लगभग तय है।
इस नतीजे से इंग्लैंड की अंतरराष्ट्रीय विंडो का अंत भी सकारात्मक तरीके से हुआ। गार्डियन की रिपोर्ट में कहा गया कि टीम ने काफी उम्मीद के साथ यह चरण खत्म किया। टीम का एक बड़ा लक्ष्य था कि अर्जेंटीना के खिलाफ विश्व कप सेमीफाइनल में प्रदर्शन और नतीजे से दूरी बनाई जाए।
स्काई स्पोर्ट्स ने उस हार को इंग्लैंड के हाल के हमलावर रिकॉर्ड के संदर्भ में रखा। इंग्लैंड ने अपने पिछले 12 प्रतिस्पर्धी मैचों में प्रति मैच औसतन 2.85 गोल किए थे। इनमें से 10 मैचों में उसने दो या उससे ज्यादा गोल किए थे।
इस क्रम में केवल अर्जेंटीना के खिलाफ विश्व कप सेमीफाइनल ऐसा मैच था, जिसमें इंग्लैंड ने दो या उससे ज्यादा गोल नहीं किए। स्काई स्पोर्ट्स ने कहा कि नेशंस लीग में इंग्लैंड की ओर से आए अलग-अलग स्कोर के बावजूद यह मैच ट्यूशेल को अब भी परेशान करता रहा।
गार्डियन ने भी कहा कि सेमीफाइनल की हार से आगे बढ़ने का लक्ष्य पूरा हो गया है। स्काई स्पोर्ट्स ने विश्व कप के बाद के समय को इंग्लैंड के लिए काफी हौसला बढ़ाने वाले प्रदर्शनों का दौर बताया। रिपोर्ट के अनुसार, इससे ट्यूशेल के नेतृत्व में इंग्लैंड के समर्थकों में फिर से उम्मीद पैदा होगी।
स्रोतों ने मौजूदा प्रगति को इंग्लैंड के भविष्य के यूरोपीय चैंपियनशिप लक्ष्य से भी जोड़ा। स्काई स्पोर्ट्स ने कहा कि 2028 में होने वाली घरेलू यूरोपीय चैंपियनशिप में वापसी की सारी राहें जाती हैं। रिपोर्ट ने यह भी बताया कि फाइनल वेम्बली में होगा।
उसी रिपोर्ट में कहा गया कि इंग्लैंड का ताजा प्रदर्शन अगले यूरोपीय चैंपियनशिप से पहले समर्थकों को उत्साहित करना चाहिए। रिपोर्ट ने टीम को असली दावेदार जैसी भी बताया, हालांकि यह भी कहा कि चेकिया डरपोक रहा।
ट्यूशेल के नेतृत्व में इंग्लैंड का निचली रैंकिंग वाली टीमों के खिलाफ रिकॉर्ड भी इस प्रदर्शन को समझने में मदद करता है। दुनिया की शीर्ष 20 टीमों से बाहर रहने वाली टीमों के खिलाफ इंग्लैंड ने 16 मैच खेले हैं। इनमें उसने 15 जीते और एक ड्रॉ किया। यह ड्रॉ विश्व कप में घाना के खिलाफ था।
इन मैचों में इंग्लैंड ने केवल एक गोल खाया है। वह गोल विश्व कप में कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य के खिलाफ आया था। चेकिया की रैंकिंग 50 थी। स्रोत रिपोर्ट ने वेम्बली के प्रदर्शन को इसी सिलसिले में रखा, जिसमें इंग्लैंड दुनिया की सबसे ऊंची श्रेणी से नीचे की टीमों को संभालता आया है।
यही वजह है कि यह नतीजा केन के निजी रिकॉर्ड से आगे भी महत्वपूर्ण था। इंग्लैंड केवल नेशंस लीग के क्वार्टर फाइनल के और करीब नहीं पहुंचा। उसने दुनिया की शीर्ष 20 से बाहर की टीमों के खिलाफ भरोसेमंद प्रदर्शन के अपने सिलसिले में एक और जीत भी दर्ज की।
चार मैचों से टीम को लेकर तस्वीर और साफ हुई
अंतरराष्ट्रीय सीरीज के सभी चार मैचों में शुरुआत करने वाले इंग्लैंड के केवल तीन खिलाड़ी थे। इनमें केन, मैनचेस्टर सिटी के मार्क गुएही और इलियट एंडरसन शामिल थे।
