हाथरस में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुटा जिला प्रशासन
हाथरस, 31 अक्टूबर 2026। आगामी विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2027 को स्वतंत्र, निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियों का आगाज कर दिया है।
हाथरस, 31 अक्टूबर 2026। आगामी विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2027 को स्वतंत्र, निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियों का आगाज कर दिया है। शनिवार को पुलिस लाइन स्थित ऑडिटोरियम में प्रशासन और पुलिस विभाग के नामित सेक्टर और जोनल मजिस्ट्रेटों की बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता जिला निर्वाचन अधिकारी सत्य प्रकाश पटेल ने की।
बैठक में सेक्टर और जोनल मजिस्ट्रेटों को अपने-अपने क्षेत्रों का भ्रमण करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों से कहा गया कि वे मतदान केंद्रों की स्थिति, मतदाता सूची, कानून-व्यवस्था और संवेदनशील स्थलों का मौके पर जाकर आकलन करें। तैयारियों के दौरान जो भी कमी या समस्या सामने आए, उसे चिह्नित कर समय से दूर कराने की कार्रवाई की जाए।
जिला निर्वाचन अधिकारी सत्य प्रकाश पटेल ने कहा कि यह बैठक विधानसभा निर्वाचन-2027 की तैयारियों का आगाज है। उन्होंने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया को सफलतापूर्वक संपन्न कराने में सेक्टर मजिस्ट्रेट और सेक्टर पुलिस अधिकारी की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है। दोनों स्तर के अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र की वास्तविक स्थिति की जानकारी रखनी होगी और उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई करनी होगी।
उन्होंने निर्वाचन तैयारियों के चार प्रमुख बिंदुओं पर विशेष जोर दिया। इनमें मतदान केंद्रों की भौतिक स्थिति, मतदाता सूची का परीक्षण, निर्वाचन प्रबंधन और कानून-व्यवस्था का प्रभावी प्रबंधन शामिल है। जिला निर्वाचन अधिकारी ने अधिकारियों से कहा कि इन सभी बिंदुओं पर लगातार ध्यान दिया जाए और क्षेत्र भ्रमण के दौरान मिली जानकारी को व्यवस्थित तरीके से दर्ज किया जाए।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने सभी सेक्टर मजिस्ट्रेटों को अपने आवंटित क्षेत्रों में जाकर मतदान केंद्रों का भौतिक सत्यापन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मतदान केंद्रों तक पहुंचने वाले रास्तों और सड़कों की स्थिति की जांच की जाए। इसके साथ ही पुलियों, भवनों, बिजली, पेयजल, शौचालय, रैंप, दरवाजों और खिड़कियों सहित सभी जरूरी सुविधाओं को भी देखा जाए।
मतदान केंद्रों पर उपलब्ध सुविधाओं की स्थिति का आकलन केवल कागजों पर नहीं किया जाना है। अधिकारियों को मौके पर जाकर यह देखना होगा कि केंद्र तक पहुंचने का रास्ता, भवन और दूसरी जरूरी व्यवस्थाएं ठीक हैं या नहीं। जहां भी कोई कमी मिले, उसे चिह्नित कर समय से दूर कराने की कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाने पर भी जोर दिया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके युवाओं, महिलाओं और अन्य पात्र नागरिकों के नाम मतदाता सूची में शामिल कराने के लिए प्रभावी प्रयास किए जाएं। उन्होंने कहा कि सूची में मौजूद किसी भी तरह की त्रुटि को चिह्नित किया जाए और उसका नियमानुसार निराकरण कराया जाए।
विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण अभियान के तहत 21, 22, 27 और 28 नवंबर को निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार बूथों पर बीएलओ की उपस्थिति रहेगी। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि इस दौरान पात्र मतदाताओं के नाम जोड़ने की प्रक्रिया और अपात्र प्रविष्टियों के नियमानुसार निराकरण पर निगरानी रखें। मतदाता सूची से संबंधित काम को तय प्रक्रिया के अनुसार पूरा कराने पर भी जोर दिया गया।
