मंत्री राजेश धर्माणी ने छात्रों से किया संवाद, बांटी स्पोर्ट्स किट
हिमाचल प्रदेश के तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने बिलासपुर जिला के दौरे के दौरान राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला घुमारवीं के प्रांगण में केंद्रीय विद्यालय के छात्रों के साथ आयोजित संवाद कार्यक्रम
हिमाचल प्रदेश के तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने बिलासपुर जिला के दौरे के दौरान राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला घुमारवीं के प्रांगण में केंद्रीय विद्यालय के छात्रों के साथ आयोजित संवाद कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस कार्यक्रम में उन्होंने छात्रों से शिक्षा, खेलकूद और व्यक्तित्व विकास से जुड़े विषयों पर बातचीत की। साथ ही छात्रों को जरूरी टिप्स दिए।
राजेश धर्माणी ने छात्रों को पढ़ाई के साथ खेलकूद में भी आगे बढ़ने और अपने व्यक्तित्व के विकास पर ध्यान देने की बात कही। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने छात्रों को स्पोर्ट्स किट भी वितरित की। इसके अलावा मंत्री ने केंद्रीय विद्यालय के छात्रों को मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी भी ली और स्कूल से जुड़ी जरूरतों के बारे में जाना।
केंद्रीय विद्यालय घुमारवीं का अपना भवन अभी नहीं है। इसी वजह से इसकी क्लासेज फिलहाल राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला घुमारवीं के भवन में अस्थायी तौर पर चल रही हैं। इस मुद्दे पर मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा कि केंद्रीय विद्यालय के भवन निर्माण के लिए जमीन शिक्षा विभाग के नाम कर दी गई है।
मंत्री ने बताया कि सरकार ने फैसला लिया है कि इस जमीन को लीज पर केंद्रीय विद्यालय संगठन को दिया जाएगा। इससे केंद्रीय विद्यालय घुमारवीं के अपने भवन के निर्माण की दिशा में आगे काम किया जा सकेगा। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्रीय विद्यालय के छात्रों को इसी स्कूल में साइंस लैब और खेल मैदान की सुविधा उपलब्ध करवाने को लेकर भी जल्द फैसला लिया जाएगा।
राजेश धर्माणी ने कार्यक्रम के दौरान छात्रों से संवाद के साथ-साथ राज्य और देश से जुड़े राजनीतिक मुद्दों पर भी अपनी बात रखी। कांग्रेस पार्टी की ओर से SIR विवाद मामले में सीईसी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट तक निकाले गए विरोध मार्च पर उन्होंने प्रतिक्रिया दी।
तकनीकी शिक्षा मंत्री ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा, “भाजपा द्वारा देश में केवल वोट चोरी ही नहीं बल्कि विधायक व एमपी तक चोरी किए जा रहे हैं”, जिससे प्रजातंत्र कमजोर हो रहा है। उन्होंने कहा कि यह मामला सिर्फ वोटों तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे लोकतांत्रिक व्यवस्था पर भी असर पड़ रहा है।
राजेश धर्माणी ने अपने विधानसभा क्षेत्र का उदाहरण देते हुए आरोप लगाया कि भाजपा समर्थित बीएलओ द्वारा उन मतदाताओं के परिवार का नाम ही काट दिया जाता है, जिनका वोटरलिस्ट में नाम नहीं है। उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्रवाई से भाजपा को लाभ पहुंचता है। मंत्री ने इसे बड़े स्तर पर हुआ भ्रष्टाचार बताया।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस मामले को प्रमाण सहित उठाया है। राजेश धर्माणी ने यह भी कहा कि उन्हें इस बात की खुशी है कि विरोध प्रदर्शन को जनता का भरपूर सहयोग मिला। उनके मुताबिक, यह प्रदर्शन केवल कांग्रेस का प्रदर्शन नहीं रहा, बल्कि जनता का प्रदर्शन बनकर सामने आया है।
सांसद अनुराग ठाकुर की ओर से कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर मंडी हाउस का राजनीतिकरण करने के आरोप पर भी राजेश धर्माणी ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि मंडी हाउस हिमाचली लोगों के लिए है। वहां जाने का अधिकार कांग्रेस के कार्यकर्ता के साथ-साथ बीजेपी के कार्यकर्ता को भी है और हिमाचल की आम जनता भी वहां जा सकती है।
मंत्री ने कहा कि ऐसे में मंडी हाउस का राजनीतिकरण करने की बात कहना सरासर गलत है। उन्होंने कहा कि मंडी हाउस का किराया बढ़ाने से लेकर हिमाचल भवन की संख्या बढ़ाने का काम वर्तमान कांग्रेस सरकार ने किया है।
राजेश धर्माणी के मुताबिक, हिमाचल भवन की संख्या बढ़ने से आने वाले समय में लोगों के रुकने के लिए पर्याप्त रूम की सुविधा उपलब्ध होगी। उन्होंने यह भी कहा कि अनुराग ठाकुर अपने समर्थकों को वहां ठहरा सकते हैं। इस तरह केंद्रीय विद्यालय के छात्रों से संवाद के दौरान राजेश धर्माणी ने शिक्षा और सुविधाओं से जुड़े मुद्दों के साथ SIR विवाद और मंडी हाउस को लेकर उठे राजनीतिक आरोपों पर भी अपना पक्ष रखा।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
राजेश धर्माणी ने छात्रों से किस बारे में बातचीत की?
उन्होंने छात्रों से पढ़ाई, खेलकूद और व्यक्तित्व विकास से जुड़े विषयों पर बातचीत की और जरूरी टिप्स दिए।
कार्यक्रम में छात्रों को क्या वितरित किया गया?
मंत्री राजेश धर्माणी ने छात्रों को स्पोर्ट्स किट वितरित की।
केंद्रीय विद्यालय घुमारवीं की क्लासेज अभी कहां चल रही हैं?
केंद्रीय विद्यालय का अपना भवन नहीं है, इसलिए क्लासेज फिलहाल राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला घुमारवीं के भवन में अस्थायी तौर पर चल रही हैं।
केंद्रीय विद्यालय के नए भवन के लिए सरकार ने क्या फैसला लिया है?
सरकार ने जमीन को लीज पर केंद्रीय विद्यालय संगठन को देने का फैसला लिया है, ताकि भवन निर्माण का काम आगे बढ़ सके।
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