हाथरस में बालश्रम में लगे तीन बच्चे रेस्क्यू, तीन दुकानदारों पर कार्रवाई
हाथरस में बालश्रम और बाल भिक्षावृत्ति की रोकथाम के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत तीन बच्चों को रेस्क्यू कराया गया।
हाथरस में बालश्रम और बाल भिक्षावृत्ति की रोकथाम के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत तीन बच्चों को रेस्क्यू कराया गया। बच्चों को जरूरी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। वहीं, नियमों का उल्लंघन करने के मामले में तीन दुकानदारों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की गई।
यह कार्रवाई गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026 को थाना एएचटी (एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट) की पुलिस टीम और श्रम प्रवर्तन विभाग ने संयुक्त रूप से की। अभियान के दौरान टीम ने अलग-अलग दुकानों के आसपास जांच की और बालश्रम में संलिप्त पाए गए तीन बच्चों को रेस्क्यू किया।
पुलिस अधीक्षक हाथरस चिरंजीव नाथ सिन्हा के निर्देशन और अपर पुलिस अधीक्षक के पर्यवेक्षण में यह अभियान चलाया गया। कार्रवाई थाना एएचटी के प्रभारी निरीक्षक रवि भूषण शर्मा के नेतृत्व में की गई।
इस संयुक्त अभियान में पुलिस टीम के साथ श्रम प्रवर्तन विभाग के सत्येंद्र मिश्रा और कर्मचारी प्रेम सिंह भी शामिल रहे। टीम ने कोतवाली नगर क्षेत्र में अलग-अलग स्थानों पर पहुंचकर दुकानों के आसपास अभियान चलाया।
संयुक्त टीम ने सासनी गेट चौराहा, कमला बाजार, रामलीला ग्राउंड और मेंडू रोड सहित विभिन्न स्थानों पर कार्रवाई की। इस दौरान बच्चों से जुड़े मामलों की जांच की गई। बालश्रम में लगाए गए तीन बच्चों को रेस्क्यू करने के बाद आवश्यक प्रक्रिया पूरी की गई और उन्हें उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
कार्रवाई के दौरान नियमों का उल्लंघन करने वाले संबंधित तीन दुकानदारों के खिलाफ भी आवश्यक विधिक कार्रवाई की गई। पुलिस और श्रम प्रवर्तन विभाग ने अभियान के दौरान बालश्रम और बाल भिक्षावृत्ति से जुड़े मामलों को लेकर लोगों को जागरूक किया।
संयुक्त टीम ने आमजन को बताया कि बच्चों से मजदूरी नहीं करानी चाहिए। लोगों से यह भी अपील की गई कि बच्चों को भिक्षावृत्ति के लिए मजबूर न करें। टीम ने बालश्रम और बाल भिक्षावृत्ति से होने वाले दुष्परिणामों के बारे में भी जानकारी दी।
इसके साथ ही लोगों को शासन की विभिन्न हेल्पलाइन सेवाओं की जानकारी दी गई। जरूरत पड़ने पर इन हेल्पलाइन सेवाओं का इस्तेमाल करने के लिए भी लोगों को जागरूक किया गया।
पुलिस ने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य बच्चों को शोषण से बचाना, उनके अधिकारों की रक्षा करना और उन्हें सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना है। पुलिस के मुताबिक, बालश्रम और बाल भिक्षावृत्ति की रोकथाम के लिए इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
हाथरस में कितने बच्चों को रेस्क्यू किया गया?
बालश्रम में लगे तीन बच्चों को रेस्क्यू किया गया। जरूरी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उन्हें उनके परिजनों को सौंप दिया गया।
बच्चों को कहां से रेस्क्यू किया गया?
कोतवाली नगर क्षेत्र में सासनी गेट चौराहा, कमला बाजार, रामलीला ग्राउंड और मेंडू रोड समेत अलग-अलग जगहों पर जांच के दौरान बच्चों को रेस्क्यू किया गया।
कितने दुकानदारों पर कार्रवाई हुई?
नियमों का उल्लंघन करने वाले तीन दुकानदारों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई।
यह अभियान कब और किसने चलाया?
यह अभियान 29 अक्टूबर 2026 को थाना एएचटी की पुलिस टीम और श्रम प्रवर्तन विभाग ने संयुक्त रूप से चलाया।
अभियान का उद्देश्य क्या था?
अभियान का उद्देश्य बच्चों को शोषण से बचाना, उनके अधिकारों की रक्षा करना और बालश्रम व बाल भिक्षावृत्ति पर रोक लगाना था।
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