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जिम्बाब्वे को 114/5 पर रोक भारत 18/1, मंधाना आउट

जिम्बाब्वे की महिला टीम को 114/5 पर रोकने के बाद भारत की महिला टीम 18/1 पर जिम्बाब्वे बनाम भारत: जिम्बाब्वे के 114/5 के बाद भारत की महिला टीम ने रन चेज शुरू किया जिम्बाब्वे की महिला टीम को 114/5 पर

जिम्बाब्वे को 114/5 पर रोक भारत 18/1, मंधाना आउट
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जिम्बाब्वे बनाम भारत: जिम्बाब्वे के 114/5 के बाद भारत की महिला टीम ने रन चेज शुरू किया

जिम्बाब्वे की महिला टीम को 114/5 पर रोकने के बाद भारत की महिला टीम 1.3 ओवर में 18/1 के स्कोर तक पहुंच गई। स्मृति मंधाना ने तेज शुरुआत की, लेकिन वह आउट हो गईं। इसके बाद शुरुआती रन चेज में अनुष्का शर्मा और शेफाली वर्मा मैदान पर थीं।

तेज शुरुआत के बाद भारत ने मंधाना का विकेट गंवाया

भारत की महिला टीम के लिए रन चेज की शुरुआत स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा ने की। तेंदई मकुशा ने नई गेंद संभाली और खेल की शुरुआत की।

मकुशा की मंधाना को पहली गेंद अच्छी लेंथ पर थी और वह बाहर की ओर निकली। बल्लेबाज ने गेंद को रोककर वापस गेंदबाज की ओर भेज दिया। अगली गेंद भी डॉट रही। मंधाना ने ऑफ स्टंप पर आई थोड़ी फुल गेंद को मिड-ऑफ की ओर खेला।

इसके बाद मंधाना ने अपना खाता चौके के साथ खोला। उन्होंने लेग स्टंप की ओर आई बैक-ऑफ-ए-लेंथ गेंद पर शरीर को घुमाया और उसे मिड-विकेट के बीच से शानदार तरीके से पुल कर दिया।

मकुशा ने इसके बाद लेग साइड में वाइड गेंद डाल दी। मंधाना ने गेंद को फ्लिक करने की कोशिश की, लेकिन वह चूक गईं।

भारत की इस सलामी बल्लेबाज ने जल्द ही एक और चौका लगा दिया। उन्होंने ऑफ स्टंप के बाहर की थोड़ी फुल गेंद को ड्राइव करने की कोशिश की, लेकिन गेंद बल्ले का मोटा बाहरी किनारा लेकर गई। बाउंड्री के पास फील्डर ने डाइव लगाई, लेकिन चार रन रोकने के लिए यह काफी नहीं था।

शेफाली ने भी चौके के साथ अपना खाता खोला। वह ऑफ स्टंप के बाहर की कुछ ज्यादा फुल गेंद तक पहुंचीं और उसे पॉइंट के बीच से जोरदार तरीके से भेज दिया।

शुरुआती खेल में 14 रन बने और भारत को रन चेज में हौसला देने वाली शुरुआत मिली। हालांकि, मंधाना की पारी तब खत्म हो गई, जब न्याशा ग्वांजुरा ने ऑफ स्टंप पर छोटी गेंद डाली और बल्लेबाज ने उसे शॉर्ट फाइन लेग के ऊपर से खेलने की कोशिश की।

मंधाना के बल्ले का ऊपरी किनारा लगा और गेंद बैकवर्ड पॉइंट की ओर चली गई। तेंदई मकुशा ने कैच पकड़ लिया। लाइव कमेंट्री में इस विकेट को आसान मौका बताया गया।

इसके बाद लाइव स्कोर अपडेट के मुताबिक भारत का स्कोर 1.3 ओवर में 18/1 था। भारतीय सलामी बल्लेबाजों ने शुरुआत में गेंदबाजी पर हमला किया था, लेकिन इस शुरुआती विकेट से जिम्बाब्वे को वापसी का मौका मिल गया।

