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हांगकांग के लोकल ब्रांड्स को बढ़ावा देने की जरूरत

हांगकांग के लोकल ब्रांड्स शहर के क्रिएटिव फ्यूचर की चाबी हांगकांग में कई महत्वाकांक्षी और क्रिएटिव लोकल ब्रांड्स हैं, लेकिन उनका पूरा पोटेंशियल अभी तक इस्तेमाल नहीं हुआ है।

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हांगकांग में कई महत्वाकांक्षी और क्रिएटिव लोकल ब्रांड्स हैं, लेकिन उनका पूरा पोटेंशियल अभी तक इस्तेमाल नहीं हुआ है। इन घरेलू बिजनेस में निवेश करके हांगकांग को एक अनोखा शॉपिंग और कल्चरल डेस्टिनेशन बनाया जा सकता है, जो इसे ग्लोबल कॉम्पिटीटर्स से अलग करेगा।

हाल ही में सियोल से तुलना करने पर हांगकांग के लोकल रिटेल सीन की छिपी संभावनाएं सामने आईं। सियोल के हन्नम-डोंग, सेओचोन और सोंगसू-डोंग जैसे इलाकों में लोग वेरिश, टैम्ब्यूरिन्स, ग्लोनी, म्यूसिन्सा, ज़ेक्सीमिक्स और एदरएरर जैसे लोकल ब्रांड्स के बैग्स के साथ नज़र आते हैं। ये ब्रांड न सिर्फ लोकल्स को बल्कि टूरिस्ट्स को भी आकर्षित कर रहे हैं।

इसके मुकाबले, हांगकांग में एक अलग तस्वीर दिखती है। यहां टूरिस्ट्स अक्सर बेकहाउस के बैग्स लेकर घूमते दिखते हैं, और लोकल लोग म्यूजी, यूनिक्लो, लुलुलेमोन और एडिडास जैसी चेन से शॉपिंग करते हैं। लेकिन ज्यादातर शॉपिंग बैग्स लग्ज़री ब्रांड्स जैसे चैनल, डायर, हर्मेस, गोयार्ड और लेन क्रॉफर्ड के होते हैं। ये ट्रेंड दिखाता है कि शहर का फोकस हाई-एंड रिटेल पर ज्यादा है, जबकि लोकल ब्रांड्स का इकोसिस्टम उतना मजबूत नहीं है।

इस अंतर के पीछे कई वजहें हैं। हांगकांग में महंगे किराए की वजह से नए लोकल ब्रांड्स के लिए फिजिकल प्रजेंस बनाना और अपने ऑपरेशन्स को बढ़ाना मुश्किल हो गया है। इसके अलावा, चीन से अमीर टूरिस्ट्स की लगातार आमद ने प्रॉपर्टी मालिकों को लग्ज़री रिटेल को प्राथमिकता देने पर मजबूर कर दिया है, क्योंकि इसमें निवेश पर ज्यादा सुरक्षित रिटर्न मिलता है।

इसके साथ ही, शहर में मिडिल क्लास का सिकुड़ना भी एक बड़ी समस्या है, जिससे निच ब्रांड्स के लिए ऑडियंस सीमित हो गई है। इन हालातों ने हांगकांग को एक चमचमाते शॉपिंग हब में बदल दिया है, लेकिन सियोल जैसे शहरों में दिखने वाली कल्चरल इनोवेशन और क्रिएटिविटी की कमी यहां साफ झलकती है।

अगर हांगकांग अपने रिटेल सेक्टर को बदलना चाहता है, तो उसे अपने लोकल ब्रांड्स को सपोर्ट करना होगा और ऐसा माहौल बनाना होगा जहां क्रिएटिविटी और कल्चरल आइडेंटिटी को बढ़ावा मिले। इस तरह की कोशिश से शहर की इमेज बदल सकती है और यह रेजिडेंट्स और विजिटर्स दोनों के लिए एक ज्यादा डायनमिक और इंस्पायरिंग डेस्टिनेशन बन सकता है।

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