प्रतापगढ़ में मध्यस्थता अभियान शुरू, अदालती विवादों का बातचीत से समाधान
प्रतापगढ़ जिले में आपसी विवादों को बातचीत के जरिए सुलझाने के लिए मध्यस्थता अभियान 3.0 शुरू कर दिया गया है।
प्रतापगढ़ जिले में आपसी विवादों को बातचीत के जरिए सुलझाने के लिए मध्यस्थता अभियान 3.0 शुरू कर दिया गया है। इस अभियान को उच्च न्यायालय मध्यस्थता एवं सुलह केंद्र और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के नेतृत्व में चलाया जा रहा है।
लोक अदालत का शुभारंभ जिला जज राजीव कमल पांडेय और सिविल जज सीनियर डिवीजन व जिला विधिक प्राधिकरण की सचिव शाम्भवी ने संयुक्त रूप से किया। दोनों ने हरी झंडी दिखाकर प्रचार प्रसार के लिए इंटरसेप्टर गाड़ी को रवाना किया।
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य न्यायालयों में लंबित पड़े मामलों का आपसी सहमति और संवाद के माध्यम से जल्द समाधान कराना है।
मध्यस्थता के तहत कई तरह के मामलों का निस्तारण कराया जा सकता है। इनमें वैवाहिक विवाद, दुर्घटना दावा, घरेलू हिंसा, चेक बाउंस, वाणिज्यिक और सेवा विवाद, शमनीय आपराधिक मामले, उपभोक्ता विवाद, ऋण वसूली, बंटवारा, बेदखली और भूमि अधिग्रहण जैसे मामले शामिल हैं।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सिविल जज शाम्भवी ने बताया कि पक्षकार अपने लंबित मामलों को मध्यस्थता में भेजने के लिए संबंधित न्यायालय से अनुरोध कर सकते हैं।
तहसील और जनपद स्तर के मामलों के लिए मध्यस्थता की कार्रवाई सप्ताह के सातों दिन प्राधिकरण में होगी। यह प्रक्रिया प्रशिक्षित मध्यस्थों द्वारा ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से कराई जाएगी।
सफल मध्यस्थता पर दोनों पक्षों की सहमति से न्यायालय में वाद का निस्तारण किया जाएगा। इस पहल से अदालतों में लंबित मामलों में कमी आने की उम्मीद है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रतापगढ़ में मध्यस्थता अभियान 3.0 क्या है?
यह एक अभियान है जिसके तहत अदालतों में लंबित विवादों को बातचीत और आपसी सहमति के जरिए सुलझाया जाता है। इसे उच्च न्यायालय मध्यस्थता एवं सुलह केंद्र और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण चला रहे हैं।
मध्यस्थता में कौन-कौन से मामलों का समाधान किया जा सकता है?
इसमें वैवाहिक विवाद, दुर्घटना दावा, घरेलू हिंसा, चेक बाउंस, वाणिज्यिक विवाद, उपभोक्ता विवाद, ऋण वसूली, बंटवारा, बेदखली और भूमि अधिग्रहण जैसे मामले शामिल हैं।
अगर मेरा मामला अदालत में लंबित है, तो मैं मध्यस्थता के लिए कैसे आवेदन कर सकता हूँ?
आप अपने मामले को मध्यस्थता में भेजने के लिए संबंधित न्यायालय से अनुरोध कर सकते हैं।
मध्यस्थता की प्रक्रिया कैसे होती है?
प्रशिक्षित मध्यस्थ ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से पक्षों के बीच बातचीत कराते हैं। सप्ताह के सातों दिन यह सेवा उपलब्ध रहती है। जब दोनों पक्ष सहमत हो जाते हैं, तो न्यायालय में वाद का निस्तारण कर दिया जाता है।
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