भारत की गेंदबाजी ने जिम्बाब्वे को सीमित रखा

भारत की महिला टीम की गेंदबाजी की अगुवाई क्रांति गौड़ ने की। उन्होंने पहले ही ओवर में विकेट लेकर टीम का रुख तय कर दिया। गेंद के साथ भारतीय टीम को अनुशासित बताया गया, हालांकि उस शुरुआती झटके के बाद जिम्बाब्वे ने एक साझेदारी बनाने में कामयाबी हासिल की।

श्री चारानी ने 11वें ओवर में यह साझेदारी तोड़ी और पारी की दिशा बदलने में मदद की। उन्होंने 1/14 के आंकड़े के साथ गेंदबाजी पूरी की और 16 डॉट गेंदें डालीं।

जिम्बाब्वे को बीच के ओवरों में रन बनाने के दो अलग-अलग सूखे दौर का भी सामना करना पड़ा। इनमें एक दौर सात गेंदों का था और दूसरा आठ गेंदों का। उसकी पारी में 10 से ज्यादा ओवर ऐसे रहे, जिनमें कोई रन नहीं बना। मैच के ब्यौरे में इस समस्या को खास तौर पर बताया गया।

कमेंट्री के मुताबिक अरुंधति रेड्डी का गेंद के साथ दिन अच्छा नहीं रहा। दीप्ति शर्मा ने विकेट नहीं लिया, फिर भी उन्होंने किफायती गेंदबाजी की।

आखिरी ओवर में नंदनी शर्मा ने दो विकेट लेकर मैदान में भारत के हरफनमौला प्रदर्शन को पूरा किया। आखिरी ओवर की विस्तृत कमेंट्री में गेंदबाज का नाम नंदानी शर्मा बताया गया है।

आखिरी ओवर के विकेटों से जिम्बाब्वे की पारी 114/5 पर रुक गई। इस तरह भारत के गेंदबाजों ने स्कोर को उस निशान से नीचे रखा, जिसे जिम्बाब्वे पारी के दौरान हासिल करना चाहता था।

शुरुआती विकेट के बाद न्दलोवु और मुपाचिक्वा ने पारी संभाली

जिम्बाब्वे ने शुरुआती विकेट गंवाया, लेकिन केलिस न्दलोवु और मोडेस्टर मुपाचिक्वा ने पारी को संभाल लिया। न्दलोवु ने कई तरह के शॉट खेले और मुपाचिक्वा के साथ 53 रन की साझेदारी बनाने में मदद की।

इस साझेदारी से शुरुआती झटके के बाद जिम्बाब्वे को स्थिरता मिली। इसकी मदद से मेहमान टीम अपनी पारी के आधे पड़ाव पर 60/1 के स्कोर तक पहुंच गई।

ड्रिंक्स ब्रेक के तुरंत बाद मुपाचिक्वा आउट हो गईं। इसके बाद जिम्बाब्वे के लिए साझेदारी से मिली रफ्तार को बनाए रखना मुश्किल हो गया।

खुद न्दलोवु को भी आउट होने से पहले मुश्किल दौर से गुजरना पड़ा। उन्होंने लगातार 13 डॉट गेंदों का सामना किया और आखिर में 43 रन बनाकर आउट हो गईं।

यह सिलसिला बीच के ओवरों में भारत की गेंदबाजी से बने दबाव को दिखाता है। जिम्बाब्वे ने एक बड़ी साझेदारी बनाने में कामयाबी हासिल की थी, लेकिन साझेदारी टूटने के बाद उसकी रन बनाने की रफ्तार काफी धीमी हो गई।

आधे पड़ाव पर 60/1 तक पहुंचने के बाद जिम्बाब्वे ने अगले 10 ओवरों में सिर्फ 54 रन बनाए। इस तरह पारी उस समय पीछे रह गई, जब टीम को अपनी स्थिति का फायदा उठाकर ज्यादा मजबूत स्कोर बनाना था।

मायर्स ने आखिर में तेजी दिलाई

शार्ने मायर्स ने 33 गेंदों पर 43 रन बनाकर जिम्बाब्वे को आखिर में बढ़त दी। मुपाचिक्वा के आउट होने के बाद टीम रफ्तार हासिल करने में जूझ रही थी, ऐसे में उनकी पारी ने जिम्बाब्वे के गेंदबाजों को बचाव के लिए कुछ स्कोर दिया।