इस व्यस्त कार्यक्रम से इन खिलाड़ियों पर पड़ने वाले काम के बोझ को लेकर सवाल उठे। स्रोत रिपोर्ट में पूछा गया कि क्या मैनचेस्टर सिटी के मैनेजर एंजो मारेस्का इन खिलाड़ियों के इतने ज्यादा शामिल होने से खुश होंगे। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि केन हमेशा खेलना चाहते हैं।
हर मैच में खेलने की केन की इच्छा पर वेम्बली में कैप्स रिकॉर्ड तक पहुंचने का मौका भी असर डाल सकता था। रिपोर्ट ने इसे एक संभावित वजह के तौर पर रखा। साथ ही इसमें यह भी कहा गया कि केन का खेलने का मन हमेशा बना रहता है।
चार मैचों वाली इस विंडो से ट्यूशेल को कई पोजीशन के बारे में जानकारी मिली। स्काई स्पोर्ट्स ने कहा कि इस असामान्य अंतरराष्ट्रीय दौर से ट्यूशेल ने काफी कुछ सीखा होगा। कई खिलाड़ियों ने प्रभावित किया।
अलेक्जेंडर-अर्नोल्ड और हॉल के प्रदर्शन को खास तौर पर सामने रखा गया। स्काई स्पोर्ट्स ने कहा कि दोनों ने बहुत अच्छे कैंप बिताए। यह ऐसे समय में हुआ, जब इस स्तर पर खेलने की उनकी क्षमता पर सवाल उठाए गए थे।
रिपोर्ट ने इंग्लैंड की कुछ पोजीशन को लेकर बढ़ती स्पष्टता का भी जिक्र किया। इसमें सवाल किया गया कि इंग्लैंड के पास आखिरी बार कब दो ऐसे राइट-बैक थे, जो अपनी जगह के स्वाभाविक और तय खिलाड़ी हों। यह सवाल अलेक्जेंडर-अर्नोल्ड के फॉर्म के संदर्भ में उठाया गया।
एंडरसन, लुईस-स्केली और स्कॉट को मिडफील्ड में गहराई जोड़ने का श्रेय दिया गया। चेकिया के खिलाफ हमले की तैयारी में एंडरसन भी शामिल रहे। लुईस-स्केली ने निलंबन तय होने से पहले आगे की ओर दिए गए पासों से योगदान दिया।
बेलींगहम का फॉर्म भी एक सकारात्मक बात रहा। स्काई स्पोर्ट्स ने कहा कि उनके बारे में आने वाली सुर्खियां फिर से सकारात्मक हो गई हैं। वहीं, गार्डियन की रिपोर्ट ने चेकिया के खिलाफ उनके प्रदर्शन को शानदार बताया।
इसलिए अंतरराष्ट्रीय विंडो केवल केन के एक प्रदर्शन तक सीमित नहीं रही। इससे ट्यूशेल को इंग्लैंड के पास मौजूद गहराई और उन खिलाड़ियों के बारे में और सबूत मिले, जो मौका मिलने पर योगदान दे सकते हैं।
केन ने कहा कि टीम में जगह के लिए मुकाबला इस बात पर निर्भर करता है कि खिलाड़ियों को खेलने का मौका मिलने पर वे उसका इस्तेमाल कैसे करते हैं। उन्होंने कहा कि टीम दिखा रही है कि हर खिलाड़ी शामिल होना चाहता है। उनके अनुसार, यह मुकाबला इंग्लैंड को बेहतर बनाएगा।
यह आकलन अंतरराष्ट्रीय विंडो की व्यापक तस्वीर से भी मेल खाता था। स्काई स्पोर्ट्स ने कहा कि ट्यूशेल ने बहुत कुछ सीखा। कई खिलाड़ियों ने प्रभावित किया और मैचों के आगे बढ़ने के साथ इंग्लैंड बेहतर होता गया।
वेम्बली में चेकिया की चुनौती बड़ी हार के साथ खत्म हुई
मैच से पहले चेकिया की उम्मीद थी कि वह इंग्लैंड के खिलाफ क्रोएशिया जैसी बड़ी गिरावट से बच जाएगा। कूफाल ने जोर देकर कहा था कि उनकी टीम में इस चुनौती का सामना करने की मानसिक ताकत है। उन्होंने कहा था कि वे इंग्लैंड की गुणवत्ता का सम्मान करते हैं, लेकिन डरे हुए नहीं हैं।
