HML ने इडुक्की में ड्रोन सीडिंग से 15 एकड़ जमीन बहाल की
HML ने ड्रोन सीडिंग से इडुक्की में 15 एकड़ युकलिप्टस जमीन को किया बहाल इडुक्की में युकलिप्टस प्लांटेशन वाली 15 एकड़ जमीन को बहाल करने के लिए हैरिसन्स मलयालम लिमिटेड (HML) ने ड्रोन सीडिंग टेक्नोलॉजी
इडुक्की में युकलिप्टस प्लांटेशन वाली 15 एकड़ जमीन को बहाल करने के लिए हैरिसन्स मलयालम लिमिटेड (HML) ने ड्रोन सीडिंग टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया। यह प्रोजेक्ट पट्टुमलाय एस्टेट में पीरुमेड पहाड़ियों के पास किया गया। इस पहल का मकसद इलाके में स्थानीय जैव विविधता को फिर से बढ़ावा देना है।
स्थानीय पौधों को बढ़ावा
HML के वाइस-प्रेसिडेंट अनिल जॉर्ज ने बताया कि कंपनी ने इस प्रोजेक्ट के लिए केरल फॉरेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट (KFRI) से बीज लिए। इस पहल में 24 तरह की स्थानीय प्रजातियों के बीज फैलाए गए, जिनमें पेड़, झाड़ियां, जड़ी-बूटियां और बेलें शामिल थीं। इनमें थन्नी (टर्मिनालिया बेलिरिका), कट्टाम्बझम (स्पोंडियास पिनाटा), कट्टामारम (एल्बिज़िया फाल्काटारिया), नेली (आंवला/फिलैंथस एम्ब्लिका) और धनथपाला (राइटिया टिंक्टोरिया) जैसे पौधे शामिल हैं।
ड्रोन सीडिंग से बीजों को समान रूप से फैलाने, मजदूरी लागत कम करने और मिट्टी को नुकसान से बचाने में मदद मिली। ड्रोन और सीड बॉल एप्लिकेशन के जरिए 1.12 लाख से ज्यादा बीज जमीन पर फैलाए गए। HML का लक्ष्य है कि पांच साल में प्रति हेक्टेयर 5,000 पौधे उगें, जिससे पूरे इलाके में करीब 30,000 पौधे तैयार हो सकें।
पर्यावरणीय समस्याओं का समाधान
यह पहल युकलिप्टस मोनोकल्चर से होने वाले पर्यावरणीय नुकसान को ध्यान में रखकर की गई है। युकलिप्टस जमीन की नमी कम करता है, अंडरग्रोथ को दबाता है और स्थानीय जैव विविधता को नुकसान पहुंचाता है। प्रोजेक्ट शुरू होने से पहले की गई रैपिड बायोडायवर्सिटी असेसमेंट (RBA) में पाया गया कि जमीन प्राकृतिक पुनर्जनन के लिए सक्षम है। इलाके में पहले से ही 24 तरह की स्थानीय प्रजातियां मौजूद थीं। बहाल की गई जमीन परुनथुमपारा पहाड़ियों के पास है, जहां प्राकृतिक घास के मैदान हैं।
आगे बढ़ने की योजना
HML इस प्रोजेक्ट को भविष्य की इको-रेस्टोरेशन पहलों के लिए मॉडल मानता है। अनिल जॉर्ज ने कहा, "ड्रोन सीडिंग टेक्नोलॉजी बहुत सफल रही और हम इसे दूसरे इलाकों में भी दोहराने की योजना बना रहे हैं।" कंपनी ने हाल ही में ड्रोन का इस्तेमाल ताजा चाय पत्तियों को खेतों से वेटमेंट सेंटर्स और फैक्ट्रियों तक पहुंचाने के लिए भी किया है।
यह पहल दिखाती है कि टेक्नोलॉजी के जरिए पर्यावरणीय चुनौतियों का समाधान किया जा सकता है और प्लांटेशन इंडस्ट्री में टिकाऊ प्रथाओं को बढ़ावा दिया जा सकता है।
स्रोत: The Hindu
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
HML ने इडुक्की में कितनी जमीन बहाल की है?
HML ने इडुक्की में 15 एकड़ युकलिप्टस जमीन बहाल की है।
इस प्रोजेक्ट में कौन सी तकनीक का इस्तेमाल किया गया?
इस प्रोजेक्ट में ड्रोन सीडिंग तकनीक का इस्तेमाल किया गया।
HML ने इस प्रोजेक्ट के लिए बीज कहां से लिए?
HML ने इस प्रोजेक्ट के लिए केरल फॉरेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट (KFRI) से बीज लिए।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इस पहल का मुख्य उद्देश्य इलाके में स्थानीय जैव विविधता को फिर से बढ़ावा देना है।
HML का भविष्य में इस प्रोजेक्ट को लेकर क्या योजना है?
HML इस प्रोजेक्ट को भविष्य की इको-रेस्टोरेशन पहलों के लिए मॉडल मानता है और इसे दूसरे इलाकों में भी दोहराने की योजना बना रहा है।
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