मायर्स ने अरुंधति रेड्डी के खिलाफ चौका लगाकर आखिरी दौर में रन बनाने की कोशिश शुरू की। उन्होंने ऑफ स्टंप के आसपास पिच की गई गेंद पर आगे बढ़कर शॉट खेला और गेंद को कवर्स के बीच से भेज दिया।

उन्होंने ऑफ स्टंप के आसपास की बैक-ऑफ-ए-लेंथ गेंद पर एक और चौका लगाया। मायर्स ने जगह बनाई और गेंद को पॉइंट और कवर के बीच के गैप से निकाल दिया।

उनका अगला बड़ा शॉट छक्का था। रेड्डी ने ऑफ स्टंप के ठीक बाहर फुल टॉस गेंद डाली और मायर्स ने अपने हाथ पूरे फैलाकर उसे लॉन्ग-ऑफ की बाउंड्री के पार भेज दिया।

इस सिलसिले से जिम्बाब्वे का स्कोर 100 के पार पहुंच गया। पारी सीमित रन बनने वाले दौर से निकलकर मायर्स की अगुवाई में आखिरी समय की तेजी में बदल गई।

मायर्स ने एक और दो रन भी बनाए। वह पीछे हटीं और मिडिल स्टंप पर आई छोटी गेंद को डीप मिड-विकेट के बाईं ओर जोर से खेल दिया। उन्होंने मिडिल स्टंप पर वापस खींची गई गेंद पर एक रन लेकर स्ट्राइक बदली। एक और गेंद को डीप मिड-विकेट की ओर भेजकर उन्होंने एक रन लिया।

कुछ गेंदों पर मायर्स रन नहीं बना सकीं। तेज गेंद को क्लिप करने की कोशिश में गेंद बल्ले का अंदरूनी किनारा लेकर उनके पैड पर लगी। उन्होंने एक सपाट गेंद को शॉर्ट कवर की ओर खेला और एक दूसरी फ्लोटेड गेंद को वापस गेंदबाज की ओर भेज दिया।

नंदानी शर्मा ने ऑफ स्टंप पर हार्ड-लेंथ गेंद डालकर मायर्स की परीक्षा ली। मायर्स पुल करने के लिए क्रीज के पार गईं, लेकिन चूक गईं और गेंद उनके पैड पर लगी। लेग बिफोर विकेट के लिए हल्की अपील हुई, लेकिन उसे ठुकरा दिया गया।

इसके बाद मायर्स ऑफ स्टंप के बाहर की फुल गेंद पर बल्ला चलाने के बाद भी चूक गईं। उन्होंने ऑफ स्टंप पर आई धीमी फुल गेंद को शॉर्ट कवर की ओर रोक दिया।

आखिरी ओवर के विकेटों ने जिम्बाब्वे की पारी रोक दी

नंदानी शर्मा ने आखिरी ओवर डाला। उस समय जिम्बाब्वे का लक्ष्य स्कोर को 120 के करीब ले जाना था। आखिरी ओवर से पहले न्याशा ग्वांजुरा ने नंदानी की कुछ ज्यादा फुल गेंद को एक्स्ट्रा कवर की चौड़ी दिशा में ड्राइव किया, लेकिन अरुंधति रेड्डी ने अपनी बाईं ओर डाइव लगाकर शानदार तरीके से गेंद रोक दी।

बाद में ग्वांजुरा ने ऑफ स्टंप पर आई बैक-ऑफ-ए-लेंथ गेंद को एक्स्ट्रा कवर की ओर पंच करके एक रन लिया। उन्होंने दीप्ति शर्मा की फुल गेंद को शॉर्ट फाइन की ओर खेलकर तेज एक रन भी लिया।

दीप्ति के ओवर में एक सपाट छोटी गेंद भी थी, जिसे ग्वांजुरा ने कवर्स के बीच से खेलकर चौका लगाया। ग्वांजुरा ने एक फ्लोटेड गेंद को शॉर्ट कवर की ओर हल्के हाथ से खेला और ऊपर से उछालकर डाली गई गेंद को पिच के नीचे वापस रोक दिया।