मैच खत्म होने के बाद की रिपोर्ट ने बिल्कुल अलग तस्वीर पेश की। गार्डियन ने कहा कि चेकिया मुकाबले में कभी था ही नहीं। स्काई स्पोर्ट्स ने विपक्षी टीम को डरपोक बताया।
इंग्लैंड का नियंत्रण अपने गोल, केन के हाफ टाइम से पहले किए गए गोल और ब्रेक के बाद केन के हेडर से बना। चेकिया इंग्लैंड के कप्तान को इन तीनों निर्णायक पलों में असर डालने से नहीं रोक सका।
इस तरह कूफाल की वेम्बली वापसी का अंत मुश्किल नतीजे के साथ हुआ। उन्होंने टीम में शामिल होने के लिए इलाज कराया था, स्टेडियम में टीम के साथ ट्रेनिंग की थी और वहां अपने साथियों का नेतृत्व करने की अहमियत की बात की थी।
उनकी नेतृत्व वाली भूमिका भी मैच से पहले की चर्चा का हिस्सा थी। लादिस्लाव क्रेजची के निलंबन के कारण उपलब्ध नहीं होने पर कूफाल को टीम के साथ आए खिलाड़ियों में सबसे अनुभवी बताया गया था। उन्हें कप्तानी के लिए स्वाभाविक उम्मीदवार भी माना गया था।
कूफाल ने इस सवाल पर ज्यादा विस्तार से टिप्पणी करने से इनकार किया था कि उन्हें कप्तान बनाया जाएगा या नहीं। उन्होंने कहा था कि अगर कोच उन्हें चुनेगा, तो यह बहुत बड़ा सम्मान होगा और वह टीम का नेतृत्व करेंगे। साथ ही उन्होंने कहा था कि अगर उनका चयन नहीं होता, तो भी कुछ नहीं होगा।
स्रोत सामग्री यह नहीं बताती कि मैच के दौरान कूफाल ने कप्तानी की पट्टी पहनी थी या नहीं। इसमें इतना जरूर कहा गया है कि उनकी टीम को इंग्लैंड के खिलाफ संघर्ष करना पड़ा और स्कोरिंग की शुरुआत करने वाले अपने गोल में उनकी भूमिका रही।
इसलिए मैच का नतीजा कूफाल के मुकाबले से पहले जताए गए भरोसे से बिल्कुल अलग रहा। वह चाहते थे कि वेम्बली के दर्शकों के सामने चेकिया इंग्लैंड को परेशान करे, लेकिन रिपोर्टों में ऐसे इंग्लैंड के प्रदर्शन का जिक्र है, जिसमें मेहमान टीम मुकाबला नहीं कर सकी।
इंग्लैंड के अगले रिकॉर्ड का मंच भी वेम्बली
केन का अगला कैप रिकॉर्ड नवंबर में इंग्लैंड के क्रोएशिया की मेजबानी करने के दौरान बनने की उम्मीद है। गार्डियन की रिपोर्ट ने कहा कि शिल्टन के मैचों का रिकॉर्ड तोड़ने के बाद वह मुकाबला वह रात होगी, जब केन को असली तौर पर सम्मान दिया जाएगा।
केन की इच्छा थी कि वह यह रिकॉर्ड वेम्बली में हासिल करें, न कि मैड्रिड में स्पेन के खिलाफ। स्रोत रिपोर्ट के अनुसार, इंग्लैंड का अगला मैच छोड़कर उसके बाद वाला मैच मैड्रिड में होगा।
स्काई स्पोर्ट्स ने मैड्रिड के मैच को इंग्लैंड के विकास को परखने वाला एक और महत्वपूर्ण मुकाबला बताया। रिपोर्ट में कहा गया कि नेशंस लीग के क्वार्टर फाइनल के लिए क्वालिफिकेशन लगभग तय है। मैड्रिड का मुकाबला इंग्लैंड के लिए एक और निर्णायक परीक्षा हो सकता है।
