दीपावली पर कार्बाइड गन पर रोक, ग्वालियर पुलिस ने बनाया एक्शन प्लान
दीपावली पर कार्बाइड गन चलाने वालों पर ग्वालियर पुलिस सख्त कार्रवाई की तैयारी कर रही है।
दीपावली पर कार्बाइड गन चलाने वालों पर ग्वालियर पुलिस सख्त कार्रवाई की तैयारी कर रही है। कार्बाइड गन के निर्माण, खरीद और बिक्री पर रोक लगाने के लिए पुलिस ने निगरानी बढ़ाने का एक्शन प्लान तैयार किया है। पुलिस की नजर उन लोगों और कारोबारियों पर रहेगी, जो कार्बाइड गन बनाने, बेचने या खरीदने से जुड़े हो सकते हैं।
यह कार्रवाई मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशों के बाद शुरू की जा रही है। मुख्यमंत्री ने बीते रोज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी जिलों के कलेक्टर और एसपी की बैठक ली थी। इस बैठक में दीपावली के दौरान कार्बाइड गन के निर्माण, क्रय और विक्रय पर रोकथाम के निर्देश दिए गए थे।
निर्देश मिलने के बाद ग्वालियर पुलिस और प्रशासन सक्रिय हो गए हैं। एसएसपी धर्मवीर सिंह ने अधीनस्थ अधिकारियों की बैठक लेकर मुख्यमंत्री के आदेशों का हर हाल में पालन कराने को कहा। उन्होंने कार्बाइड गन के अवैध कारोबार पर प्रभावी कार्रवाई करने और इससे जुड़ी गतिविधियों पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए।
एसपी धर्मवीर सिंह की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में पुलिस की अलग-अलग शाखाओं के अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में क्राइम ब्रांच, साइबर सेल, सीआईडी, डीएसबी और एसबी के अधिकारी शामिल हुए। इन अधिकारियों को कार्बाइड गन के निर्माण और बिक्री से जुड़े संभावित ठिकानों की निगरानी करने की जिम्मेदारी दी गई है।
पुलिस की विशेष नजर वेल्डिंग की दुकानों पर रहेगी। इसके अलावा हार्डवेयर कारोबारियों, पटाखों की थोक मार्केट, केमिकल सप्लायर्स और प्लास्टिक व लोहे के पाइप बेचने वालों पर भी निगरानी रखी जाएगी। पुलिस ऐसे संदिग्ध लेन-देन और गतिविधियों को देखेगी, जिनका इस्तेमाल कार्बाइड गन बनाने में किया जा सकता है।
पुलिस के मुताबिक, कार्बाइड गन बनाने के लिए अलग-अलग सामान और केमिकल का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसी वजह से वेल्डिंग की दुकानों से लेकर पटाखा बाजार और पाइप बेचने वाले कारोबारियों तक निगरानी बढ़ाई जा रही है। पुलिस इन कारोबारों से जुड़ी ऐसी गतिविधियों पर कार्रवाई करेगी, जो कार्बाइड गन के निर्माण, खरीद या बिक्री से संबंधित पाई जाएंगी।
एसपी धर्मवीर सिंह ने शहरवासियों से कार्बाइड गन का इस्तेमाल नहीं करने की अपील की है। उन्होंने बताया कि कार्बाइड गन से निकलने वाली एसिटिलीन गैस और इसके इस्तेमाल के दौरान होने वाला विस्फोट आंखों के लिए बेहद खतरनाक हो सकता है। इससे आंखों को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है।
पुलिस ने कहा है कि दीपावली के उत्साह में ऐसे खतरनाक उपकरणों का इस्तेमाल किसी की जिंदगी और आंखों की रोशनी पर भारी पड़ सकता है। कार्बाइड गन के इस्तेमाल से हादसा होने का खतरा बना रहता है। इसी वजह से पुलिस निर्माण से लेकर खरीद-बिक्री और इस्तेमाल तक की गतिविधियों को रोकने पर जोर दे रही है।