बैठक में ईपी रेशियो और जेंडर रेशियो में सुधार के लिए भी प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों से कहा गया कि मतदाता सूची की जांच और पुनरीक्षण के दौरान इन दोनों बिंदुओं पर भी ध्यान रखा जाए। पात्र मतदाताओं के नाम शामिल कराने और सूची में मौजूद गलत प्रविष्टियों के नियमानुसार निराकरण की प्रक्रिया को निगरानी में पूरा किया जाए।
संवेदनशील और क्रिटिकल मतदान केंद्रों की पहचान को लेकर भी बैठक में विस्तार से निर्देश दिए गए। जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि सेक्टर मजिस्ट्रेट और सेक्टर पुलिस अधिकारी पिछले चुनावों के दौरान हुई घटनाओं और विवादों का आकलन करें। इसमें मतदान बहिष्कार, धनबल और बाहुबल के इस्तेमाल, अवैध शराब के वितरण तथा मतदाताओं को धमकाने या प्रलोभन देने जैसी घटनाओं को भी शामिल किया जाए।
अधिकारियों को पहले से चिह्नित संवेदनशील एवं क्रिटिकल मतदान केंद्रों की समीक्षा करने को कहा गया। साथ ही वर्तमान परिस्थितियों के आधार पर नए संवेदनशील स्थलों की भी पहचान की जाए। इस काम के दौरान पिछले चुनावों से जुड़ी जानकारी और क्षेत्र में सामने आने वाली मौजूदा परिस्थितियों को ध्यान में रखने के निर्देश दिए गए।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि मतदाताओं में भय पैदा करने वाले व्यक्तियों और प्रभावित होने वाले परिवारों को चिह्नित किया जाए। ऐसे मामलों में आवश्यक निरोधात्मक कार्रवाई प्रस्तावित करने को कहा गया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि क्षेत्र से मिलने वाली सूचनाओं का आकलन कर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाए।
जोनल मजिस्ट्रेटों को अपने अधीनस्थ सेक्टर मजिस्ट्रेटों के साथ नियमित रूप से भौतिक और ऑनलाइन बैठकें करने के निर्देश दिए गए। इन बैठकों में निर्वाचन तैयारियों की समीक्षा की जाएगी। क्षेत्र भ्रमण, मतदान केंद्रों की स्थिति, मतदाता सूची, संवेदनशील स्थल और कानून-व्यवस्था से जुड़ी जानकारी की नियमित समीक्षा करने को कहा गया।
गांवों में निर्वाचन से संबंधित सटीक सूचनाएं जुटाने के लिए स्थानीय स्तर पर काम करने वाले कर्मचारियों का सहयोग लेने के निर्देश दिए गए। इसके लिए लेखपाल, ग्राम विकास अधिकारी, ग्राम पंचायत अधिकारी, आशा, एएनएम तथा कृषि एवं पशुपालन विभाग के कर्मचारियों के साथ समन्वय स्थापित करने को कहा गया। इन कर्मचारियों से मिलने वाली जानकारी को निर्वाचन तैयारियों से जुड़े आकलन में शामिल किया जाएगा।
पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा ने कहा कि सेक्टर मजिस्ट्रेट और सेक्टर पुलिस अधिकारी अपने दायित्वों का निर्वहन केवल औपचारिकता के रूप में न करें। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे क्षेत्र में जाएं, स्थानीय नागरिकों से संवाद स्थापित करें और वास्तविक स्थिति का आकलन करें। एसपी ने स्पष्ट किया कि क्षेत्र की सही जानकारी के लिए मौके पर जाकर लोगों से बातचीत करना जरूरी है।
पुलिस अधीक्षक ने वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव और वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव से जुड़े आंकड़ों का वर्तमान परिस्थितियों के अनुसार सत्यापन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पुराने चुनावों से जुड़े आंकड़ों और क्षेत्र की मौजूदा परिस्थितियों को ध्यान में रखकर तैयारियों की समीक्षा की जाए। यह जानकारी संवेदनशील और क्रिटिकल स्थलों की पहचान में भी उपयोगी होगी।