125वें मैच में केन को मिले स्वागत के कारण वेम्बली उनके लिए खास महत्व रखता है। मैच शुरू होने से पहले उन्हें शिल्टन के साथ सम्मान दिया गया। बाद में मैदान से बाहर जाते समय उन्हें खड़े होकर तालियां बजाने वाले दर्शकों का स्वागत मिला।
स्काई स्पोर्ट्स ने इस पल को “125, अभी नाबाद” वाक्य के साथ दर्ज किया। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि केन का सब्स्टीट्यूट होना उस शाम वेम्बली के दर्शकों के साथ उनका खास पल था। यह एक और बेहद प्रभावशाली प्रदर्शन के बाद हुआ।
अब केन की इंग्लैंड की कहानी में ये आंकड़े सबसे आगे हैं। उनके नाम 125 मैच और 91 गोल हैं। शिल्टन के साथ साझा किया गया सबसे ज्यादा मैच खेलने का रिकॉर्ड अगले पड़ाव तक पहुंचने तक उनके नाम बना हुआ है।
लेकिन चेकिया के खिलाफ मैच ने दिखाया कि इन आंकड़ों के पीछे केवल भावनाएं नहीं हैं। केन ने पहला गोल बनवाया, दो गोल किए, हमले को जोड़कर रखा और 82वें मिनट में बाहर किए जाने तक प्रभाव बनाए रखा।
बेलींगहम ने कहा कि केन अब भी बेहतर हो रहे हैं। इस मैच की रिपोर्ट ने उन खूबियों का एक और उदाहरण दिया, जिनका बेलींगहम ने जिक्र किया था। इनमें गोल, पास, मूवमेंट, ताकत और जिम्मेदारी शामिल हैं।
इंग्लैंड की जीत ने ट्यूशेल को ऐसा नतीजा भी दिया, जिसने उनके कार्यकाल को लेकर बन रही उम्मीदों को मजबूत किया। स्काई स्पोर्ट्स ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कैंप के बाद ट्यूशेल को और प्रोत्साहन मिला है। हालांकि, रिपोर्ट ने इस नतीजे को पूरी तरह वापसी या पूरी भरपाई नहीं बताया।
बड़ा लक्ष्य अब भी 2028 की घरेलू यूरोपीय चैंपियनशिप है। फाइनल वेम्बली में होना तय है। यही वह स्टेडियम है, जहां केन की रिकॉर्ड वाली रात ने इंग्लैंड के समर्थकों को उम्मीद की एक और वजह दी।
फिलहाल तुरंत हासिल हुई उपलब्धि साफ है। इंग्लैंड नेशंस लीग के क्वार्टर फाइनल के करीब पहुंच गया है। टीम ने इस विंडो का अंत मजबूत प्रदर्शन के साथ किया है। दुनिया की शीर्ष 20 से बाहर की टीमों के खिलाफ दबदबे वाले प्रदर्शनों का उसका सिलसिला भी जारी है।
केन ने इस रात के सबसे अहम पल दिए। अपने 125वें मैच की रात उन्होंने पहला गोल बनवाया, अगले दो गोल खुद किए और वेम्बली से इंग्लैंड के लिए अपने लगातार बढ़ते रिकॉर्ड के साथ बाहर आए।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
हैरी केन ने चेकिया के खिलाफ कितने गोल किए?
हैरी केन ने चेकिया के खिलाफ दो गोल किए।
इंग्लैंड ने चेकिया को कैसे हराया?
इंग्लैंड ने चेकिया को आसानी से हराया और मैच पर अपना नियंत्रण बनाए रखा।
125वें मैच के बाद हैरी केन ने कौन सा रिकॉर्ड बराबर किया?
125वें मैच के बाद केन इंग्लैंड के लिए सबसे ज्यादा मैच खेलने के रिकॉर्ड में पीटर शिल्टन के बराबर पहुंच गए।
चेकिया के खिलाफ दो गोल के बाद केन के अंतरराष्ट्रीय गोल कितने हो गए?
दो गोल के बाद इंग्लैंड के लिए केन के गोलों की संख्या 91 हो गई।
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