ग्वालियर पुलिस ने आम नागरिकों से भी सहयोग की अपील की है। पुलिस ने कहा है कि अगर किसी को कहीं कार्बाइड गन बनाने, बेचने या खरीदने की जानकारी मिलती है, तो वह पुलिस को इसकी सूचना दे। पुलिस ऐसी सूचनाओं के आधार पर संबंधित लोगों और गतिविधियों की जांच करेगी।
पुलिस जल्द ही ऐसी सूचनाएं साझा करने के लिए एक व्हाट्सऐप नंबर जारी करेगी। इस नंबर के जरिए लोग कार्बाइड गन के निर्माण और बिक्री से जुड़ी जानकारी पुलिस तक पहुंचा सकेंगे। पुलिस के मुताबिक, सूचना देने वालों की पहचान गोपनीय रखी जाएगी। इससे लोग बिना अपनी पहचान सार्वजनिक किए पुलिस को जानकारी दे सकेंगे।
पिछली दिवाली में कार्बाइड गन के इस्तेमाल से 18 से ज्यादा लोगों की आंखों को नुकसान पहुंचा था। इसके अलावा पिछले साल दीपावली के दौरान डेढ़ दर्जन से अधिक लोगों की आंखों को नुकसान पहुंचने के मामले सामने आए थे। इन घटनाओं ने कार्बाइड गन के इस्तेमाल पर गंभीर सवाल खड़े किए थे।
पिछले साल सामने आए मामलों को देखते हुए ग्वालियर पुलिस इस बार पहले से सतर्क है। पुलिस का ध्यान सिर्फ कार्बाइड गन चलाने वालों पर नहीं, बल्कि इसके निर्माण और बिक्री से जुड़ी पूरी कड़ी पर रहेगा। वेल्डिंग की दुकानों, हार्डवेयर कारोबारियों, पटाखों की थोक मार्केट, केमिकल सप्लायर्स और प्लास्टिक व लोहे के पाइप बेचने वालों से जुड़ी संदिग्ध गतिविधियों की भी जांच की जाएगी।
पुलिस का संदेश साफ है कि दीपावली खुशियों का त्योहार है। आंखों की रोशनी छीनने वाले खतरनाक प्रयोगों के लिए इसमें कोई जगह नहीं है। पुलिस ने लोगों से कार्बाइड गन का इस्तेमाल नहीं करने और इसके निर्माण, खरीद या बिक्री की जानकारी मिलने पर सूचना देने की अपील की है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
दीपावली पर ग्वालियर पुलिस कार्बाइड गन के खिलाफ क्या कार्रवाई करेगी?
पुलिस कार्बाइड गन के निर्माण, खरीद और बिक्री पर रोक लगाने के लिए निगरानी बढ़ाएगी और संबंधित लोगों पर कार्रवाई करेगी।
कार्बाइड गन पर कार्रवाई के निर्देश किसने दिए हैं?
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सभी जिलों के कलेक्टर और एसपी को कार्बाइड गन पर रोक लगाने के निर्देश दिए हैं।
पुलिस किन जगहों पर निगरानी रखेगी?
पुलिस वेल्डिंग की दुकानों, हार्डवेयर कारोबारियों, पटाखों की थोक मार्केट, केमिकल सप्लायर्स और प्लास्टिक व लोहे के पाइप बेचने वालों पर नजर रखेगी।
कार्बाइड गन से क्या खतरा हो सकता है?
कार्बाइड गन से निकलने वाली एसिटिलीन गैस और विस्फोट आंखों को गंभीर नुकसान पहुंचा सकते हैं। इससे हादसे का खतरा भी रहता है।
कार्बाइड गन की जानकारी पुलिस को कैसे दी जा सकेगी?
पुलिस जल्द ही WhatsApp नंबर जारी करेगी। लोग इस नंबर पर कार्बाइड गन बनाने, बेचने या खरीदने की जानकारी दे सकेंगे और सूचना देने वालों की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
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