नंदानी के आखिरी ओवर में दो गेंदों पर दो विकेट आए। ग्वांजुरा ऑफ स्टंप पर आई धीमी गेंद पर हमला करने के लिए क्रीज से बाहर निकलीं, लेकिन गेंद थोड़ी नीची रही और वह शॉट पूरी तरह चूक गईं।

रिचा घोष ने स्टंप के पीछे गेंद पकड़ी और विकेट गिरा दिए। रिप्ले में दिखा कि ग्वांजुरा क्रीज से काफी बाहर थीं। इसके बाद जिम्बाब्वे का स्कोर 113/4 हो गया।

अगली गेंद पर एक और स्टंपिंग हुई। मिशेल मावुंगा ने मिडिल स्टंप पर आई हार्ड-लेंथ गेंद को लाइन के पार मारने की कोशिश की, लेकिन वह चूक गईं और घोष ने उन्हें स्टंप कर दिया।

इस विकेट को जांच के लिए तीसरे अंपायर के पास भेजा गया। रिप्ले में दिखा कि मावुंगा के पैर बाहर खिंच गए थे और जब विकेट गिराए गए, उस समय उनका बल्ला हवा में था।

तीसरे अंपायर ने यह भी जांचा कि विकेट गिराते समय घोष की हथेली में गेंद थी या नहीं। अलग-अलग एंगल देखने के बाद आउट का फैसला बरकरार रखा गया।

विकेट के बाद जिम्बाब्वे का स्कोर 113/5 था। इसके बाद चिपो मुगेरी-तिरिपानो ने लेग स्टंप पर आई अच्छी लेंथ की गेंद को शॉर्ट फाइन की ओर हल्के हाथ से खेलकर एक रन लिया। इस तरह नंदानी शर्मा हैट्रिक नहीं ले सकीं।

जिम्बाब्वे की पारी 114/5 पर खत्म हुई। इस तरह आखिरी ओवर ने बल्लेबाजी कर रही टीम को मायर्स की आखिरी समय की तेजी पर आगे बढ़ने से रोक दिया। मैच की कमेंट्री के मुताबिक भारत के सामने रन चेज के लिए हासिल किया जा सकने वाला स्कोर था।

जिम्बाब्वे कम से कम 130 रन चाहता था

मायर्स ने कहा कि वह जिम्बाब्वे के स्कोर में योगदान देकर खुश हैं, लेकिन वह और रन बनाना चाहती थीं। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें लगा कि पिच बल्लेबाजी के लिए अच्छी थी और बताया कि जिम्बाब्वे कम से कम 130 रन का लक्ष्य लेकर चल रहा था।

उनका आकलन पारी के लिए जिम्बाब्वे के अपने तय किए गए पैमाने को दिखाता है। टीम 114/5 तक पहुंची, यानी मायर्स के मुताबिक पारी खत्म होने से पहले टीम ने जो लक्ष्य तय किया था, उससे वह 16 रन पीछे रह गई।

मायर्स ने कहा कि भारत में पहली बार खेलना जिम्बाब्वे की टीम के लिए सीखने का अनुभव रहा। उन्होंने बताया कि स्पिन के खिलाफ उनका तरीका स्ट्राइक बदलते रहना, चीजों को आसान रखना और अपने शॉट खेलने के इलाके में आने वाली गेंदों पर हमला करना था।

उन्होंने कहा कि मैच से पहले उन्होंने किसी खास हिस्से पर काम नहीं किया था। मायर्स ने यह भी कहा कि नेट्स में वह गेंद को अच्छी तरह हिट कर रही थीं। उन्हें खुशी थी कि उन्होंने अपनी तैयारी और तरीके पर भरोसा किया और उसका फायदा उन्हें मिला।

ये बातें ऐसी पारी के बाद आईं, जिसमें जिम्बाब्वे के खेल में अलग-अलग दौर देखने को मिले। न्दलोवु और मुपाचिक्वा की साझेदारी ने टीम को आधे पड़ाव पर 60/1 तक पहुंचाया। इसके बाद बीच के ओवरों में लंबे समय तक रन नहीं बने। आखिर में मायर्स के तेज शॉट्स ने स्कोर को ऊपर उठाया।