एसपी ने वल्नरेबिलिटी मैपिंग को लेकर भी अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इसके तहत सबसे पहले उन मतदाताओं को चिह्नित किया जाए, जो किसी व्यक्ति या समूह के प्रभाव के कारण भयभीत हो सकते हैं। इसके बाद भय उत्पन्न करने वाले व्यक्तियों और भय के कारणों की पहचान की जाए। संबंधित लोगों के विरुद्ध नियमानुसार प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए भी निर्देश दिए गए।
उन्होंने ग्राम चौकीदार, बीट कांस्टेबल, कोटेदार, आशा और एएनएम सहित स्थानीय स्तर पर कार्यरत कर्मचारियों के साथ समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया। एसपी ने कहा कि इन कर्मचारियों के माध्यम से सही सूचनाएं प्राप्त की जाएं। क्षेत्र की स्थिति से जुड़ी जानकारी जुटाने और उसका सत्यापन करने के लिए स्थानीय स्तर पर समन्वय बनाए रखना जरूरी है।
पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा ने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया को भयमुक्त वातावरण में संपन्न कराने के लिए प्रशासन और पुलिस को आपसी समन्वय के साथ काम करना होगा। उन्होंने सेक्टर मजिस्ट्रेट और सेक्टर पुलिस अधिकारियों से अपने-अपने दायित्वों को गंभीरता से निभाने और क्षेत्र से मिलने वाली सूचनाओं के आधार पर कार्रवाई करने को कहा।
बैठक में उप जिला निर्वाचन अधिकारी एवं अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) तथा अपर पुलिस अधीक्षक ने सेक्टर और जोनल मजिस्ट्रेटों को निर्वाचन के दौरान प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों के उत्तरदायित्वों, कार्यप्रणाली और जिम्मेदारियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। अधिकारियों को बताया गया कि निर्वाचन से जुड़ी तैयारियों में प्रशासनिक और पुलिस स्तर पर तय जिम्मेदारियों के अनुसार काम किया जाए।
इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी, प्रभागीय वनाधिकारी, जिला विकास अधिकारी, अपर जिलाधिकारी न्यायिक, समस्त उप जिलाधिकारी, समस्त क्षेत्राधिकारी पुलिस तथा नामित सेक्टर एवं जोनल मजिस्ट्रेट उपस्थित रहे। बैठक में मतदान केंद्रों की व्यवस्थाओं, मतदाता सूची, संवेदनशील एवं क्रिटिकल बूथों और कानून-व्यवस्था से जुड़े सभी प्रमुख बिंदुओं पर तैयारियों को आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
हाथरस में विधानसभा चुनाव-2027 की तैयारियों का आगाज कैसे हुआ?
पुलिस लाइन के ऑडिटोरियम में प्रशासन और पुलिस विभाग के सेक्टर व जोनल मजिस्ट्रेटों की बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता जिला निर्वाचन अधिकारी सत्य प्रकाश पटेल ने की।
सेक्टर और जोनल मजिस्ट्रेटों को क्या निर्देश दिए गए?
उन्हें अपने क्षेत्रों का दौरा कर मतदान केंद्रों, मतदाता सूची, कानून-व्यवस्था और संवेदनशील स्थानों की स्थिति जांचने को कहा गया।
मतदान केंद्रों के भौतिक सत्यापन में क्या-क्या देखा जाएगा?
रास्तों और सड़कों के साथ पुलिया, भवन, बिजली, पेयजल, शौचालय, रैंप, दरवाजे और खिड़कियों की स्थिति जांची जाएगी।
मतदाता सूची को लेकर प्रशासन ने क्या निर्देश दिए?
18 साल की उम्र पूरी कर चुके युवाओं, महिलाओं और अन्य पात्र नागरिकों के नाम सूची में जोड़ने और गलत प्रविष्टियों का नियमानुसार सुधार कराने के निर्देश दिए गए।
नवंबर में बूथों पर बीएलओ कब मौजूद रहेंगे?
विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण अभियान के तहत 21, 22, 27 और 28 नवंबर को तय कार्यक्रम के अनुसार बूथों पर बीएलओ मौजूद रहेंगे।
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