News Darpan भारत का डिजिटल दर्पण
खोज
ताज़ा
हमीरपुर में स्वतंत्रता दिवस पर ध्वजारोहण, देशभक्ति का जश्नहमीरपुर में 80वें स्वतंत्रता दिवस का जश्न धूमधाम से मनाया गयागुरावली में बंद आंगनवाड़ी केंद्र पर ग्रामीणों का हंगामाकर्नाटक मंत्री ने 15 अगस्त को झंडा फहराने से मांगी छूट, बीजेपी का हमलापिता ने 11 महीने की बेटी को यमुना में फेंका, पत्नी को भी मारने की कोशिशगाजियाबाद में पुलिस-आरोपियों के बीच मुठभेड़, दोनों घायलजर्मनी में हेलिकॉप्टर क्रैश, पायलट की मौतदिल्ली पुलिस ने नेपाल से जुड़े ₹109 करोड़ के चरस नेटवर्क का भंडाफोड़ किया
Business General

भारत में हाईवे का तेज विकास, कनेक्टिविटी और अर्थव्यवस्था को

भारत के हाईवे का तेजी से विस्तार हुआ, जिससे कनेक्टिविटी और आर्थिक विकास को बढ़ावा मिला।

News Darpan AI image

भारत में पिछले 12 सालों में सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर में जबरदस्त विकास हुआ है। भारतमाला परियोजना के तहत मार्च 2026 तक 22,590 किलोमीटर हाईवे बनाए गए हैं। इस योजना का लक्ष्य 34,800 किलोमीटर कॉरिडोर विकसित करना है, जिसमें ₹5.35 लाख करोड़ का खर्च अनुमानित है। यह विकास देशभर में कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स को बदल रहा है।

2017 में शुरू हुई भारतमाला परियोजना का फोकस आर्थिकॉरिडोर, फीडर रूट्स, बॉर्डर रोड्स और एक्सप्रेसवे पर है। इसने दूरदराज के इलाकों तक पहुंच आसान बनाई है और लॉजिस्टिक्स खर्च कम किया है, जिससे आर्थिक विकास और राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा मिला है। 2014 से भारत का नेशनल हाईवे नेटवर्क 61% बढ़कर 2025-26 तक 1,46,572 किलोमीटर हो गया है।

हाईवे निर्माण की गति भी बढ़ी है, जो 2013-14 में 11.6 किलोमीटर प्रतिदिन थी और 2025 में 34 किलोमीटर प्रतिदिन हो गई। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे और बेंगलुरु-मैसूर एक्सप्रेसवे जैसे प्रोजेक्ट्स ने यात्रा समय घटाया और क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा दिया। अप्रैल 2026 में उद्घाटित दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिकॉरिडोर ने दोनों शहरों के बीच यात्रा समय 6 घंटे से घटाकर 2.5 घंटे कर दिया।

ये प्रोजेक्ट्सिर्फ कनेक्टिविटी बढ़ाने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि औद्योगिक विकास, निवेश और रोजगार के नए अवसर भी पैदा कर रहे हैं। द्वारका एक्सप्रेसवे और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे जैसे प्रोजेक्ट्स शहरी और क्षेत्रीय मोबिलिटी में नए मानक स्थापित कर रहे हैं।

मुख्य बातें
- भारतमाला परियोजना का लक्ष्य 34,800 किलोमीटर हाईवे बनाना है, ₹5.35 लाख करोड़ खर्च अनुमानित है।
- 2014 से 2025-26 तक नेशनल हाईवे नेटवर्क 61% बढ़ा।
- हाईवे निर्माण की गति 2025 में 34 किलोमीटर प्रतिदिन हुई, जो 2013-14 में 11.6 किलोमीटर थी।
- दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिकॉरिडोर ने यात्रा समय 6 घंटे से घटाकर 2.5 घंटे किया।
- दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे ने प्रमुख आर्थिकेंद्रों को जोड़ा और लॉजिस्टिक्स को बेहतर बनाया।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

भारतमाला परियोजना क्या है?
यह 2017 में शुरू की गई योजना है, जिसका लक्ष्य ₹5.35 लाख करोड़ में 34,800 किलोमीटर हाईवे बनाना है।

हाईवे निर्माण की गति में क्या बदलाव आया है?
2013-14 में 11.6 किलोमीटर प्रतिदिन से बढ़कर 2025 में 34 किलोमीटर प्रतिदिन हो गई।

स्रोत: Press Information Bureau (Govt. of India) प्रेस विज्ञप्ति, 14 JUN 2026. https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2272639

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारतमाला परियोजना क्या है?

यह 2017 में शुरू की गई योजना है, जिसका लक्ष्य ₹5.35 लाख करोड़ में 34,800 किलोमीटर हाईवे बनाना है।

हाईवे निर्माण की गति में क्या बदलाव आया है?

2013-14 में 11.6 किलोमीटर प्रतिदिन से बढ़कर 2025 में 34 किलोमीटर प्रतिदिन हो गई।

दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का क्या फायदा है?

इसने यात्रा समय 6 घंटे से घटाकर 2.5 घंटे कर दिया।

भारतमाला परियोजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?

इसका उद्देश्य आर्थिक कॉरिडोर, फीडर रूट्स, बॉर्डर रोड्स और एक्सप्रेसवे का विकास करना है।

हाईवे निर्माण से क्या लाभ हो रहा है?

यह औद्योगिक विकास, निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा कर रहा है।

सबसे ज़्यादा पढ़ी गई

  1. 1

    श्रावस्ती में आधार कार्ड सेंटरों पर अवैध वसूली का मामला सामने आया

  2. 2

    गाजियाबाद में स्वतंत्रता दिवस पर भव्य तिरंगा यात्रा का आयोजन

  3. 3

    राजा महेंद्र प्रताप सिंह विश्वविद्यालय में नवाचार कार्यशाला का आयोजन

  4. 4

    राजा महेंद्र प्रताप सिंह विश्वविद्यालय में ‘फ्री थिंकर्स क्लब’ की शुरुआत

  5. 5

    शिक्षक पर शराब पीकर स्कूल आने का आरोप, ग्रामीणों का हंगामा

टिप्पणियाँ

अभी कोई टिप्पणी नहीं। पहली टिप्पणी करें।

टिप्पणियाँ समीक्षा के बाद प्रकाशित होती हैं।