आखिरी समय की रुकावट के दम पर भारत ने रन चेज शुरू किया

भारत ने रन चेज की शुरुआत इस बढ़त के साथ की कि जिम्बाब्वे बीच के ओवरों में लगातार रन बनाने में जूझा था। मैच के ब्यौरे में पिच को बल्लेबाजी के लिए बेहतरीन बताया गया था और जिम्बाब्वे के गेंदबाजों के सामने 114/5 का बचाव करने की चुनौती थी।

भारत की शुरुआत से आक्रामक रुख का संकेत मिला। शेफाली ने पॉइंट के बीच से अपना पहला चौका लगाया। इसके बाद मंधाना ने मिड-विकेट के बीच से और बाहरी किनारा लेकर बाउंड्री तक गई गेंद पर चौके लगाए।

मंधाना के आउट होने से यह शुरुआत रुक गई। ग्वांजुरा की छोटी गेंद से बल्ले का ऊपरी किनारा लगा और मकुशा ने बैकवर्ड पॉइंट पर कैच पूरा किया।

लाइव अपडेट में भारत का स्कोर 1.3 ओवर के बाद 18/1 था। अब भारत को एक और साझेदारी बनाने की जरूरत थी, जबकि जिम्बाब्वे शुरुआती विकेट का इस्तेमाल करके दबाव बढ़ाना चाहता था।

मकुशा के पहले ओवर में डॉट गेंदें, एक वाइड और चौके शामिल थे। इससे भारत की शुरुआत के अलग-अलग दौर सामने आए। मंधाना पहले संभलकर खेल रही थीं, लेकिन इसके बाद उन्होंने लगातार आक्रामक शॉट लगाए। उसी सिलसिले के बाद वह आउट हुईं।

जिम्बाब्वे के प्रतिस्पर्धी स्कोर तक पहुंचने का रास्ता इस बात पर भी निर्भर था कि उसके बल्लेबाज जमने के बाद उन मौकों का कितना फायदा उठाते हैं। न्दलोवु और मुपाचिक्वा की 53 रन की साझेदारी ने वह आधार दिया, लेकिन इसके बाद आए रन के सूखे दौर ने आखिरी स्कोर को सीमित कर दिया।

मायर्स के 33 गेंदों पर 43 रन ने जिम्बाब्वे की पारी में कुछ रफ्तार वापस लाई और उसे आखिर में बढ़ावा दिया। हालांकि, आखिरी ओवर में नंदानी शर्मा के दो विकेटों ने यह पक्का किया कि जिम्बाब्वे 114/5 पर ही रुके। वह आखिरी गेंदों तक अपनी तेज बल्लेबाजी को जारी नहीं रख सका।

इस तरह भारत के गेंदबाजों ने शुरुआती विकेट, चारानी के नियंत्रण और नंदानी शर्मा के निर्णायक आखिरी ओवर को एक साथ जोड़ा। जिम्बाब्वे की पारी में एक कामयाब साझेदारी और आखिरी समय में एक बल्लेबाज का अहम योगदान रहा, लेकिन लंबे समय तक ऐसे दौर भी आए, जब रन नहीं बने।

मंधाना के आउट होने के बाद अब अगला दौर भारत के रन चेज का था। जिम्बाब्वे के स्कोरबोर्ड पर 114/5 रन थे, लेकिन लाइव स्कोर से दिखा कि भारत ने अपने एक सलामी बल्लेबाज का विकेट गंवाने से पहले ही जोरदार शुरुआत कर दी थी।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जिम्बाब्वे ने कितने रन बनाए?

जिम्बाब्वे की महिला टीम ने 114/5 का स्कोर बनाया।

रन चेज में भारत का स्कोर कितना था?

भारत की महिला टीम 1.3 ओवर में 18/1 के स्कोर पर थी।

स्मृति मंधाना कैसे आउट हुईं?

स्मृति मंधाना छोटी गेंद को शॉर्ट फाइन लेग के ऊपर से खेलने की कोशिश में कैच आउट हुईं।

भारत की ओर से गेंदबाजी में किसने अच्छा प्रदर्शन किया?

श्री चारानी ने 1/14 के आंकड़े के साथ गेंदबाजी की और 16 डॉट गेंदें डालीं।

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