इसरो वैज्ञानिकों ने लखनऊ के स्कूल में 500 छात्रों को सिखाया अंतरिक्ष की बातें
लखनऊ में राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस पर सिटी मॉन्टेसरी स्कूल, गोमती नगर में एक खास कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें इसरो और इस्ट्रैक के सीनियर वैज्ञानिकों ने 500 से ज्यादा छात्रों के सामने भारत की स्पेस
लखनऊ में राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस पर सिटी मॉन्टेसरी स्कूल, गोमती नगर में एक खास कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें इसरो और इस्ट्रैक के सीनियर वैज्ञानिकों ने 500 से ज्यादा छात्रों के सामने भारत की स्पेस यात्रा की कहानी बताई। चंद्रयान-3 की बड़ी कामयाबी से लेकर आने वाले समय में होने वाले अंतरिक्ष मिशनों तक की पूरी जानकारी छात्रों के साथ साझा की गई।
इसरो के वैज्ञानिकों ने बच्चों को बताया कि गगनयान और भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन जैसे बड़े मिशन देश की अगली बड़ी साइंटिफिक छलांग साबित होंगे। इस्ट्रैक के डायरेक्टर एम.आर. राघवेन्द्र ने छात्रों को हौसला देते हुए कहा कि वे 'असंभव को संभव' मानकर सोचें और अंतरिक्ष की पुरानी सीमाओं से आगे बढ़ें। उन्होंने बच्चों को नए सपने देखने के लिए प्रेरित किया।
सीएमएस की मैनेजिंग डायरेक्टर प्रो. गीता गांधी किंगडन ने भारत की अंतरिक्ष में हासिल की गई उपलब्धियों का जिक्र किया और खासतौर से सीएमएस के छात्र शुभांशु शुक्ला की स्पेस यात्रा को बेहद गौरव की बात बताया। कार्यक्रम में छात्रों ने बड़े जोश के साथ वैज्ञानिकों से अंतरिक्ष मिशनों और रिसर्च से जुड़े कई सवाल पूछे।
इस मौके पर क्विज, ड्राइंग और मॉडल बनाने की प्रतियोगिताएं भी करवाई गईं, जिनमें छात्रों ने अपनी वैज्ञानिक सोच और क्रिएटिविटी का शानदार प्रदर्शन किया। इस तरह के आयोजन युवाओं में स्पेस साइंस के प्रति रुचि बढ़ाने में काफी अहम भूमिका निभाते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
लखनऊ में इसरो के वैज्ञानिकों ने किस स्कूल में छात्रों को अंतरिक्ष की बातें सिखाईं?
इसरो और इस्ट्रैक के वैज्ञानिकों ने सिटी मॉन्टेसरी स्कूल, गोमती नगर में राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस पर 500 से ज्यादा छात्रों को अंतरिक्ष की जानकारी दी।
इसरो ने भविष्य में कौन-कौन से बड़े अंतरिक्ष मिशन लॉन्च करने की योजना बनाई है?
इसरो के वैज्ञानिकों ने गगनयान और भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन जैसे मिशनों का जिक्र किया, जो भारत की अगली बड़ी साइंटिफिक छलांग साबित होंगे।
इस्ट्रैक के डायरेक्टर ने छात्रों को क्या सलाह दी?
इस्ट्रैक के डायरेक्टर एम.आर. राघवेन्द्र ने छात्रों को 'असंभव को संभव' मानकर सोचने और अंतरिक्ष की पुरानी सीमाओं से आगे बढ़ने के लिए कहा।
कार्यक्रम में छात्रों के लिए कौन-कौन सी प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं?
इस आयोजन में क्विज, ड्राइंग और मॉडल बनाने की प्रतियोगिताएं करवाई गईं, जिनमें छात्रों ने अपनी वैज्ञानिक सोच और क्रिएटिविटी का प्रदर्शन किया।
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