आईटीसी मराठा का 'लेफ्टओवर डिस्क्लेमर' सोशल मीडिया पर वायरल
आईटीसी मराठा का 'लेफ्टओवर डिस्क्लेमर' वायरल, खाने की सुरक्षा और जिम्मेदारी पर बहस मुंबई के आईटीसी मराठा होटल में एक डिस्क्लेमर की फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है।
मुंबई के आईटीसी मराठा होटल में एक डिस्क्लेमर की फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। इसने होटल इंडस्ट्री में खाने की सुरक्षा और जिम्मेदारी को लेकर बहस छेड़ दी है। होटल में बचे हुए खाने को पैक करवाने से पहले मेहमानों से एक अंडरटेकिंग पर साइन करवाया जाता है। इसमें लिखा होता है कि वे खाना दो घंटे के अंदर खा लेंगे या फेंक देंगे। साथ ही, होटल किसी भी समस्या के लिए जिम्मेदार नहीं होगा जो खाना ले जाने के बाद हो सकती है।
होटल ने इसे सुरक्षा के लिए जरूरी बताया
आईटीसी मराठा ने सफाई देते हुए कहा कि यह डिस्क्लेमर मेहमानों को खाने की सुरक्षा से जुड़े संभावित जोखिमों के बारे में जागरूक करने के लिए है। होटल के जनरल मैनेजर भगवान बलानी ने कहा, "हमारे मेहमानों की सुरक्षा और भलाई हमारी पहली प्राथमिकता है।" उन्होंने समझाया कि होटल इस बात को नियंत्रित नहीं कर सकता कि खाना ले जाने के बाद कैसे रखा या संभाला जाएगा।
हालांकि डिस्क्लेमर खुद को "लीगल डॉक्यूमेंट" कहता है, लेकिन यह असल में मेहमानों को सुरक्षित खाने की आदतें अपनाने के लिए जागरूक करने की कोशिश है। यह पॉलिसी होटल इंडस्ट्री में एक बड़े ट्रेंड को दिखाती है। होटल इंडस्ट्री के विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी प्रक्रियाएं पहले से ही कई जगहों पर लागू हैं ताकि होटल कानूनी जिम्मेदारी से बच सकें।
सिर्फ आईटीसी मराठा तक सीमित नहीं
हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री के जानकारों ने बताया कि ऐसे डिस्क्लेमर लग्ज़री और फाइन-डाइनिंग रेस्टोरेंट्स में आम बात हैं। मुंबई के एक लेखक ने बताया कि उन्होंने तीन साल पहले फोर्ट इलाके के एक फाइन-डाइनिंग रेस्टोरेंट में ऐसा ही अंडरटेकिंग साइन किया था। एक अन्य लग्ज़री होटल चेन के प्रोफेशनल ने कहा कि उनके होटल में साइन करवाने की जरूरत तो नहीं होती, लेकिन वे भी सेफ्टी कारणों से खाना पैक करवाने से हतोत्साहित करते हैं।
क्यों है चर्चा में?
वायरल पोस्ट पर लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। कुछ इसे "मजेदार और अजीब" कह रहे हैं, तो कुछ इसे जरूरी कदम मान रहे हैं। यह डिस्क्लेमर दिखाता है कि होटल कैसे मेहमानों की संतुष्टि, खाने की सुरक्षा और कानूनी जिम्मेदारी के बीच संतुलन बना रहे हैं।
जैसे-जैसे खाने की सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ रही है, ऐसी पॉलिसी भारत के लग्ज़री डाइनिंग सेक्टर में और भी ज्यादा देखने को मिल सकती हैं। यह घटना दिखाती है कि कैसे मेहमानों की पसंद और कानूनी पहलुओं के बीच तालमेल बिठाने की कोशिशें हो रही हैं।
स्रोत: Indian Express
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
आईटीसी मराठा होटल में लेफ्टओवर खाना पैक करवाते समय क्या करना पड़ता है?
मेहमानों को एक अंडरटेकिंग पर साइन करना पड़ता है जिसमें लिखा होता है कि वे खाना दो घंटे के अंदर खा लेंगे या फेंक देंगे। साथ ही होटल खाना ले जाने के बाद होने वाली किसी भी समस्या के लिए जिम्मेदार नहीं होगा।
होटल ने यह डिस्क्लेमर क्यों जरूरी बताया है?
आईटीसी मराठा का कहना है कि यह डिस्क्लेमर मेहमानों को खाने की सुरक्षा से जुड़े संभावित जोखिमों के बारे में जागरूक करने के लिए है। होटल इस बात को नियंत्रित नहीं कर सकता कि खाना ले जाने के बाद कैसे रखा या संभाला जाएगा।
क्या यह पॉलिसी सिर्फ आईटीसी मराठा में है?
नहीं, ऐसे डिस्क्लेमर लग्ज़री और फाइन-डाइनिंग रेस्टोरेंट्स में आम बात हैं। मुंबई के विभिन्न होटलों में तीन साल पहले से ही ऐसी प्रक्रियाएं लागू हैं।
लोगों ने इस डिस्क्लेमर के बारे में क्या कहा है?
वायरल पोस्ट पर लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं आई हैं। कुछ इसे 'मजेदार और अजीब' कह रहे हैं, तो कुछ इसे खाने की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम मान रहे हैं।
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